गूगल को तगड़ा झटका: Gemini AI के मास्टरमाइंड नोअम शजीर ने थामा OpenAI का दामन, सैम ऑल्टमैन ने जताई खुशी
Noam Shazeer:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बड़ा बदलाव हुआ है। Google के Gemini AI मॉडल के को-लीड रहे नोम शेजीर ने कंपनी छोड़कर OpenAI जॉइन कर लिया है। ChatGPT बनाने वाली कंपनी में उनकी एंट्री को एआई इंडस्ट्री के सबसे बड़े टैलेंट ट्रांसफर में से एक माना जा रहा है।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में वर्चस्व की जंग दिन-ब-दिन दिलचस्प होती जा रही है। इस रेस में दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) को एक ऐसा करारा झटका लगा है, जिसकी भरपाई करना शायद आसान न हो। गूगल के वाइस प्रेसिडेंट (इंजीनियरिंग) और जेमिनी एआई (Gemini AI) मॉडल के को-लीड रहे नोअम शजीर (Noam Shazeer) ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है। अब उन्होंने गूगल की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी और चैटजीपीटी (ChatGPT) की निर्माता कंपनी ओपनएआई (OpenAI) से जुड़ने का आधिकारिक ऐलान किया है।
सोशल मीडिया पर किया अपनी नई पारी का एलान
टाइम मैगजीन द्वारा एआई जगत के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शुमार किए गए शज़ीर ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी नई शुरुआत की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मैं ओपनएआई से जुड़ने जा रहा हूं और वहां की एक शानदार टीम के साथ काम करने को लेकर बेहद उत्सुक हूं।"
गूगल छोड़ने के अपने फैसले को कठिन बताते हुए उन्होंने कहा, "वहां से आगे बढ़ना एक मुश्किल फैसला था। गूगल की बेहतरीन टीम और हमने साथ मिलकर जो कुछ भी बनाया, उस पर मुझे बहुत गर्व है। आप सभी के साथ काम करना मेरे लिए सम्मान और खुशी की बात रही।"
सैम ऑल्टमैन का 10 साल का इंतजार हुआ खत्म
शजीर जैसे दिग्गज के साथ आने से ओपनएआई के को-फाउंडर और सीईओ सैम ऑल्टमैन अपनी खुशी नहीं छिपा पाए। शजीर की पोस्ट पर उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया देते हुए ऑल्टमैन ने लिखा, "ओपनएआई की शुरुआत से ही नोअम उन चुनिंदा लोगों में से एक रहे हैं, जिनके साथ मैं हमेशा से काम करना चाहता था। इस काम में 10 साल लग गए, लेकिन मुझे लगता है कि यह इंतजार पूरी तरह से सार्थक साबित होगा।"
गूगल के साथ 22 हजार करोड़ रुपये में हुई थी डील
नोअम शजीर का गूगल के साथ रिश्ता काफी गहरा और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वे साल 2000 में गूगल के शुरुआती दिनों में ही कंपनी से जुड़ गए थे। हालांकि, 2021 में उन्होंने भारी हताशा के बीच गूगल छोड़ दिया था। इसकी वजह यह थी कि उन्होंने एक शानदार चैटबॉट विकसित किया था, लेकिन गूगल प्रबंधन ने उसे लोगों के लिए रिलीज करने से इनकार कर दिया था।
गूगल छोड़ने के बाद उन्होंने कैरेक्टर डॉट एआई (Character.AI) नाम से अपनी खुद की एआई कंपनी शुरू की। उनकी अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2024 में गूगल को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने एक एक्वी-हायर डील के तहत 2.7 बिलियन डॉलर (करीब 22 हजार करोड़ रुपये) की भारी कीमत चुकाकर शजीर को वापस अपनी टीम में शामिल किया। लेकिन यह वापसी ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी।
एआई क्रांति के असल सूत्रधार हैं शजीर
शज़ीर की गिनती उन गिने-चुने दूरदर्शी लोगों में होती है, जिन्होंने आज के एआई बूम की नींव रखी है। साल 2017 में प्रकाशित हुए उस ऐतिहासिक रिसर्च पेपर के वे को-राइटर थे, जिसने आज के लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) को जन्म दिया। आज चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे जितने भी एडवांस एआई मॉडल हम देखते हैं, वे उसी तकनीकी शोध पर आधारित हैं। शजीर का ओपनएआई में जाना न सिर्फ गूगल के एआई प्रोजेक्ट्स के लिए एक बड़ा नुकसान है, बल्कि यह भविष्य की एआई प्रतिस्पर्धा की दिशा भी तय करेगा।