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कन्या भ्रूण हत्या की जांच रिपोर्ट डीएम ने मांगी

Badaun Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
बदायूं। शहर के गुप्ता नर्सिंग होम तथा मैटरनिटी होम पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के पड़े छापे के बाद जांच अधिकारी रिपोर्ट दबाए बैठे हैं। दूसरे दिन भी डीएम तक रिपोर्ट न पहुंची तो उन्होंने सीएमओ को फोन पर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। जांच के दौरान जो आरोपी मिले लोगों पर प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीपीएनडीटी)के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए। इससे अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। बताया जाता है कि जांच को गई टीम ने आनन-फानन में तैयार की गई रिपोर्ट शाम को सीएमओ को सौंपी। इस जांच रिपोर्ट में फार्म एफ का जिक्र किया गया है, जो नर्सिंग होम में अपूर्ण मिले हैं। इसमें अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों के नाम, पता, मोबाइल नंबर, जांच क्यों कराई आदि बिंदुओं का उल्लेख होता है।
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विदित हो कि एडवोकेट गजेंद्र प्रताप सिंह ने शहर के गुप्ता नर्सिंग होम तथा मैटरनिटी होम की संचालक डॉ. सुनीति गुप्ता, डॉ. सुरेश चंद्र गुप्ता और डॉ. रितुज चंद्रा पर कन्या भ्रूण हत्या का वाद सीजेएम की अदालत में दायर कराया था। अमर उजाला ने इस मामले का पर्दाफाश किया तो स्वास्थ्य महकमे की कुंभकर्णी नींद खुली और मंगलवार को नर्सिंग होम पर छापा डाला। जांच रिपोर्ट सीएमओ को देनी थी, लेकिन टीम ने बुधवार को भी रिपोर्ट नहीं दी।
डीएम मयूर माहेश्वरी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह को जांच रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए। इसके अलावा मामले में दोषी मिले लोगों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि आरोपी नहीं बच पाएंगे। आदेश मिलने के बाद जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ को सौंप दी है। बताया जाता है कि स्वास्थ्य महकमे के भी कुछ अधिकारी इस खेल में शामिल हैं। इसलिए मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। वादी बने एडवोकेट गजेंद्र प्रताप सिंह को महकमा आश्वासन देकर टाल रहा है। एडवोकेट का कहना है कि विभाग ही अपनी जिम्मेदारी सही निभाता तो पूर्व में दी गई दो शिकायतों की जांच होती, लेकिन मामला दबा दिया गया।
सीएमओ का कहना है कि फार्म एफ टीम को अपूर्ण मिला है। बृहस्पतिवार को आरोपी चिकित्सकों को नोटिस जारी कर तलब किया जाएगा। उनके जवाब के बाद कार्रवाई होगी।
इंसेट----
वादी एडवोकेट गजेंद्र ने डीएम को सौंपी सीडी
वादी एडवोकेट गजेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को डीएम से मिलकर पूरे मामले की जानकारी लिखित में दी। साक्ष्य के रुप में वह सीडी भी प्रस्तुत की जिसमें आरोपी चिकित्सकों द्वारा अल्ट्रासाउंड किया हुआ दर्शाया गया है। उन्होंने डीएम को दिए पत्र में कहा है कि तीनों चिकित्सक कन्या भ्रूण हत्या के मामले में लिप्त हैं। साक्ष्य सहित सीएमओ परिवार कल्याण समेत कई अधिकारियों को मामला अवगत कराया गया, लेकिन चिकित्सकों के धनाड्य रुतबे और ऊंची राजनीतिक पहुंच के कारण उनके खिलाफ प्रशासन कार्रवाई नहीं कर सका। इसलिए मजबूर होकर कोर्ट की शरण ली। उन्होंने कहा है कि चिकित्सकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र निरस्त कर और नर्सिंग होम को प्रथम दृष्टया सील करने के आदेश पारित किए जाएं।

कन्या भ्रूण हत्या के मामले में दोनों पक्ष दोषी हैं। एक तो लिंग जांच कराने वाला और दूसरा जांच करने वाले। साक्ष्य के आधार पर प्राप्त सीडी की जांच रिपोर्ट सीएमओ देंगे। उसके बाद अधिनियम के तहत दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे।-मयूर माहेश्वरी,डीएम
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कन्या भ्रूण हत्या में लिप्त लोगों को मिले कड़ी सजा
भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ की बैठक में पदाधिकारियों और वकीलों ने कहा, वादी एडवोकेट गजेंद्र ने किया अच्छा काम
सिटी रिपोर्टर
बदायूं। कन्या भ्रूण हत्या के मामले में वादी एडवोकेट गजेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन में भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के पदाधिकारी और वकील खड़े हो गए हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि एडवोकेट ने जिस मामले का खुलासा किया है वह सराहनीय कार्य है। इस दौरान गुप्ता नर्सिंग होम पर हुए इस कृत्य की निंदा की गई।
प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष एडवोकेट सुभाष शर्मा के आवास पर हुई बैठक में श्री शर्मा ने कहा कि गुप्ता नर्सिंग होम पर कन्या भ्रूण हत्या का जघन्य अपराध डॉ. सुनीति गुप्ता, डॉ. सुरेश चंद्र गुप्ता और डॉ. रितुज चंद्रा द्वारा किया जा रहा था। इन लोगों के खिलाफ न्यायालय में एडवोकेट गजेंद्र प्रताप सिंह ने केस दायर करके आगे से होने वाले कन्या भ्रूण हत्या को रोकने का सराहनीय काम किया है। हम चाहते हैं कि इन जघन्य अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। जिससेे आगे से यह कृत्य कोई न कर सके। एडवोकेट गजेंद्र को बार एसोसिएशन की ओर से सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किए जाने का प्रयास करेंगे। समाजसेवी सतीश गुप्ता ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या का यह मामला निंदनीय है। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
इस मौके पर वकीलों में प्रदीप सक्सेना, पंकज शर्मा, गोपाल शर्मा, दुर्गेश, अरविंद शर्मा, अमित वर्मा, हरीशंकर, रामविलास, अतुल, शनि वर्मा, शानू शर्मा, प्रमोद गुप्ता, अनोखेलाल, अनमोल मिश्रा आदि रहे।

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