Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: फसल बीमा योजना के लिए बना रिकॉर्ड, अब किसानों के लिए मिला मौका
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकरण करवाने का रिकॉर्ड बना है। कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इस योजना का लाभ लेने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों के करीब पचास लाख किसानों ने महज एक दिन यानी 30 जुलाई को अपना पंजीकरण करवाया। यह पंजीकरण पिछले साल इसी दिन कराए गए पंजीकरण की तुलना में भी काफी ज्यादा है। फिलहाल इस साल पंजीकरण की अंतिम तिथि तक तीन करोड़ से ज्यादा किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। किसानों के इस उत्साह के चलते कृषि मंत्रालय ने देश के अलग-अलग राज्यों में बीमा पंजीकरण की तिथि को भी बढ़ा दिया है।
कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि लगातार फसल बीमा योजना के लिए किसान अपना हर साल पंजीकरण बढ़ाते जा रहे हैं। वजह है कि इस बार जिन राज्यों में अंतिम तिथि निकल गई है, उनको अब बढ़ाया गया है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दस राज्यों में पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, ओडिशा, असम, मेघालय, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गोवा, मणिपुर, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश शामिल हैं।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक मणिपुर, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में पंजीकरण की तिथि 16 अगस्त कर दी गई है। जबकि गोवा में 15 अगस्त तक किसान पंजीकरण करा सकते हैं। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पंजीकरण की तिथि 10 अगस्त है, जबकि असम, उड़ीसा में यह तिथि 5 अगस्त तय की गई है। मेघालय में सिर्फ अदरक की पैदावार करने वाले किसानों के लिए 7 अगस्त तक पंजीकरण की तिथि बढ़ाई गई है।
कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक 2023 की खरीफ फसल के लिए चल रहे पंजीकरण में राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर कई उपलब्धियां भी हासिल हुई हैं। पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक इस साल 30 जुलाई तक देश के अलग-अलग हिस्सों के तीन करोड़ से ज्यादा किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। जबकि महज एक दिन में किसानों की ओर से कराए गए पंजीकरण का पिछले साल की तुलना में रिकॉर्ड भी टूटा है। इस साल जहां या संख्या 30 जुलाई को 50 लाख के करीब पहुंची है। वहीं इससे एक दिन पहले कराए गए एक 41 लाख किसानों के पंजीकरण का भी रिकॉर्ड अगले दिन टूट गया।
कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक किसान फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को मौसम की विपरीत परिस्थितियों या कीट पतंगों से नुकसान होने की दशा में किसानों को फसल का बीमा मिलता है। बीते कुछ सालों में लगातार इसका लाभ किसानों को मिल रहा है। किसानों के लगातार मिल रहे इस समर्थन के चलते ही केंद्र सरकार ने पोर्टल पर बीमा का पंजीकरण कराने की तिथि भी आगे बढ़ाई है।