रेडिट पर सर्च करने वालों को अब दिखेंगे विज्ञापन: कैसे गूगल के AI से घटा ट्रैफिक? जानें कहां दिखेंगे ये ऐड

कुलदीप शर्मा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुलदीप शर्मा
Thu, 05 Nov 2026 09:30 PM IST
सार
  • रेडिट पर अब सर्च के साथ दिखेंगे विज्ञापन।
  • कंपनी ने विज्ञापनदाताओं के साथ सर्च रिजल्ट पेज पर विज्ञापन का टेस्ट शुरू किया है।
  • AI जवाबों की वजह से सर्च से आने वाला ट्रैफिक गिरा।
  • पेड ऐड और असली यूजर थ्रेड्स के बीच संतुलन कैसे बनेगा, यह कंपनी ने अभी नहीं बताया।
Reddit Tests Search Ads as Googles AI Shift Cuts Into Its Traffic
प्रतीकात्म इमेज - फोटो : Amar Ujala Digital

    विस्तार

    लोग जब किसी प्रोडक्ट के बारे में असली राय जानना चाहते हैं, तो अक्सर रेडिट खोलते हैं। अब कंपनी इसी मौके पर विज्ञापनदाताओं को जगह देने जा रही है। रेडिट ने मंगलवार को बताया कि वह अपने सर्च रिजल्ट पेज पर विज्ञापन दिखाने का टेस्ट शुरू कर रही है। फिलहाल इसमें सिर्फ चुनिंदा विज्ञापनदाता शामिल हैं।

    कैसे दिखेंगे ऐड?

    कंपनी के मुताबिक, लोग जब प्रोडक्ट या सुझाव सर्च करेंगे, तब उन्हें विज्ञापन नजर आएंगे। कौन सा ऐड दिखेगा, यह कई बातों पर निर्भर करेगा, जिनमें सबसे अहम है सर्च से उसका मेल। उदाहरण के लिए अगर जिम गियर सर्च किया तो रनिंग शूज़, डम्बल या प्रोटीन शेक के ऐड आ सकते हैं, जबकि हेल्दी डाइट प्लान सर्च करने पर ऑर्गेनिक फूड, ओट्स और न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स के विज्ञापन दिख सकते हैं।

    पहले भी हुई कोशिश

    यह कंपनी की कॉमर्स से जुड़ने की पहली कोशिश नहीं है। फरवरी 2026 में रेडिट ने एक AI फीचर का टेस्ट शुरू किया था, जो कम्युनिटी की सिफारिशों को पार्टनर कंपनियों के प्रोडक्ट से जोड़ता है। वहीं कुछ साल पहले सीईओ स्टीव हफमैन निवेशकों से कह चुके थे कि रेडिट सर्च में कोई ऐड नहीं दिखाता।

    आंकड़े क्या कहते हैं?

    तीसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 53 फीसदी बढ़कर 895 मिलियन डॉलर रहा। लेकिन चौथी तिमाही के लिए 1.00 से 1.03 अरब डॉलर का अनुमान विश्लेषकों की करीब 1.05 अरब डॉलर की उम्मीद से कम रहा। अमेरिका में रोजाना एक्टिव यूजर्स भी सालभर पहले के मुकाबले 2 फीसदी घटकर 50.7 मिलियन रह गए।

    गूगल का AI क्यों बना मुसीबत?

    हफमैन ने शेयरधारकों को बताया कि तीसरी तिमाही में सर्च से आने वाला ट्रैफिक काफी गिरा और तिमाही के आखिर में गिरावट और तेज हो गई। सबसे ज्यादा असर उन विजिटर्स पर पड़ा जो बिना लॉगिन किए वेब पर आते हैं। वजह है गूगल का AI-आधारित जवाबों की ओर बढ़ना। AI मोड जैसे फीचर सीधे रिजल्ट पेज पर ही जवाब दे देते हैं, तो लोग उन साइटों पर क्लिक ही नहीं करते जहां से जानकारी ली गई। रेडिट के थ्रेड प्रोडक्ट और सलाह वाले सवालों में अक्सर ऊपर आते हैं, इसलिए उस पर असर ज़्यादा है। हफमैन के मुताबिक, अगर यही रुझान रहा तो चौथी तिमाही में रोजाना यूनिक यूजर्स में दहाई अंकों की गिरावट आ सकती है। अभी यह संख्या करीब 13 करोड़ है।

    लॉगिन अनिवार्य करने की तैयारी

    सर्च ऐड इस बदलाव का सिर्फ एक हिस्सा हैं। रेडिट अब ऐसे अनुभव की ओर बढ़ रही है, जिसमें ज़्यादातर यूजर्स को लॉग इन करके ही प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करना होगा। चौथी तिमाही में इसका टेस्ट अमेरिका के बाहर कुछ चुनिंदा बाजारों में होगा। कंपनी का कहना है कि इससे यूजर अनुभव बेहतर होगा, विज्ञापन का कारोबार मजबूत होगा और डेटा भी सुरक्षित रहेगा। लॉगिन यूजर्स पर्सनलाइजेशन बंद कर सकेंगे, हालांकि हफमैन ने माना कि उसके बिना प्रोडक्ट उतना अच्छा नहीं चलता।

    इसके पीछे का गणित साफ है। कंपनी के मुताबिक लॉगिन और ऐप यूजर्स से ज्यादातर एंगेजमेंट आता है और 80 फीसदी से ज्यादा कमाई भी। साथ ही लॉगिन की दीवार से AI कंपनियों के लिए बिना इजाजत रेडिट का डेटा खंगालना मुश्किल हो जाएगा।

    अब भी बाकी हैं सवाल

    रेडिट ने न तो टेस्ट वाले विज्ञापनदाताओं के नाम बताए हैं, न यह कि सर्च रिजल्ट में कितने ऐड होंगे। सबसे बड़ा सवाल यूजर्स के लिए यह है कि पेड ऐड और असली थ्रेड्स के बीच संतुलन कैसे बनेगा। यह भी तय नहीं कि सर्च ऐड गूगल से घटे ट्रैफिक की भरपाई कर पाएंगे या नहीं। नतीजे आने तक कंपनी के दावों को उसका अपना नजरिया ही मानना चाहिए।