Shopping Hacks: अमेजन-Flipkart जैसी वेबसाइट्स के नकली समान से बचना है? जानें स्कैम पहचानने के सीक्रेट तरीके

Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Tue, 17 Mar 2026 05:34 PM IST
सार

How to identify fake products on Amazon-Flipkart:

ऑनलाइन शॉपिंग में सबसे बड़ा डर यही होता है कि दिखाया कुछ और, भेजा कुछ। फिर चाहे वह चमकदार दिखने वाली स्मार्टवॉच हो या ब्रांडेड जूते, जालसाज हर जगह सक्रिय हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटा सा Buyhatke एक्सटेंशन या ReviewMeta जैसी वेबसाइट्स आपका पैसा डूबने से बचा सकती हैं? इस रिपोर्ट में वो तरीके जानें जिनसे आप सेलर्स की चालाकी पकड़ सकते हैं और गलत सामान मिलने पर अपना रिफंड पक्का कर सकते हैं।

Shopping Hacks: Want avoid scams? secret ways spot fake products  Amazon & Flipkart!
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    ऑनलाइन दुनिया में सामान को छूकर देखना मुमकिन नहीं है, इसीलिए जालसाज सेलर अक्सर बीआईएस और आईएसआई मार्क की कमी का फायदा उठाते हैं। यहां कुछ स्टेप्स दिए गए हैं जो आपको एक स्मार्ट शॉपर बना सकते हैं:

    1. लिस्टिंग के महीन अक्षरों को पढ़ें

    अक्सर हम सिर्फ फोटो देखकर ऑर्डर कर देते हैं। फोटो में घड़ी की स्क्रीन एज टू एज दिखती है, लेकिन असल में उसमें मोटे काले किनारे (Bezels) होते हैं। इसलिए हमेशा प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन को नीचे तक पढ़ें। अगर कोई ब्रांडेड चीज जरूरत से ज्यादा सस्ती मिल रही है, तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है।

    2. यूजर रिव्यू और रियल फोटो चेक करें

    आजकल सेलर पैसे देकर रिव्यूज लिखवाते हैं। इन्हें पहचानने का तरीका आसान है, अगर रिव्यू बहुत छोटा है, बिना फोटो के है और सिर्फ तारीफों के पुल बांधे गए हैं, तो सावधान हो जाएं। फेकस्पॉट या रिव्यू मेटा जैसी वेबसाइट्स पर प्रोडक्ट का लिंक पेस्ट करें, ये साइट्स आपको बता देंगी कि कितने प्रतिशत रिव्यूज असली हैं।

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    3. बायहटके से जानें कीमत का सच

    सेल के दौरान अक्सर सेलर पहले कीमत बढ़ा देते हैं और फिर भारी डिस्काउंट का नाटक करते हैं। बायहटके जैसे ब्राउजर एक्सटेंशन या एप का इस्तेमाल करें। यह आपको पिछले 6 महीने का प्राइस ग्राफ दिखा देगा, जिससे आपको पता चल जाएगा कि आज की डील वाकई में डील है या सिर्फ धोखा।

    4. अनबॉक्सिंग वीडियो है आपका सबसे बड़ा हथियार

    प्रोडक्ट कितना भी सस्ता हो, पैकेट खोलते समय उसका वीडियो जरूर बनाएं। कैमरे को सील पर रखें और बिना कट किए पूरा वीडियो शूट करें। क्योंकि अमेजन, फ्लिपकार्ट और यहां तक कि कंज्यूमर कोर्ट भी इस वीडियो को सबसे पुख्ता सबूत मानते हैं। यह आपकी इन्श्योंरेंस पॉलिसी की तरह काम करता है।

    5. प्लेटफॉर्म की सुरक्षा चक्र को समझें

    अमेजन और फ्लिपकार्ट ने अब ऐसी टीमें तैनात की हैं जो संदिग्ध सेलर्स को रैंडमली चेक करती हैं। अगर किसी सेलर की रेटिंग अचानक गिरती है या कंप्लेंट्स बढ़ती हैं, तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है। इसलिए हमेशा फ्लिपकार्ट एस्योर्ड या अमेजन फुलफिल्ड वाले टैग को प्राथमिकता दें।