Tech Tips: एंटीवायरस प्रोग्राम से सेफ रहेगा कंप्यूटर? वायरस से बचाव के लिए जान लीजिए ये टिप्स
आज के समय में कंप्यूटर को किसी भी वायरस से बचाना एक बड़ी चुनौती है। कंप्यूटर में ऑफिस से लेकर पर्सनल और फाइनेंशियल डेटा भी होता है। ऐसे में जानिए किस तरह से कंप्यूटर को खतरनाक वायरस से बचा सकते हैं।

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अगर आप कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं तो आज के समय में इनकी भूमिका काफी बड़ी हो जाती है। लैपटॉप या कंप्यूटर में अक्सर ऑफिस का महत्वपूर्ण डेटा और कई अहम जानकारी मौजूद होती है। कंप्यूटर में वर्कप्लेस डेटा के साथ पर्सनल और वित्तीय जानकारी भी होते है। टेक बाजार में कई मैलवेयर और वायरस हैं, जो सिस्टम में मौजूद डेटा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में सारा डेटा चोरी हो सकता है. या फिर लीक हो सकता है। ऐसे में इसकी सेफ्टी काफी जरूरी हो जाती है।
लैपटॉप और कंप्यूटर की सेफ्टी के लिए एंटीवायरस प्रोग्राम काफी अहम हो जाता है। आगे जानिए यह कैसे काम करता है और किस तरह से सिस्टम को खतरनाक मैलवेयर और वायरस से बचाता है। कंप्यूटर के डेटा को सेफ करने के लिए एंटीवायरस प्रोग्राम एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इस तकनीक की वजह से सिस्टम में किसी भी मैलवेयर और वायरस की पहचान और उससे बचाव की सुविधा मिलती है। एंटीवायरस प्रोग्राम सही ढंग से काम करे, इसके लिए जरूरी है कि इनके सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट किया जाए।
सिस्टम को वायरस से बचाने के लिए डिवाइस में हमेशा एक भरोसेमंद वेबसाइट से ही किसी भी एप को इंस्टाल करें। किसी भी एप को गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से ही डाउनलोड करें। अगर किसी अन्य प्लेटफॉर्म से कोई एप डाउनलोड करेंगे तो उसके साथ कोई खतरनाक वायरस भी डिवाइस में प्रवेश कर सकता है।कंप्यूटर और लैपटॉप में किसी भरोसेमंद वेबसाइट से एप डाउनलोड करने से पहले उसे वेरिफाई करें। इसके लिए उस एप के रिव्यू का सहारा ले सकते हैं। इसके साथ ही एप की रेटिंग की मदद ले सकते हैं। अगर रिव्यू में कुछ भी गलत लगता है तो उस एप को डिवाइस में डाउनलोड करने से बचें।सिस्टम को किसी वायरस या मैलवेयर से बचाने के लिए जरूरी है कि उसके ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयरको हमेशा अपडेट रखें। साथ ही समय-समय पर कंपनी द्वारा सिक्योरिटी अपडेट भी डिवाइस में इंस्टाल करते रहें।कंप्यूटर और लैपटॉप को वायरस और मैलवेयर से बचाने के लिए स्पैम मैसेज और स्पैम लिंक से सावधान रहें। अक्सर स्पैम मैसेज में कोई छुपा हुआ वायरस होता है। ऐसे में इन मैसेज या लिंक पर क्लिक करते ही डिवाइस में खतरनाक मैलवेयर या वायरस आ जाता है। कंप्यूटर को वायरस से बचाने के लिए किसी संदिग्ध ईमेल पर गलती से भी क्लिक न करें।