फोन पर आवाज ना आना भी माना जाएगा कॉल ड्रॉप, लगेगा 5 लाख का जुर्माना

अगर आप भी बार-बार फोन के कटने, आवाज ना आने या रुक-रुककर आवाज आने से परेशान हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। इसे लेकर सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। ट्राई ने कहा है कि अगर फोन पर बात करते वक्त आवाज रुक-रुककर आ रही है या फिर आवाज ही नहीं आ रही है तो उसे भी कॉल ड्रॉप माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर टेलीकॉम कंपनियों पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा। कॉल ड्रॉप को लेकर नए नियम की शुरुआत 1 अक्टूबर 2018 से होगी।
कॉल ड्रॉप की नई परिभाषा तय करते हुए ट्राई ने कहा कि यदि बात करते-करते फोन का कटना ही कॉल ड्रॉप नहीं माना जाएगा बल्कि बातचीत के दौरान आवाज का ना आना या अटक-अटककर आवाज आा भी कमजोर नेटवर्क के दायरे में आएगा और उसे भी कॉल ड्रॉप माना जाएगा।
दरअसल सूत्रों की मानें तो टेलीकॉम कंपनियां कई बार नेटवर्क का हवाला देकर कॉल ड्रॉप से पिंड छुड़ा लेती हैं, लेकिन ट्राई अब ऐसा नहीं करने देगी। फोन पर बात करने के दौरान आने वाली किसी भी दिक्कत को अब कॉल ड्रॉप माना जाएगा। इसके बाद हर दिन के कॉल ड्रॉप का हिसाब होगा और महीने में 2 प्रतिशत से ज्यादा कॉल ड्रॉप होने पर टेलीकॉम कंपनियों पर 5 लाख रुपये से ज्यादा तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी ट्राई ने कहा था कि दूरसंचार कंपनियों को एक माह के भीतर कॉलड्रॉप, बिल, नेटवर्क सहित विभिन्न स्तर की दिक्कतों पर की गई शिकायतों का निपटारा करना होगा। निर्धारित समय में शिकायतों का निपटारा नहीं करने पर कंपनियों को दूरसंचार विभाग के समक्ष लिखित में कारण स्पष्ट करना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूरसंचार मंत्रालय को शिकायतों के जल्द निपटारे के सिलसिले में निर्देश दिए थे, जिसके मद्देनजर, मंत्रालय का यह दिशा-निर्देश सामने आया है। मौजूदा समय में शिकायतों का निपटारा करने में कंपनियां दो से छह माह तक का समय लेती हैं और कई बार इससे भी ज्यादा वक्त लगा देती हैं।