कौन हैं भारतीय मूल के श्रीराम कृष्णन, एलन मस्क को क्यों पड़ने वाली है इनकी खास जरूरत
श्रीराम कृष्णन के करियर की शुरुआत माइक्रोसॉफ्ट के साथ हुई थी जहां वे Windows Azure डिविजन से जुड़े थे। फिलहाल वे a16z फर्म में एक बड़े निवेशक हैं। इसके अलावा श्रीराम कृष्णन क्रिप्टोकरेंसी स्टार्टअप पर भी करीब से नजर रखते हैं।

विस्तार
एलन मस्क अब ट्विटर के मालिक बन चुके हैं। पिछले सप्ताह सीईओ पराग अग्रवाल को नौकरी से निकालने के बाद सोमवार को एलन मस्क ने खुद को बोर्ड का सदस्य घोषित कर दिया है। इसकी जानकारी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन को दिए एक डॉक्यूमेंट से मिली। ट्विटर के मालिक बनने के बाद एलन मस्क ने भले ही भारतीय मूल के सीईओ पराग अग्रवाल को निकाल दिया है लेकिन उनका काम बिना भारतीय मूल के कर्मचारी का नहीं चलने वाला है। पढ़ने में आपको भले ही मजाक लगे लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ट्विटर को चलाने के लिए एलन मस्क को ट्विटर के एक पूर्व कर्मचारी की जरूरत पड़ रही है।
उस प्रतिभाशाली भारतीय मूल के कर्मचारी का नाम श्रीराम कृष्णन है जो कि एक इंजीनियर हैं और ट्विटर, मेटा के अलावा माइक्रोसॉफ्ट के साथ भी काम कर चुके हैं। 21 साल की उम्र में 2005 में श्रीराम कृष्णन अमेरिका चले गए थे। इससे पहले वे ट्विटर के नए यूजर इंटरफेस, सर्च और ऑडियंस ग्रोथ को हैंडल कर रहे थे। फेसबुक में मोबाइल विज्ञापन का श्रेय श्रीराम कृष्णन को ही जाता है।
श्रीराम कृष्णन के करियर की शुरुआत माइक्रोसॉफ्ट के साथ हुई थी जहां वे Windows Azure डिविजन से जुड़े थे। फिलहाल वे a16z फर्म में एक बड़े निवेशक हैं। इसके अलावा श्रीराम कृष्णन क्रिप्टोकरेंसी स्टार्टअप पर भी करीब से नजर रखते हैं।
हाल ही के अपने एक ट्वीट में श्रीराम कृष्णन ने a16z के मेंशन करते हुए कहा है कि ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चलाने के लिए एलन मस्क सबसे परफेक्ट व्यक्ति हैं। श्रीराम ने The Goot Time नाम से एक पॉडकास्ट भी किया था जिसमें उन्होंने मार्क जुकरबर्ग, एलन मस्क और काल्विन हैरिस जैसे लोग भी शामिल थे।
ट्विटर में क्या खास करने वाले हैं श्रीराम कृष्णन?
रिपोर्ट के मुताबिक एलन मस्क ट्विटर में कई सारे बदलाव करने वाले हैं और इन बदलाव में श्रीराम कृष्णन उनके साथी होंगे। ट्विटर के साथ मोनेटाइजेशन को लेकर सबसे बड़ी समस्या है जिसे श्रीराम कृष्णन की मदद से फिक्स किया जा सकता है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्लू टिक वेरिफिकेशन के लिए भी यूजर्स से हर महीने 20 डॉलर यानी करीब 1,640 रुपये वसूलने की प्लानिंग चल रही है। यह ट्विटर की पेड सर्विस ट्विटर ब्लू का हिस्सा होगा।