Tesla: बड़ी कार कंपनियां नहीं खरीदना चाहती एलन मस्क की तकनीक, टेस्ला की फुल सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी को झटका
काफी समय से चर्चा हो रही थी कि टेस्ला अपनी फुल सेल्फ-ड्राइविंग (FSD) तकनीक दूसरी कार कंपनियों को दे सकती है। लेकिन अभी तक किसी बड़ी कार कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

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काफी समय से चर्चा हो रही थी कि टेस्ला अपनी फुल सेल्फ-ड्राइविंग (FSD) तकनीक दूसरी कार कंपनियों को दे सकती है। लेकिन अभी तक किसी बड़ी कार कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने एक्स (X) पर माना कि कई बार ऑफर देने के बाद भी कोई बड़ा ऑटोमेकर उनकी FSD तकनीक को लाइसेंस करना नहीं चाहता। टेस्ला का दावा था कि वह सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक में सबसे आगे है और इसे दूसरी कंपनियों को भी उपलब्ध कराएगी। मस्क ने यह भी कहा था कि 2024 में किसी बड़ी कंपनी के साथ समझौता हो सकता है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई करार नहीं हुआ है।
सुरक्षा और जिम्मेदारी बनी सबसे बड़ी बाधा
ऑटो उद्योग की रिपोर्ट्स कहती हैं कि टेस्ला और पारंपरिक कार कंपनियों के तरीके बिल्कुल अलग हैं। फोर्ड और मर्सिडीज-बेंज जैसी बड़ी कंपनियां कोई भी सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक लॉन्च करने से पहले बहुत कड़े सुरक्षा टेस्ट और जांच करती हैं। जैसे मर्सिडीज का लेवल-3 ड्राइवर पायलट सिस्टम अगर इस सिस्टम के चलते कोई हादसा होता है, तो उसकी पूरी कानूनी जिम्मेदारी कंपनी लेती है। दूसरी तरफ, टेस्ला अपनी FSD तकनीक को 'बीटा' यानी अभी पूरी तरह तैयार न हुई, बल्कि निगरानी में चलने वाली तकनीक के रूप में देती है। इसमें असली यूज़र्स के इस्तेमाल और उनके फीडबैक के आधार पर सुधार किए जाते हैं। इसी वजह से टेस्ला को कई जांचों और कानूनी मामलों का सामना भी करना पड़ा है।
अन्य कंपनियों ने चुना अलग रास्ता
फोर्ड के सीईओ जिम फार्ले ने साफ कहा कि उनकी कंपनी टेस्ला की FSD (फुल सेल्फ-ड्राइविंग) टेक्नोलॉजी नहीं लेगी। उनके मुताबिक, Waymo जैसी दूसरी कंपनियों की टेक्नोलॉजी ज्यादा भरोसेमंद और बेहतर है। दूसरी ऑटो कंपनियां भी टेस्ला से तकनीक लेने के बजाय उन कंपनियों के साथ काम कर रही हैं जिनका ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी में पहले से अनुभव है। एलन मस्क का कहना है कि ऑटो कंपनियों की शर्तें बहुत मुश्किल हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ये शर्तें सुरक्षा और कानूनी जिम्मेदारी के लिए जरूरी हैं।
टेस्ला की FSD तकनीक से जुड़े हादसों, खासकर स्थिर वस्तुओं और आपातकालीन वाहनों से टकराने के मामलों की वजह से कंपनियां जोखिम लेने से बच रही हैं। यानी, फिलहाल टेस्ला का प्लान कि वह अपनी सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी बाकी कंपनियों को बेचकर उद्योग में बड़ा बदलाव लाएगी, धीमा पड़ता दिख रहा है। पारंपरिक कार कंपनियां तेज लॉन्च के बजाय पहले सुरक्षा और भरोसे को अहमियत दे रही हैं। टेस्ला के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी तकनीक पर उद्योग का विश्वास जीतने की है।