QR Scam: कोड स्कैन करते ही खाली हो सकता है अकाउंट, 2026 में तेजी से फैल रहे क्विशिंग स्कैम से खुद को ऐसे बचाएं

Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Sat, 30 May 2026 04:55 PM IST
सार

Fake QR Code:

क्यूआर कोड से पेमेंट और ऑनलाइन सेवाएं जितनी आसान हुई है, साइबर ठगी उतनी ज्यादा बढ़ रही है। स्कैमर्स क्यूआर कोड के जरिए यूजर्स को फर्जी वेबसाइट पर भेजकर बैंक डिटेल्स और पासवर्ड चुरा लेते हैं।जानिए QR कोड स्कैन करने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है और यूजर्स को किन गलतियों से बचना जरूरी है।

Single Scan Empty Bank Account; Stay Safe From Quishing Scams
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    QR Code Scam:

    आज क्यूआर कोड हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। रेस्टोरेंट में मेन्यू देखना हो, पार्किंग फीस भरनी हो, यूपीआई पेमेंट करनी हो या किसी इवेंट का टिकट स्कैन करना हो, हर जगह क्यूआर कोड का इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन जिस तकनीक ने डिजिटल दुनिया को आसान बनाया है, वही अब साइबर अपराधियों का नया हथियार भी बनती जा रही है। एक्सपर्ट्स के अनुसार नकली क्यूआर कोड स्कैम यानी क्विशिंग तेजी से बढ़ रहा है और इससे लाखों यूजर्स की निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है।

    QR Code Scam कैसे फैल रहा है?

    साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट का कहना है कि क्यूआर कोड आधारित फिशिंग अटैक, जिसे क्विशिंग कहा जा रहा है। ये 2026 में सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल फ्रॉड्स में शामिल हो गया है। इसमें असली दिखने वाले क्यूआर कोड तैयार किए जाते हैं और फिर उसपर नकली स्टिकर चिपका दिया जाता है। इसके बाद जैसे ही व्यक्ति उसे स्कैन करता है, वह सीधे एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाता है जहां उससे बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, ओटीपी या अन्य संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है।

    QR कोड स्कैन करने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?

    • साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार क्यूआर कोड स्कैन करने का सबसे सुरक्षित नियम बेहद आसान है। "Scan करो, Link देखो, Verify करो, फिर Open करो। आसानी से समझें तो ज्यादा एंड्रॉयड और आईफोन स्मार्टफोन क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद वेबसाइट का प्रीव्यू दिखाते हैं।
    • ऐसे में किसी भी लिंक को खोलने से पहले उसके यूआरएल को ध्यान से जांचना बेहद जरूरी है। अगर वेबसाइट का पता संदिग्ध लगे, स्पेलिंग गलत दिखाई दे या फिर अतिरिक्त अक्षर नजर आएं या लिंक असामान्य लगे, तो उसे तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    लिंक में ये संकेत दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं

    • विशेषज्ञों के अनुसार अगर क्यूआर कोड स्कैन करते ही कोई वेबसाइट आपसे पासवर्ड, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी, कार्ड डिटेल्स या किसी एप को डाउनलोड करने के लिए कहे, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है।
    • छोटे या अजीब दिखने वाले यूआरएल भी संदिग्ध माने जाते हैं। ऐसे मामलों में आगे बढ़ने के बजाय वेबसाइट की सत्यता की जांच करना बेहतर होता है।

    सार्वजनिक जगहों पर लगे क्यूआर कोड सबसे ज्यादा जोखिम भरे

    साइबर अपराधी अक्सर ऐसी जगहों को निशाना बनाते हैं जहां लोग जल्दी में क्यूआर कोड स्कैन करते हैं। पार्किंग मीटर, दुकानों के पेमेंट बोर्ड, सार्वजनिक पोस्टर, रेस्टोरेंट टेबल और टिकटिंग सिस्टम जैसे स्थानों पर नकली क्यूआर कोड लगाए जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए किसी भी सार्वजनिक क्यूआर कोड को स्कैन करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

    थर्ड पार्टी क्यूआर स्कैनर एप्स से भी रहें सावधान

    सुरक्षा एजेंसियां सलाह देती हैं कि क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए हमेशा फोन के डिफॉल्ट कैमरा एप का ही उपयोग करें। कई अनऑफिशियल क्यूआर स्कैनर एप्स जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगते हैं और यूजर्स की निजी जानकारी तक पहुंच हासिल कर सकते हैं। ऐसे एप्स डेटा चोरी का माध्यम भी बन सकते हैं।

    ईमेल और मैसेज में मिले क्यूआर कोड भी खतरनाक

    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अनजान ईमेल, व्हाट्सएप मैसेज, SMS या पार्सल के साथ भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन करने से पहले कई बार सोचना चाहिए। साइबर ठग अब फिशिंग ईमेल की जगह क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि सुरक्षा फिल्टर को आसानी से पार किया जा सके।

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