TRAI का आदेश: स्पैम मैसेज को रोकने के लिए टेलीकॉम कंपनियां करें AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 14 Jun 2023 10:51 AM IST
सार

दूरसंचार नियामक ट्राई ने सभी दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे कमर्शियल मैसेज भेजने वालों का पता लगाने, उनकी पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित सिस्टम तैयार करे।

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TRAI Directs Telecom Companies to Deploy AI Based System to Detect Crack Down on Senders of Pesky Texts detail
TRAI Caller ID - फोटो : Istock

    विस्तार

    दूरसंचार नियामक ट्राई ने सभी दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे कमर्शियल मैसेज भेजने वालों का पता लगाने, उनकी पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित सिस्टम तैयार करे। नई तकनीक से उन मैसेज की पहचान होगी जो कमर्शियल मैसेजिंग के लिए रजिस्टर्ड नहीं हैं, लेकिन कमर्शियल मैसेज भेजते हैं। ट्राई के मुताबिक पर्सनल नंबर से भी इस तरह के मैसेज भेजे जा रहा हैं जिनकी अनुमति नहीं है।

    ट्राई के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग-आधारित यूसीसी (अनसॉलिसिटेड कमर्शियल कम्युनिकेशन) डिटेक्ट सिस्टम को तैयार करने वाले अपने बयान में कहा कि संस्थाएं एक्सेस प्रदाताओं के साथ पंजीकृत नहीं हैं और कमर्शियल मैसेज भेजने के लिए दस अंकों के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करती हैं। संदेशों या कॉल के माध्यम से संचार को अपंजीकृत टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) कहा जाता है।

    वैसे रिपोर्ट के मुताबिक परेशान करने वाले संदेशों पर अंकुश लगाने के लिए ट्राई द्वारा किए गए कुछ उपायों से पंजीकृत टेलीमार्केटर्स (आरटीएम) के खिलाफ शिकायतों में कमी आई है। अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) से यूसीसी अभी भी जारी है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अनचाहे कॉल और संदेशों को जनता के लिए असुविधा का एक प्रमुख स्रोत करार दिया है।

    पिछले महीने ही ट्राई ने मैसेज टेम्पलेट के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक निर्देश जारी किया है। ट्राई ने टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन्स, 2018 (TCCCPR-2018) के तहत यह निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले भी 16 फरवरी 2023 को ट्राई ने हेडर और मैसेज टेम्पलेट के दुरुपयोग को रोकने के लिए निर्देश जारी किए थे।

    ट्राई ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइड को 45 दिन में भीतर उपरोक्त निर्देश की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। ट्राई ने सभी एक्सेस प्रोवाइडर को निर्देशित किया है कि कंटेंट में तीन से अधिक वेरिएबल भागों के उपयोग की अनुमति केवल उचित औचित्य और अतिरिक्त जांच के साथ दी जाएगी। अपने निर्देश में ट्राई ने अनिवार्य किया है कि एक्सेस प्रोवाइडर को इस तरह के कंटेंट टेम्पलेट के लिए एक अलग अप्रूबल अथॉरिटी बनानी होगी।

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