टॉवर लगवाने के नाम पर पैसे लेने वाले ठगों से रहें सावधान, पैसे लेकर हो जाएंगे नौ दो ग्यारह: COAI

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 06 May 2021 05:25 PM IST
सार

इंडस टॉवर्स लिमिटेड, एटीसी, भारती इन्फ्राटेल आदि जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदाता एवं आरजियो, एयरटेल, वीआईएल, बीएसएनएल, एमटीएनएल जैसे टेलीकॉम सेवा प्रदाता उचित अधिकारियों से अनुमति मिल जाने के बाद टॉवर इंस्टॉल कर सकते हैं।

Mobile Tower Fraud in India COAI Issue public alert
मोबाइल टावर - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    भारत के विकास में टेलीकॉम क्रांति की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश में मोबाईल टेलीकम्युनिकेशंस का विकास क्रांतिकारी रूप से हुआ। आज भारत के हर समाज के लिए मोबाइल फोन महत्वपूर्ण हो गए हैं। पिछले कुछ सालों में टेलीकॉम नेटवर्क्स ने देश में तेजी से विस्तार किया।

    आज 6.47 लाख (1 अप्रैल, 2021 को) से ज्यादा मोबाइल टॉवर हैं। इनमें से 51,000 टॉवर पिछले साल स्थापित किए गए हैं जिसका फायदा देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को मिल रही है लेकिन इसी बीच टॉवर के नाम पर धोखाधड़ी की खबर सामने आई है जिसे लेकर सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने लोगों को सावधान किया है।

    ये ठग खुद को टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर सेवा प्रदाताओं या टेका एजेंट बताकर, वो लोगों को झांसा देते हैं और उन्हें अपने परिसर में टॉवर लगवाने के लिए आकर्षक मासिक किराया दिलाने का वादा करते हैं। ये जालसाज नकली पैम्फलेट वितरित करते हैं और बोगस फोन कॉल करते हैं। वो ऑफर में आम तौर से काफी ऊंचा किराया, टॉवर का निशुल्क इंस्टॉलेशन और अनिवार्य मुनिसिपल टैक्स में छूट दिलाने का वादा करते हैं।

    जब भोले-भाले लोग इनके झांसे में आ जाते हैं, तो उनसे सरकारी टैक्स के नाम में इन जालसाजों के खातों में पैसा जमा कराने के लिए कहा जाता है, जिसके लिए उन्हें नकली रसीदें दी जाती हैं। ये रसीदें अक्सर किसी बोगस संगठन, या टेलीकॉम सेवा प्रदाता या खुद ट्राई की होती हैं। एक बार खाते में पैसा जमा हो जाता है, तो ये जालसाज अपना काम बंद कर देते हैं और अगले शिकार की तलाश में निकल पड़ते हैं।

    रेगुलेटर ने इस मामले में जागरुकता बढ़ाने के लिए उद्योग के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उद्योग शिक्षा कार्यक्रमों और जागरुकता कार्यक्रमों पर काम कर रहा है, ताकि सुनिश्चित हो सके कि ये जालसाज भोले-भाले लोगों को अपना शिकार न बना सकें।

    शिकायत निवारण के लिए रेगुलेटर इन जालसाजों का शिकार हुए व्यक्ति को स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क करने का सुझाव देते हैं। रेगुलेटर, ट्राई मोबाइल टॉवर्स के इंस्टॉलेशन के लिए परिसरों को लीज/रेंट पर लेने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संलग्न नहीं होता।

    टॉवर इंस्टॉल करने का लाईसेंस किसके पास है?

    इंडस टॉवर्स लिमिटेड, एटीसी, भारती इन्फ्राटेल आदि जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदाता एवं आरजियो, एयरटेल, वीआईएल, बीएसएनएल, एमटीएनएल जैसे टेलीकॉम सेवा प्रदाता उचित अधिकारियों से अनुमति मिल जाने के बाद टॉवर इंस्टॉल कर सकते हैं। इन अधिकारियों में केंद्र, राज्य सरकारें, स्थानीय अधिकारी, निकाय, कंपनियां या केंद्र या राज्य सरकार द्वारा स्थापित या इनकॉर्पोरेट किए गए संस्थान या कंपनियां शामिल हो सकती हैं।

    यह आवश्यक है कि लोगों को नियमों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी रहे, ताकि वो टॉवर के मामले में धोखाधड़ी करने वाले लोगों का शिकार न बनें। भारत में किसी भी स्थान से नेशनल कंज़्यूमर हैल्पलाईन 14404 या 1800-11-4000 पर कॉल करके इस मामले में जानकारी ली जा सकती है। लोग www.consumerhelpline.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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