UN: एआई पर भारतीय टेक दिग्गजों की सलाह मानेगी दुनिया, नए वैश्विक सलाहकार निकाय में तीन भारतीयों का चुनाव

यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्कयशोधन शर्मा
Sat, 28 Oct 2023 07:08 AM IST
सार

संस्था विकास के लिए एआई के उपयोग करने में मदद करेगी और एआई गवर्नेंस पर वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करेगी। इससे 2030 तक टिकाऊ विकास के 17 लक्ष्यों हासिल करने में भी तेजी आएगी।

world listen Indian advice tech giants AI, three Indians elected in new global advisory body
यूएन - फोटो : twitter

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के नियमन-नियंत्रण को लेकर वैशि्वक चिंताओं को ध्यान में रखकर संयुक्त राष्ट्र ने एक नए वैश्विक सलाहकार निकाय का गठन किया है। इसमें भारत के टेक थिंक टैंक आईस्पिरि फाउंडेशन के सह-संस्थापक अमनदीप सिंह गिल, शरद शर्मा व हगिंग फेस इंडिया की प्रमुख शोधकर्ता नाजनीन रजनी को शामिल किया गया है।

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने कहा, यह निकाय एआई को नियंत्रित करने के अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों का समर्थन करेगा। इसके साथ ही एआई गवर्नेंस पर मौजूदा और उभरती पहलों के लिए पुल का काम करेगा।

    यूएन ने कहा, एआई पर उच्च स्तरीय मल्टी स्टेकहोल्डर एडवाइजरी बॉडी में सरकार, निजी क्षेत्र, रिसर्च फर्म, सिविल सोसाइटी और शिक्षा जगत के 39 विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। गुटेरस ने कहा, एआई से संकटों के अनुमान से लेकर उनके समाधान तक की उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा, नए निकाय का काम एआई के खतरों व चुनौतियों पर वैश्विक वैज्ञानिक सहमति बनाना है।

    17 लक्ष्यों में आएगी तेजी

    संस्था विकास के लिए एआई के उपयोग करने में मदद करेगी और एआई गवर्नेंस पर वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करेगी। इससे 2030 तक टिकाऊ विकास के 17 लक्ष्यों हासिल करने में भी तेजी आएगी।

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रौद्योगिकी दूत नियुक्ति किए गए अमनदीप सिंह गिल जेनेवा के ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड डेवलपमेंट स्टडीज में इंटरनेशनल डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च कोलैबोरेटिव के सीईओ थे। इससे पूर्व वह डिजिटल सहयोग पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उच्च-स्तरीय पैनल (2018-2019) के कार्यकारी निदेशक और सह-प्रमुख थे।

    कौन हैं शरद शर्मा

    भारत सरकार के तमाम तकनीक आधारित समाधानों से जुड़े शरद शर्मा वायरलेस स्टार्टअप टेल्टियर तकनीक के सह-संस्थापक हैं। इसे सिस्को ने खरीदा है। शर्मा दो दर्जन से अधिक कंपनियों में एंजेल निवेशक रहे हैं। उन्होंने भारत के पहले आईपी-केंद्रित फंड, इंडिया इनोवेशन फंड को कामयाब बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    हगिंग फेस की प्रमुख शोधकर्ता रजनी एआई सेफ्टी और एलाइनमेंट के क्षेत्र में काम कर रही हैं। रीइन्फोर्समेंट लर्निंग ह्यूमन फीडबैक के जरिये एआई के बड़े भाषा मॉडल को मजबूत बनाने और मूल्यांकन करने में उनकी विशेषज्ञता है। इस क्षेत्र में उन्हें दुनिया के विचारक नेताओं में शामिल किया जाता है। उन्होंने सेल्सफोर्स रिसर्च में भी एक टीम का नेतृत्व किया।

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