एआई ट्रेनिंग में बिना इजाजत डेटा इस्तेमाल पर रोक: अमेरिकी कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, जानें क्या है मामला
एआई ट्रेनिंग के लिए अब कंपनियां बिना इजाजत कंटेंट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी। अमेरिकी कोर्ट ने एक मामले में थॉमसन रॉयटर्स के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने प्रतिद्वंद्वी कंपनी रॉस इंटेलिजेंस की 'फेयर यूज' की दलील को खारिज कर दिया है। यह फैसला एआई कंपनियों और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच चल रहे कॉपीराइट विवादों में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।

विस्तार
अमेरिका की एक अपील कोर्ट ने मंगलवार को एआई ट्रेनिंग से जुड़े एक अहम कॉपीराइट विवाद में इंफॉर्मेशन सर्विसेज कंपनी 'थॉमसन रॉयटर्स' के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। यह विवाद एक लीगल-रिसर्च टूल बनाने वाली पूर्व प्रतिद्वंद्वी कंपनी रॉस इंटेलिजेंस के खिलाफ था। रॉस पर आरोप था कि उसने अपने एआई-पावर्ड लीगल सर्च इंजन को ट्रेन करने के लिए थॉमसन रॉयटर्स के कॉपीराइट वाले कंटेंट का गलत इस्तेमाल किया है।
कोर्ट ने रॉस इंटेलिजेंस की दलील को किया खारिज
फिलाडेल्फिया स्थित 'थर्ड यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स' ने रॉस इंटेलिजेंस की उस दलील को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा था कि उसका सर्च इंजन थॉमसन रॉयटर्स के 'वेस्टलॉ' प्लेटफॉर्म के कंटेंट का "फेयर यूज" (उचित उपयोग) कर रहा था। एआई ट्रेनिंग और कॉपीराइट को लेकर अमेरिकी अपील कोर्ट का यह अपने आप में पहला और ऐतिहासिक फैसला है। हालांकि, कोर्ट ने इस फैसले के पीछे के विस्तृत कारणों को फिलहाल गोपनीय (सील) रखा है। बता दें कि थॉमसन रॉयटर्स ही 'रॉयटर्स न्यूज' की पैरेंट कंपनी है।
रॉस इंटेलिजेंस ने की थी कॉपीराइट दस्तावेजों की कॉपी
इस विवाद की शुरुआत साल 2020 में हुई थी, जब थॉमसन रॉयटर्स ने रॉस इंटेलिजेंस पर मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि रॉस ने वेस्टलॉ के "हेडनोट्स", जो अदालती फैसलों के मुख्य कानूनी बिंदुओं का सारांश होते हैं, की कॉपी की है। रॉयटर्स का दावा था कि रॉस ने अपने प्रतिस्पर्धी एआई सर्च इंजन को बेहतर बनाने के लिए हजारों हेडनोट्स का अवैध इस्तेमाल किया। इस कानूनी लड़ाई के भारी खर्च का हवाला देते हुए रॉस ने साल 2021 में अपना प्लेटफॉर्म ही बंद कर दिया था।
एआई ट्रेनिंक के लिए किया जा रहा कंटेंट का इस्तेमाल
आजकल कई लेखकों, न्यूज पब्लिशर्स और म्यूजिक लेबल्स ने एआई सिस्टम को ट्रेन करने के लिए अपने कॉपीराइटेड काम के बिना अनुमति इस्तेमाल को लेकर टेक कंपनियों पर दर्जनों मुकदमे ठोक रखे हैं। लेकिन थॉमसन रॉयटर्स का यह केस थोड़ा अलग है क्योंकि इसमें नया कंटेंट बनाने वाला 'जनरेटिव एआई' शामिल नहीं है। रॉस ने थॉमसन रॉयटर्स के हेडनोट्स का इस्तेमाल अपने सर्च इंजन को यह सिखाने के लिए किया था कि यूजर्स के सवालों के जवाब में सही अदालती फैसले कैसे ढूंढे जाएं। इस पर कंपनी ने तर्क दिया था कि उसकी एआई ट्रेनिंग फेयर यूज के दायरे में आती है।
कॉपीराइट डेटा के इस्तेमाल पर सख्त रोक
टेक कंपनियों का अक्सर तर्क होता है कि वे कॉपीराइट वाले डेटा को एक नए रूप में बदलते हैं, इसलिए यह "फेयर यूज" माना जाना चाहिए। वहीं, कंटेंट के असल मालिकों का कहना है कि टेक कंपनियां उनके ही काम से उनके लिए खतरा पैदा कर रही हैं जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ सकता है। पिछले साल डेलावेयर की एक संघीय अदालत के जज ने भी रॉस के इस बचाव को खारिज करते हुए कहा था, "रॉस ने एक प्रतिस्पर्धी लीगल रिसर्च टूल बनाने के लिए हेडनोट्स का इस्तेमाल किया है, इसलिए इसे 'नया रूप देना' नहीं माना जा सकता"। इसी फैसले के खिलाफ रॉस ने अपील की थी, जिसमें उसे अब फिर से हार का सामना करना पड़ा है।
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