Google Voice Activity: क्या गूगल आपकी हर बात चुपके से रिकॉर्ड कर रहा है? जानें इसे कैसे ढूंढें और डिलीट करें

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Sat, 31 Jan 2026 04:30 PM IST
सार

Google Voice Activity: डिजिटल प्राइवेसी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह सवाल अहम हो गया है कि क्या गूगल हमारी आवाज रिकॉर्ड करता है। दरअसल, गूगल अपने वॉयस असिस्टेंट और स्पीच रिकग्निशन को बेहतर बनाने के लिए यूजर्स की आवाज के छोटे हिस्से सेव करता है, जो अक्सर अकाउंट सेटअप के दौरान डिफॉल्ट रूप से चालू 'वॉइस एंड ऑडियो एक्टिविटी' सेटिंग के कारण होता है।

Does Google Record Your Voice? How to Check, Delete, and Protect Your Privacy
Google Voice Activity - फोटो : X

    विस्तार

    प्राइवेसी के इस दौर में डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठते रहते हैं। हाल ही में गूगल पर हुए कुछ कानूनी विवादों और प्राइवेसी कंसर्न के बाद यह चर्चा काफी तेज हो गई है कि क्या यह टेक दिग्गज यूजर्स की आवाज को उनकी जानकारी के बिना रिकॉर्ड करता है। दरअसल, गूगल अक्सर अपने 'वॉयस असिस्टेंट' और स्पीच रिकग्निशन तकनीक को बेहतर बनाने के लिए आपकी आवाज के छोटे टुकड़े रिकॉर्ड करता है। यह स्थिति इसलिए भी पैदा होती है क्योंकि अकाउंट सेटअप के दौरान अक्सर 'वॉइस एंड ऑडियो एक्टिविटी' का विकल्प डिफॉल्ट रूप से ऑन रहता है, जिससे अनजाने में डाटा स्टोर होता रहता है।

    अकाउंट में हजारों की संख्या में वॉयस रिकॉर्डिंग्स हो सकती है मौजूद

    डिजिटल प्राइवेसी के इस दौर में यह बात सामने आई है कि गूगल असिस्टेंट यूजर्स की गतिविधियों को किस स्तर तक रिकॉर्ड कर सकता है। हालिया विश्लेषणों में देखा गया है कि एक सामान्य यूजर के गूगल अकाउंट में वर्षों का डाटा, जिसमें हजारों की संख्या में वॉयस रिकॉर्डिंग्स शामिल हो सकती हैं, जमा रहता है।

    इस डाटा कलेक्शन की सबसे गंभीर बात यह है कि यह केवल लिखित सर्च हिस्ट्री तक सीमित नहीं है। गूगल अकाउंट की हिस्ट्री में बाकायदा एक 'प्ले बटन' का विकल्प होता है, जिसका अर्थ है कि सिस्टम ने यूजर की आवाज को ऑडियो फाइल के रूप में सुरक्षित रखा है। यह प्रक्रिया केवल स्मार्टफोन तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि यह कार के 'एंड्रॉयड ऑटो' और घर के 'गूगल टीवी' जैसे अन्य कनेक्टेड डिवाइस के माध्यम से भी चुपचाप जानकारी इकट्ठा करती रहती है।

    प्राइवेसी विशेषज्ञों के अनुसार, वर्षों से जमा यह ऑडियो डाटा इस बात का प्रमाण है कि हम अनजाने में अपनी निजी बातचीत और आदतों का एक बड़ा हिस्सा टेक कंपनियों के साथ साझा कर रहे होते हैं।

    गूगल इन रिकॉर्डिंग्स का क्या करता है?

    गूगल की दलील है कि वह अपनी सर्विस को बेहतर बनाने के लिए आपकी आवाज सेव करता है। कंपनी कहती है कि यह सब आपकी परमिशन से होता है, भले ही आपको याद न हो कि आपने कब 'हां' कहा था। पर यहां सबसे बड़ा सवाल प्राइवेसी का है क्योंकि गूगल के कुछ कर्मचारी इन रिकॉर्डिंग्स को सुन भी सकते हैं।

    अपनी वॉइस रिकॉर्डिंग्स कैसे ढूंढें?

    अगर आप भी चेक करना चाहते हैं कि गूगल ने आपकी कौन-कौन सी बातें रिकॉर्ड की हैं तो इसका तरीका बहुत आसान है। सबसे पहले गूगल के 'वेब एंड एप एक्टिविटी' पेज (myactivity.google.com) पर जाएं। वहां नीचे स्क्रॉल करने पर आपको 'फिल्टर बाय डेट एंड प्रोडक्ट' का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें और लिस्ट में से 'असिस्टेंट' को चुन लें। अब आपके सामने वो सारी बातचीत आ जाएगी जो आपने गूगल असिस्टेंट से की है। जिस भी एंट्री के नीचे आपको छोटा सा माइक्रोफोन आइकन दिखे, समझ जाइए कि उसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। इसे सुनने के लिए बस 'डिटेल्स' पर क्लिक करें और फिर 'व्यू रिकॉर्डिंग' बटन दबाकर आप अपनी रिकॉर्डिंग सुन सकते हैं।

    वॉइस रिकॉर्डिंग को कैसे बंद और डिलीट करें?

    अगर आप चाहते हैं कि गूगल भविष्य में आपकी आवाज कभी सेव न करे तो आप इसे आसानी से रोक सकते हैं। इसके लिए बस 'गूगल माय एक्टिविटी' पेज पर जाएं और 'इनक्लूड वॉइस एंड ऑडियो एक्टिविटी' वाले बॉक्स को अनचेक कर दें। इससे गूगल आपकी कमांड तो सुनेगा लेकिन उन्हें अपने सर्वर पर रिकॉर्ड नहीं करेगा। वहीं, अगर आप पुरानी रिकॉर्डिंग्स को हटाना चाहते हैं तो अपनी हिस्ट्री को 'असिस्टेंट' पर फिल्टर करके 'डिलीट' बटन दबा दें। आप चाहें तो एक साथ अपनी पूरी की पूरी एक्टिविटी हिस्ट्री भी डिलीट सकते हैं।

    क्या आपको इन्हें डिलीट कर देना चाहिए?

    इन रिकॉर्डिंग्स को रखने का कोई खास फायदा नहीं है। प्राइवेसी के अलावा, सुरक्षा का जोखिम भी है, अगर कभी आपका अकाउंट हैक होता है तो ये रिकॉर्डिंग्स गलत हाथों में पड़ सकती हैं। गूगल के अनुसार, एक बार डिलीट करने के बाद यह डाटा आपके अकाउंट से स्थायी रूप से हटा दिया जाता है। चाहे आप अपनी ऑनलाइन प्राइवेसी को लेकर कितने भी लापरवाह क्यों न हों, एक बार यह चेक करना कि गूगल के पास आपकी कितनी जानकारी है, हमेशा एक समझदारी भरा कदम होता है।