हाई कोर्ट का ट्राई को आदेश, कड़ाई से लागू हों अनचाहे मैसेज और कॉल के खिलाफ कानून

यदि आप भी फालतू के मार्केटिंग वाले कॉलिंग और मैसेज से परेशानी है तो यह खबर आपके लिए है। आपको जल्द ही अनचाहे मार्केटिंग कॉल और मैसेज से आजादी मिलने वाली है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) को निर्देश दिया कि वह अवांछनीय वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) को रोकने के लिए 2018 में जारी किए गए नियमन का ‘‘पूर्ण रूप से और कड़ाई से’’ पालन कराए।
अदालत ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल), रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन जैसे दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को भी निर्देश दिया कि वह ट्राई द्वारा 2018 में जारी किए गए दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियमन (टीसीसीसीपीआर) का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें।
इन निर्देशों के साथ मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने वन97 कम्यूनिकेशन लिमिटेड की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दूरसंचार ऑपरेटर विभिन्न मोबाइल नेटवर्क पर ‘फिशिंग’ गतिविधियों को नहीं रोक रहे हैं। वन97 कम्यूनिकेशन लिमिटेड, डिजिटल भुगतान सेवा पेटीएम को चलाने वाली कंपनी है।
वन97 कम्यूनिकेशन की ओर से पेश हुए वकील दुष्यंत दवे ने अदालत को बताया कि ट्राई और टीएसपी को टीसीसीसीपी नियमन लागू करने का निर्देश देकर मामला खत्म किया जा सकता है जिसके बाद पीठ ने फैसला सुनाया।
अनचाहे वाणिज्यिक कॉल, मैसेज के खिलाफ कानून तो पहले से ही है लेकिन अभी तक लोगों के पास हर रोज कई ऐसे कॉल आते हैं जिनसे उनका कोई सारोकार नहीं होता है। कई बार लोगों के पास ऐसे भी मैसेज और कॉल आते हैं जिनके बारे में ना तो लोगों को कोई जानकारी होती है और ना ही उन्होंने कभी ऐसी कंपनियों से संपर्क किया होता है।
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