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फलदार पौधों की रोपाई के लिए बगीचे तैयार करें किसान-बागवान

Mon, 21 Oct 2019 11:06 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 21 Oct 2019 11:06 AM IST
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Expert advice for fruit plants farming in himachal pradesh
नौणी विवि के विभागाध्यक्ष डा. सतीश भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला

सर्दी के मौसम में किसान-बागवान विभिन्न फलदार पौधों की रोपाई का कार्य शुरू कर देते हैं। इसके लिए बागवानों को बारिश का इंतजार होता है। इस बार समय पर अच्छी बारिश हुई है। अब बागवान सेब, खुमानी, प्लम, नाशपाती और अखरोट की रोपाई के लिए गड्ढे बनाने का कार्य शुरू कर सकते हैं।

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नए बगीचे लगाने से पूर्व और बगीचों की तुड़ाई के बाद मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजें। नौणी विवि के विशेषज्ञों ने किसानों-बागवानों को सलाह दी है कि वर्षा से खेतों में अच्छी नमी है, जिसमें वे अब अपने खेतों और बगीचों की तैयारी कर सकते हैं।
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इसमें विभिन्न फलदार पौधों की रोपाई के लिए करीब तीन फुट गड्ढा खोदें और उसमें गोबर मिलाएं। बगीचे में गिरे फल-पत्तियों को एकत्रित कर गोबर के गड्डों में डालकर उन्हें नष्ट करें। इससेे दिसंबर और जनवरी से पौधों की रोपाई का कार्य भी शुरू हो जाएगा। इसके अलावा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की तुड़ाई का काम जारी रखें। अखरोट, पीकन नट, किवी, मौसमी तथा माल्टा की तुड़ाई आरंभ कर दें। - नौणी विवि के विभागाध्यक्ष डा. सतीश भारद्वाज
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पशुधन संबंधित कार्य
इस माह दिन-रात के तापमान में अंतर होने के कारण पशुओं में श्वास की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। पशुपालकों को रात के समय में पशुओं नवजात बछड़ों को कम तापमान से बचाव की सलाह दी है। नवजात और युवा पशुओं को रात के समय सूखी बोरियों से ढककर रखें। पशुओं के लिए बिछाए जाने वाले घास या भूस के बिछोने को प्रतिदिन बदल दें, जिससे गौशाला का फर्श साफ तथा सूखा रहे। पहाड़ों के कुछ क्षेत्रों में इस समय शहद का प्रवाह होता है तथा उसके अनुसार ही मौनवंशों का प्रबंध करें। मौनवंशों में सफाई का ध्यान रखें तथा तलपटों की विशेषरूप से सफाई करें।

आपके सवालों के जवाब
सवाल : सर्दी के मौसम लगाए जाने वाले फलदार पौधों की रोपाई कैसे की जानी चाहिए और गड्ढों को कितना गहरा खोदना चाहिए।
- जगदीश चौहान निवासी ग्राम पंचायत जौणाजी गांव बजनाल
जवाब : सर्दी के मौसम में फलदार सहित अन्य पौधों की रोपाई का कार्य किया जाता है। उक्त पौधों की रोपाई के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इसमें सेब, खुमानी, प्लम, नाशपती के पौधों की रोपाई के लिए करीब तीन फुट गहरा गड्ढा करना चाहिए। गड्ढे से निकली सबसे नीचे वाली मिट्टी की सतह को पौधा लगाने के बाद सबसे ऊपर वाली सतह में गोबर मिलाकर भरना चाहिए।


सवाल : सर्दियों के मौसम में कोहरा पड़ने के कारण नींबू, अमरूद और कटहल के पौधे जल जाते हैं। उक्त पौधों को कोहरे से कैसे बचाया जा सकता है।
- भूपेंद्र कंवर ग्राम पंचायत बडोग गांव सुल्लतानपुर जिला सोलन
जवाब : इस मौसम में नींबू, अमरूद, कटहल सहित अन्य पत्ते वाले सभी छोटे पौधों को कोहरे से नुकसान पहुंचता है। इसमें ऐसे क्षेत्र के किसान-बागवानों को उक्त पौधों को दिसंबर, जनवरी माह तक घास, बोरी से ढक कर रखना चाहिए। यदि पौधा बड़ा है और वह अच्छी ग्रोथ कर रहा है तो उसे ढकने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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