सोशल मीडिया कंपनियों को कोर्ट से झटका: ब्रिटिश सरकार को देना होगा गोपनीय डाटा; दलीलें क्यों हुईं खारिज?
मेटा, टिकटॉक और एक्स को ब्रिटिश कोर्ट से झटका लगा है। ऑफकॉम को गोपनीय डाटा देने के खिलाफ उनकी चुनौती खारिज हो गई। वहीं, मेटा ने अमेरिका में एक किशोरी से गुपचुप समझौता क्यों किया? पढ़िए इस रिपोर्ट में।

विस्तार
दिग्गज सोशल मीडिया कंपनियां मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम), टिकटॉक और एक्स लंदन हाईकोर्ट में ब्रिटिश रेगुलेटर 'ऑफकॉम' के खिलाफ चल रहा बड़ा कानूनी मुकदमा हार गई हैं।
ऑफकॉम ने बीती फरवरी में तीनों से कुछ गोपनीय डाटा मांगा था। इसमें विवादित या आपत्तिजनक पोस्ट हटाने या उनकी रीच कम करने व हानिकारक और गैर-कानूनी कंटेंट के संपर्क में आने वाले बच्चों की जानकारी मांगी गई थी। इसका एक्स ने सबसे ज्यादा विरोध किया था।
कहा था सबसे थकाऊ और बोझिल काम :
एक्स का कहना था कि यह आज तक किसी भी देश के रेगुलेटर द्वारा मांगा गया सबसे थकाऊ और बोझिल काम है, और इसमें करोड़ों रुपये खर्च होंगे लेकिन हाई कोर्ट ने दलीलों को खारिज कर दिया है। अगर ये कंपनियां नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती हैं, तो उन पर कुल कमाई का 10% तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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लत लगाने के मामले में मेटा का किशोरी से गुपचुप समझौता:
मेटा ने कोर्ट में चल रहे ट्रायल के दौरान ही एक अमेरिकी किशोरी के साथ गुपचुप समझौता कर लिया है। किशोरी ने मार्क जुकरबर्ग की कंपनी पर आरोप लगाया था कि उसने जानबूझकर इंस्टाग्राम और फेसबुक को 'लत लगाने वाला' बनाया, जिसकी वजह से वह गंभीर अवसाद और ईटिंग डिसऑर्डर की शिकार हो गई।