टेंपल वियरेबल: आज से शुरू हुई डिवाइस की बुकिंग, स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड से है बिल्कुल अलग, कैसे करता है काम?

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Sun, 01 Nov 2026 01:10 PM IST
सार

Temple Pre Booking: स्मार्टवॉच के इस दौर में अब हेल्थ ट्रैकिंग का नया भविष्य टेंपल (Temple) डिवाइस आ चुका है। जोमैटो के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल के इस खास ब्रेन-मॉनिटरिंग वियरेबल की बुकिंग आज 1 नवंबर 2026 से शुरू हो गई है। यह कलाई के बजाय माथे पर लगाया जाता है। आइए समझते हैं कि यह एडवांस गैजेट पारंपरिक स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड से कैसे अलग है।

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स्मार्ट वीयरेबल डिवाइस है 'टेंपल'। - फोटो : Temple

    विस्तार

    हेल्थ और फिटनेस डिवाइस की दुनिया में आज का दिन बेहद खास है। 1 नवंबर 2026 से बहुचर्चित टेंपल (Temple) स्मार्ट फिटनेस डिवाइस की प्री-बुकिंग आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। जोमैटो (Zomato) के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल का यह महत्वाकांक्षी हेल्थ-टेक स्टार्टअप काफी समय से चर्चा में है। हाल ही में क्रिकेटर शुभमन गिल और पीवी सिंधु जैसे दिग्गजों को प्रैक्टिस के दौरान इसे पहने हुए देखा गया था। लेकिन आखिर यह गैजेट है क्या और सबसे बड़ा सवाल- जब बाजार में पहले से ही ढेरों स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड मौजूद हैं, तो टेंपल उनसे अलग कैसे है? आइए इस खबर में गहराई से समझते हैं।

    जोमैटो (Zomato) के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल का यह महत्वाकांक्षी हेल्थ-टेक डिवाइस आज से बुकिंग के लिए उपलब्ध हो गया है। पिछले कुछ दिनों से क्रिकेटर शुभमन गिल और पीवी सिंधु जैसे स्टार खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के दौरान इसे पहने देखा गया था, जिसके बाद से ही इसे लेकर जबरदस्त क्रेज है। लेकिन एक आम यूजर के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बाजार में पहले से ही बेहतरीन स्मार्टवॉच मौजूद हैं, तो टेंपल उनसे अलग कैसे है? आइए इस अंतर को कुछ अहम बिंदुओं में समझते हैं।

    1. पहनने का तरीका: कलाई का गैजेट नहीं, माथे का ताज

    किसी भी स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड जैसे एपल वॉच या फिटबिट का डिजाइन ऐसा होता है कि आप उसे घड़ी की तरह कलाई पर बांध लें, लेकिन टेंपल का कॉन्सेप्ट बिल्कुल अलग है। दरअसल, 'टेंपल' का मतलब कनपटी भी होता है। अपने नाम के मुताबिक, इसे माथे के साइड में पहना जाता है। इसमें खास चिपकने वाली ग्रिप्स होती हैं, जो पसीना आने पर भी इसे त्वचा से मजबूती से जोड़े रखती हैं, ताकि हेवी वर्कआउट के दौरान भी यह गिरे नहीं।

    2. ट्रैकिंग का फोकस: धड़कन नहीं, दिमाग को पढ़ता है टेंपल

    एक स्मार्टवॉच मुख्य रूप से आपकी फिजिकल एक्टिविटी ट्रैक करती है, जैसे आपने कितने कदम चले, कितनी कैलोरी बर्न की और आपकी हार्ट रेट कितनी थी। इसके उलट, टेंपल एक ब्रेन-मॉनिटरिंग वियरेबल है जो ब्रेनफ्लो (BrainFlow) नाम की एडवांस तकनीक का इस्तेमाल करता है। यह सीधे आपके दिमाग के ब्लड फ्लो (सेरेब्रल ब्लड फ्लो) को मापती है। आसान शब्दों में कहें तो स्मार्टवॉच आपके शरीर की मेहनत मापती है, जबकि टेंपल आपके दिमाग की।

    3. डेटा और नतीजे: कॉग्निटिव लोड और तनाव की सटीक रिपोर्ट

    कल्पना कीजिए कि आप दौड़ रहे हैं। आपकी स्मार्टवॉच बताएगी कि दौड़ते समय आपकी हार्ट बीट क्या थी। लेकिन टेंपल यह बताएगा कि उस दौड़ या किसी भी मुश्किल काम के दौरान आपके दिमाग पर कितना जोर पड़ा। यह गैजेट स्मार्टवॉच की तरह ही लाइट-बेस्ड सेंसिंग का इस्तेमाल करता है, लेकिन इसका फोकस स्काल्प और दिमाग में खून के बहाव को समझना है। इससे मेंटल स्ट्रेस, फोकस का स्तर और नर्वस सिस्टम की थकान का रियल-टाइम डेटा मिलता है।

    4. प्रीमियम डिवाइस है टेंपल

    स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड आम लोगों को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। ये 2 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक में मिल जाते हैं और इनका इस्तेमाल हर कोई कर सकता है। वहीं, टेंपल एक अत्यधिक प्रीमियम और रिसर्च-बेस्ड गैजेट है। हालांकि कंपनी ने अभी कीमत का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी कीमत 70,000 रुपये के पार हो सकती है। यह गैजेट खास तौर पर एथलीट्स, प्रोफेशनल्स और उन लोगों के लिए है जो अपनी मेंटल और फिजिकल लिमिट्स को गहराई से समझना चाहते हैं।

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