एयर प्यूरीफायर खरीदने का सोच रहे हैं?: पहले जान लें ये 6 बातें, नहीं तो हो सकता है पछतावा

कुलदीप शर्मा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुलदीप शर्मा
Tue, 27 Oct 2026 07:25 PM IST
सार

दिल्ली की हवा बिगड़ने लगी है और लोग प्यूरीफायर लेने की सोच रहे हैं। खरीदने से पहले कमरे के हिसाब से क्षमता, असली HEPA फिल्टर, फिल्टर का खर्च और ओजोन छोड़ने वाले मॉडल से बचना जरूरी है। आइए जानते हैं आपके लिए कौन सा एयर प्यूरीफायर सही है।

Delhi Air Quality Worsens 6 Things to Check Before Buying an Air Purifier
प्रतीकात्म इमेज - फोटो : Amar Ujala Digital

    विस्तार

    दिल्ली में मंगलवार सुबह हल्की धुंध थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB के हिसाब से हवा मध्यम श्रेणी में रही। राजधानी में AQI 168 रहा और न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री था, जो अक्टूबर में तीन साल में सबसे कम है। AQI एक नंबर है जो बताता है कि हवा कितनी साफ या गंदी है। जितना बड़ा नंबर, उतनी गंदी हवा। सर्दी बढ़ने पर हवा धीमी पड़ती है और धुआं-धूल ऊपर नहीं उठ पाते, इसलिए इन दिनों हर साल लोग प्यूरीफायर के बारे में सोचने लगते हैं। आइए जानते हैं कि एयर प्यूरीफायर खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

    कमरे के हिसाब से चुनें मशीन

    हर प्यूरीफायर पर CADR लिखा होता है। यह बताता है कि मशीन एक घंटे में कितनी साफ हवा देती है। आसान नियम यह है कि CADR कमरे के क्षेत्रफल यानी साइज का करीब दो-तिहाई हो। यानी 150 वर्ग फुट के कमरे के लिए करीब 100 CADR। कमरा बड़ा और मशीन छोटी हो, तो हवा ठीक से साफ नहीं होगी।

    सही फिल्टर का चयन है जरूरी

    हवा में बहुत छोटे कण होते हैं जो सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं। इन्हें पकड़ने के लिए HEPA फिल्टर जरूरी होता है। डिब्बे पर 'True HEPA' या 'H13' लिखा देखें। 'HEPA-टाइप' जैसे शब्द से सावधान रहें, क्योंकि वह असली HEPA जैसा असरदार नहीं होता। बदबू और गैस के लिए कार्बन फिल्टर अलग से काम आता है।

    फिल्टर बदलने का खर्च जरूर जोड़ें

    मशीन खरीदना एक बार का खर्च है, पर फिल्टर बार-बार बदलना पड़ता है। इसलिए पूछ लें कि फिल्टर कितने महीने चलता है और उसकी कीमत क्या है। पुराना फिल्टर बदला न जाए तो मशीन का असर कम हो जाता है।

    ओजोन छोड़ने वाली मशीन न लें

    कुछ मशीनों में आयनाइजर होता है, जो थोड़ी ओजोन गैस बना सकता है। यह सांस के लिए ठीक नहीं मानी जाती। फिल्टर वाली मशीन ज्यादा सुरक्षित होती है है।

    आवाज और बिजली का रखें ध्यान

    मशीन कई घंटे चलती है। रात को सोते समय धीमी स्पीड पर कितनी आवाज करती है यह जरूर चेक कर लें। इसके साथ ही ये भी देख लें कि मशीन बिजली कितनी कन्यूम करेगा ताकि घर का बजट भी न बिगड़े।

    इस्तेमाल सही तरह से करें

    मशीन चलाते समय कमरे के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें, वरना बाहर की गंदी हवा अंदर आती रहेगी। इसे ऐसी जगह रखें जहां हवा आसानी से घूम सके, दीवार से सटाकर नहीं। कई मशीनों पर प्रदूषण का नंबर दिखता है, पर वह मोटा अंदाजा होता है, पक्की जांच नहीं।

    एक बात याद रखें:

    प्यूरीफायर सिर्फ घर के अंदर की हवा साफ करता है। बाहर निकलते समय मास्क लगाना न भूलें। दमा या सांस की परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लें।