किसान आंदोलन से बढ़ा 'साइबर अटैक' का खतरा, पाकिस्तान का नाम आ रहा है सामने

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दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में साइबर अटैक का खतरा बढ़ गया है। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और पाकिस्तान के रूट से आंदोलन का स्वरूप बिगाड़ने के लिए ये हमला हो सकता है। इसमें महत्वपूर्ण वेबसाइटों को हैक कर माहौल बिगाड़ा जा सकता है और सोशल मीडिया पर लोगों को भड़काने के लिए देश-दुनिया से अपील की जा सकती है।
ग्रेटा थनबर्न के टूलकिट मामले के सामने आने के बाद से साथ सख्ती और बढ़ा दी गयी है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी टीम को अलर्ट कर दिया है। उनके पास साइबर अटैक की खुफिया रिपोर्ट मिली थी। इनपुट से पता चला था कि कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और पाकिस्तान से माहौल बिगाड़ने की पूरी कोशिश की सकती है। साइबर सुरक्षा में लगी सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक किसान आंदोलन में अभी तक कोई बड़ा साइबर अटैक तो नहीं हुआ है। फिर भी ऐसे इनपुट के बाद हम अलर्ट पर हैं।
सोशल मीडिया और फोन कॉल रडार पर
बीते कुछ दिनों से जिस तरह से दुनिया भर से कुछ नामचीन लोग इस आंदोलन के लिए बोल रहे हैं उससे सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गयी हैं। सुरक्षा एजेंसी के बड़े अधिकारी कहते हैं जब कोई ट्वीट या वीडियो देश के आंतरिक मामलों में विदेश से आता है तो उसकी जांच करना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि आंदोलन से जुड़े 293 लोगों के ट्विटर एकाउंट से लेकर इंस्टाग्राम और फेसबुक समेत उनके वीडियोज पर पैनी नजर रखी जा रही है। इन सभी 293 लोगों की पूरी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे लोग जो आंदोलन में संदिग्ध तौर पर सामने आते हैं उन्हें बुलाकर पूछताछ भी की जा रही है। अब तक ऐसे कई लोगों से बुलाकर पूछताछ भी की गई है। माहौल बिगाड़ने वाले कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। इसके अलावा ऐसे बहुत सारे लोगों को भी पुलिस ने अपने रडार पर लिया है जो धरना स्थल पर आने के बाद विदेश खासतौर से कनाडा अमेरिका ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड जर्मनी देशों में बात करते हैं, उन्हें चेक किया जा रहा हैं।