{"_id":"119-70848","slug":"Badaun-70848-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के साढ़े तीन सौ स्कूलों में पड़े ताले"}
जिले के साढ़े तीन सौ स्कूलों में पड़े ताले
Badaun
Updated Fri, 19 Jul 2013 05:32 AM IST
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अंतर्जनपदीय शिक्षकों के तबादलों से खड़ी हुई समस्या
-हाल-ए-बेसिक शिक्षा-
बदायूं। जिले में बेसिक शिक्षा बुरे दौर से गुजर रही है। एक ओर शासन जहां हर स्कूल में मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की बात कर रही है वहीं जिले में स्थिति बेहद खराब है। हाल ही में 453 शिक्षकों का अंदरजनपद को तबादलों पर चले जाने से और भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। विभाग के आंकड़े इस बात के गबाह हैं कि इस वक्त करीब साढ़े तीन सौ स्कूल शिक्षकों के अभाव में बंद पड़े हैं। हालांकि विभाग उन स्कूलों को खोलने के लिए पूरे प्रयास में है। शुक्रवार को 69 शिक्षकों की काउंसलिंग होगी। इन शिक्षकों को बंद स्कूलों में ही भेजा जाएगा।
अंदरजनपद तबादला नीति से शिक्षक-शिक्षिकाओं को भले ही लाभ मिला हो लेकिन जिले के लिए शासन की इस नीति ने परेशानी बड़ा दी है। यहां बता दें कि पूर्व में करीब 500 शिक्षक-शिक्षिकाओं का उनके मनचाहे जिलों में तबादला हुआ था। हाल ही में 453 शिक्षक-शिक्षिकाओं का और तबादला कर दिया गया। लिहाजा, इन शिक्षकों के रिलीव हो जाने के बाद से जिले में करीब 350 सौ प्राइमरी स्कूलों में ताले पड़े हैं। जिक्र कर दें कि जिले में इस वक्त 1822 प्राइमरी स्कूल हैं। सवाल उठ रहा है कि जिन स्कूलों में ताले पड़े हैं उनमें पंजीकृत बच्चों की पढ़ाई किस तरह हो पाएगी। कहा जा रहा है कि इस समय वो बच्चे घरों पर ही हैं। उनके भविष्य को लेकर उनके अभिभावक भी चिंतित हैं।
इधर, बंद स्कूलों को खोलने के लिए भी विभाग प्रयास में लगा है। सूत्र बताते हैं कि जिन स्कूलों में अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं उन्हें जल्द ही बंद स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। विभाग इसकी सूची भी तैयार कर रहा है। सूत्र यह भी कह रहे हैं कि इसी तरह जूनियर हाईस्कूलों से भी शिक्षकों को हटाया जाएगा। वहां बच्चों की संख्या के अनुसार ही शिक्षक रहेंगे। जहां पर सौ से कम बच्चे हैं वहां पर प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षकों को रखा जाएगा। बाकी को हटाया जाएगा। बताते हैं कि ऐसे स्कूलों से सीनियर शिक्षक को हटना पड़ सकता है। सौ से कम बच्चों वाले स्कूलों को चिंह्ति किया जा रहा है। इसकी सूची भी तैयार की जा रही है। बच्चों की संख्या समेत अन्य बिंदुओं पर सभी खंड शिक्षाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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इंसेट-
आज होगी 69 शिक्षकों की काउंसिलिंग
बीएसए कृपाशंकर वर्मा ने कहा कि वह इस प्रयास में है कि जितने भी बंद स्कूल हैं उनमें सुचारु तरीके से शिक्षण कार्य शुरु हो सके। इसके लिए शिक्षकों को तैनात किया जा रहा है। 19 जुलाई को विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त 69 शिक्षक-शिक्षिकाओं की काउंसिलिंग होगी। उन्हें बंद स्कूलों में ही तैनात किया जाएगा। जहां पर भी अधिक शिक्षक हैं उन्हें हटाया जाएगा।
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-हाल-ए-बेसिक शिक्षा-
बदायूं। जिले में बेसिक शिक्षा बुरे दौर से गुजर रही है। एक ओर शासन जहां हर स्कूल में मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की बात कर रही है वहीं जिले में स्थिति बेहद खराब है। हाल ही में 453 शिक्षकों का अंदरजनपद को तबादलों पर चले जाने से और भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। विभाग के आंकड़े इस बात के गबाह हैं कि इस वक्त करीब साढ़े तीन सौ स्कूल शिक्षकों के अभाव में बंद पड़े हैं। हालांकि विभाग उन स्कूलों को खोलने के लिए पूरे प्रयास में है। शुक्रवार को 69 शिक्षकों की काउंसलिंग होगी। इन शिक्षकों को बंद स्कूलों में ही भेजा जाएगा।
अंदरजनपद तबादला नीति से शिक्षक-शिक्षिकाओं को भले ही लाभ मिला हो लेकिन जिले के लिए शासन की इस नीति ने परेशानी बड़ा दी है। यहां बता दें कि पूर्व में करीब 500 शिक्षक-शिक्षिकाओं का उनके मनचाहे जिलों में तबादला हुआ था। हाल ही में 453 शिक्षक-शिक्षिकाओं का और तबादला कर दिया गया। लिहाजा, इन शिक्षकों के रिलीव हो जाने के बाद से जिले में करीब 350 सौ प्राइमरी स्कूलों में ताले पड़े हैं। जिक्र कर दें कि जिले में इस वक्त 1822 प्राइमरी स्कूल हैं। सवाल उठ रहा है कि जिन स्कूलों में ताले पड़े हैं उनमें पंजीकृत बच्चों की पढ़ाई किस तरह हो पाएगी। कहा जा रहा है कि इस समय वो बच्चे घरों पर ही हैं। उनके भविष्य को लेकर उनके अभिभावक भी चिंतित हैं।
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इधर, बंद स्कूलों को खोलने के लिए भी विभाग प्रयास में लगा है। सूत्र बताते हैं कि जिन स्कूलों में अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं उन्हें जल्द ही बंद स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। विभाग इसकी सूची भी तैयार कर रहा है। सूत्र यह भी कह रहे हैं कि इसी तरह जूनियर हाईस्कूलों से भी शिक्षकों को हटाया जाएगा। वहां बच्चों की संख्या के अनुसार ही शिक्षक रहेंगे। जहां पर सौ से कम बच्चे हैं वहां पर प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षकों को रखा जाएगा। बाकी को हटाया जाएगा। बताते हैं कि ऐसे स्कूलों से सीनियर शिक्षक को हटना पड़ सकता है। सौ से कम बच्चों वाले स्कूलों को चिंह्ति किया जा रहा है। इसकी सूची भी तैयार की जा रही है। बच्चों की संख्या समेत अन्य बिंदुओं पर सभी खंड शिक्षाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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आज होगी 69 शिक्षकों की काउंसिलिंग
बीएसए कृपाशंकर वर्मा ने कहा कि वह इस प्रयास में है कि जितने भी बंद स्कूल हैं उनमें सुचारु तरीके से शिक्षण कार्य शुरु हो सके। इसके लिए शिक्षकों को तैनात किया जा रहा है। 19 जुलाई को विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त 69 शिक्षक-शिक्षिकाओं की काउंसिलिंग होगी। उन्हें बंद स्कूलों में ही तैनात किया जाएगा। जहां पर भी अधिक शिक्षक हैं उन्हें हटाया जाएगा।