टिकटॉक की मुसीबतों का अंत नहीं, इटली में माननी पड़ी सरकार की शर्त
टिकटॉक की यूरोप स्थित बाल सुरक्षा प्रमुख एलेक्जेंड्रा इवान्स ने भी पुष्टि की है कि वह ये एप अपने सुरक्षा उपायों को और पुख्ता बनाएगा। अब इसके पहले कि यूजर टिकटॉक का इस्तेमाल कर सकें, उनसे उनकी जन्म तिथि पूछी जाएगी...

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चाइनीज एप टिकटॉक इटली सरकार से समझौता करके वहां खुद पर लटक रही प्रतिबंध की तलवार को टालने में फिलहाल कामयाब रहा है। लेकिन रूस में उस पर भारी जुर्माना लगने की संभावना अभी बनी हुई है। अमेरिका और भारत जैसे देशों में पहले ही इस एप को कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन जहां इन दोनों देशों में मामला भू-राजनीतिक स्थितियों से जुड़ा था, इटली में इस एप के सामाजिक दुष्प्रभावों के कारण प्रशासकों को इस पर शिकंजा कसना पड़ा।
अब टिकटॉक ने सरकार के डाटा संरक्षण विनियामकों के साथ एक करार किया है। इसके तहत छोटी उम्र के बच्चे इसका इस्तेमाल ना करें, इसे सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी होगी। इटली के विनियामकों ने इस एप पर शिकंजा पालेरमो शहर में दस वर्ष उम्र की एक बच्ची की मौत के बाद कसा। बच्ची की मौत टिकटॉक पर चलाए जा रहे एक खतरनाक सोशल मीडिया मुकाबले में भाग लेने के कारण हुई थी। जब ये खबर देश में खूब चर्चित हुई, तब इटली के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। इससे सामने आया कि बच्ची ने टिकटॉक पर चल रही सांस रोकने की प्रतियोगिता में भाग लिया था। इसी दौरान शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाने के कारण उसकी मौत हुई।
ये घटना पिछले दिसंबर में हुई थी। लेकिन मीडिया में उसकी खबरें छपने और जांच के बाद जनवरी में टिकटॉक के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। इस कंपनी को दिए गए कानूनी नोटिस में उस पर इल्जाम लगाया गया कि उसने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किए हैं। देश के डाटा संरक्षण विनियामक ने अब ऐसे ही आरोप फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी लगाए हैं।
इस बीच विनियामक संस्था ने टिकटॉक तक उन लोगों की पहुंच रोक दी थी, जो यह साबित ना कर पाएं कि उनकी उम्र 13 साल से कम है। अब इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी टिकटॉक पर डाली गई है, जिसे उसने स्वीकार कर लिया है। इटली के डाटा प्रोटेक्शन रेगुलेटर ने बुधवार को एक बयान में कहा- अगली 9 फरवरी से टिकटॉक इटली के सभी यूजर्स को ब्लॉक कर देगा। उसके बाद उनसे कहा जाएगा कि अगर वे इस एप का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो अपनी जन्म तिथि बताएं। अगर यूजर की उम्र 13 साल से कम हुई, तो उसके अकाउंट को डिलीट कर दिया जाएगा।
टिकटॉक की यूरोप स्थित बाल सुरक्षा प्रमुख एलेक्जेंड्रा इवान्स ने भी पुष्टि की है कि वह ये एप अपने सुरक्षा उपायों को और पुख्ता बनाएगा। अब इसके पहले कि यूजर टिकटॉक का इस्तेमाल कर सकें, उनसे उनकी जन्म तिथि पूछी जाएगी। यूरोपियन यूनियन के नियमों के तहत टिकटॉक का यूरोप में मुख्यालय आयरलैंड के डब्लिन में है। इसलिए डाटा प्रोटेक्शन संबंधी नियमों को लागू करने की जिम्मदारी आयरलैंड पर है। लेकिन इटली ने 2018 के अपने विशेष कानून के तहत टिकटॉक को सीधे कदम उठाने का निर्देश दिया।
इस बीच रूस में टिकटॉक राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन विरोधी प्रदर्शनों के वीडियो इस एप पर डाले जाने के मामले में घिरा हुआ है। रूस सरकार ने पुतिन विरोधी नेता अलेक्सी नावालनी के समर्थकों द्वारा अपने प्रदर्शनों को प्रचारित करने के लिए किए जा रहे इस्तेमाल को लेकर सात सोशल मीडिया नेटवर्क्स पर जुर्माना लगाने का एलान किया है। ये जुर्माना 52 हजार डॉलर तक का हो सकता है। इन एप्स में टिकटॉक, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, और इंस्टाग्राम भी शामिल हैं।