Ukraine-Russia Crisis: रूस की टेक और गैजेट कंपनियों पर अमेरिका ने लगाए प्रतिबंध, आखिर क्या है इसका मतलब?

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 26 Feb 2022 11:19 AM IST
सार

मायखाइलो फेडोरोव ने एपल के सीईओ टिम कुक को एक पत्र लिखकर कहा है कि वे रूस में अपने एपल स्टोर तक अपने उत्पादों की आपूर्ति में कटौती करें।

US sanctions on Russian tech companies and gadgets that will be affected all you need to know
वलोडिमिर ज़ेलेंस्की, व्लादिमीर पुतिन और जो बिडेन - फोटो : Graphics- Harendra

    विस्तार

    यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री मायखाइलो फेडोरोव ने टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी एपल से रूस में जाने वाले प्रोडक्ट में कमी करने का आग्रह किया है। मायखाइलो फेडोरोव ने एपल के सीईओ टिम कुक को एक पत्र लिखकर कहा है कि वे रूस में अपने एपल स्टोर तक अपने उत्पादों की आपूर्ति में कटौती करें। मायखाइलो फेडोरोव यूक्रेन के डिजिटल परिवर्तन मंत्री भी हैं। फेडोरोव ने कुक को भेजे गए पत्र की एक कॉपी को ट्विटर पर भी शेयर किया है, हालांकि इस पत्र के जवाब में एपल ने अभी तक कुछ नहीं कहा है।

    टीम कुक ने अपने एक ट्वीट में कहा है, 'मैं यूक्रेन की स्थिति से बहुत चिंतित हूं। हम वहां अपनी टीमों के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और स्थानीय मानवीय प्रयासों का समर्थन करेंगे। मैं उन लोगों के बारे में सोच रहा हूं जो अभी नुकसान के रास्ते में हैं और उन सभी में शामिल हो रहे हैं जो शांति का आह्वान कर रहे हैं।'

    अमेरिका ने रूस के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

    रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका ने अपने यहां के प्रोडक्ट का रूस में निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने यह प्रतिबंध उन प्रोडक्ट पर भी लगाया है जिनके ब्रांड रूस के हैं, लेकिन प्रोडक्शन अमेरिका में होता है। इस प्रतिबंध से अमेरिकन कंपनियों को भारी नुकसान हो सकता है।

    अमेरिका ने ये प्रतिबंध अमेरिकी व्यापार कानून के तहत लगाए हैं। अमेरिकी कंपनियों को अब कंप्यूटर, सेंसर, लेजर, नेविगेशन उपकरण, और दूरसंचार, एयरोस्पेस और समुद्री उपकरण रूस को बेचने के लिए लाइसेंस प्राप्त करना होगा। अमेरिका ने इसी तरह का प्रतिबंध कुछ साल पहले चाइनीज कंपनी हुवावे पर लगाया था जिससे हुवावे को काफी नुकसान हुआ।

    इस प्रतिबंध से रूस को कितना नुकसान होगा?

    कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक कई कंपनियां रूस को सभी तक की बिक्री ना करने का विकल्प चुन सकती हैं। लॉ फर्म विगिन एंड डाना के पार्टनर डैन गोरेन ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाले एक क्लाइंट ने गुरुवार को ही एक रूसी डिस्ट्रीब्यूटर को शिपमेंट भेज दिया है। बता दें कि अमेरिका से रूस में निर्यात पिछले साल लगभग 6.4 बिलियन डॉलर तक था।

    अमेरिका का यह प्रतिबंध तकनीकी रूप से रूस को फिलहाल कुछ ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सकता है, लेकिन जिस तरह से ब्रिटेन, कनाडा, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड रूस के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, उससे रूस को जरूर भारी नुकसान हो सकता है।

    सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री एसोसिएशन (एसआईए) जो कि यूएस चिपमेकर्स का प्रतिनिधित्व करता है, ने कहा है कि रूस सेमीकंडक्टर्स का एक महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष उपभोक्ता नहीं है। सेमीकंडक्टर के इस्तेमाल पर रूस का कुल खर्च 25 बिलियन डॉल का है, जबकि इसका वैश्विक बाजार ट्रिलियन डॉलर का है।

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