AI: भारत में 20 लाख शिक्षकों को मुफ्त एआई ट्रेनिंग देगा माइक्रोसॉफ्ट, 'एलिवेट फॉर एजुकेटर्स' प्रोग्राम लॉन्च

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Mon, 23 Feb 2026 09:47 AM IST
सार

Elevate For Educators:

माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में 'एलिवेट फॉर एजुकेटर्स' प्रोग्राम लॉन्च किया है। इसके तहत 2030 तक 20 लाख शिक्षकों को एआई की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पहल नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है और देशभर के लगभग 2 लाख स्कूलों तक पहुंचेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को एआई टूल्स का जिम्मेदार उपयोग सिखाना और छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है। इससे भारत में एआई आधारित शिक्षा को मजबूत किया जा सके।

Microsoft to Train 2 Million Teachers in AI by 2030, Launches ‘Elevate for Educators’ in India
माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : माइक्रोसॉफ्ट एक्स हैंडल

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब भारत की शिक्षा प्रणाली का नियमित हिस्सा बनता जा रहा है। इसी दिशा में माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में 'एलिवेट फॉर एजुकेटर्स' नाम से एक नया प्रोग्राम लॉन्च किया है। इस पहल के तहत कंपनी का लक्ष्य साल 2030 तक 20 लाख शिक्षकों को एआई की ट्रेनिंग देना है। यह प्रोग्राम एशिया में पहली बार भारत से शुरू किया गया है और इसका उद्देश्य देशभर के करीब 2 लाख स्कूलों में एआई आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह प्रोग्राम नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन को मजबूती देगा और देश भर के लगभग 2 लाख स्कूलों तक पहुंचेगा।

    क्या है 'एलिवेट फॉर एजुकेटर्स'?

    एलिवेट फॉर एजुकेटर्स एक विशेष प्रशिक्षण प्रोग्राम है जिसे शिक्षकों और स्कूल लीडर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका मकसद है:

    • शिक्षकों को एआई टूल्स का सही और जिम्मेदार उपयोग सिखाना
    • कक्षा में डिजिटल स्किल्स, कोडिंग और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को शामिल करना
    • छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना

    यह पहल माइक्रोसॉफ्ट के उस बड़े लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी भारत में 2 करोड़ लोगों को एआई से जुड़ी ट्रेनिंग देना चाहती है।

    भारत क्यों बना इस पहल का केंद्र?

    भारत में 20 करोड़ से अधिक छात्र और करीब 1 करोड़ शिक्षक हैं। इतनी बड़ी शिक्षा प्रणाली को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि एआई का भविष्य सिर्फ ऑफिस या लैब में नहीं बल्कि स्कूलों और कक्षाओं में तय होगा। कंपनी के अनुसार, शिक्षक छात्रों को यह समझाने में अहम भूमिका निभाएंगे कि एआई का सही और जिम्मेदार उपयोग कैसे किया जाए? तकनीक के साथ मानव निर्णय और विश्वास को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

    माइक्रोसॉफ्ट ने क्या कहा?

    माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने कहा कि अब एआई धीरे-धीरे पढ़ाई का हिस्सा बन रहा है। इसलिए जरूरी है कि इसका इस्तेमाल ऐसे किया जाए जिससे पढ़ाई बेहतर हो, इंसानों की सोच और समझ बनी रहे और शिक्षक-छात्रों का भरोसा न टूटे। उनका मानना है कि अगर भारत में एआई को बड़े स्तर पर अपनाया गया तो इससे शिक्षकों और छात्रों के लिए नए मौके और बेहतर अवसर खुलेंगे।

    नई शिक्षा नीति 2020 को मिलेगा समर्थन

    यह प्रोग्राम भारत की नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप है। इस नीति के तहत कक्षा 3 से ही छात्रों को एआई और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की बुनियादी जानकारी दी जा रही है। माइक्रोसॉफ्ट इस शैक्षणिक सत्र से ही स्कूलों में इस प्रोग्राम को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा।

    किन संस्थाओं का मिल रहा है साथ?

    इस प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट कई प्रमुख शिक्षा संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है जिनमें ये शामिल हैं:

    केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)

    राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT)

    अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईCTE)

    राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET)

    प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT)

    स्कूलों और छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा?

    माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक इससे स्कूलों और छात्रों को ये फायदा मिलेगा:

    लगभग 2 लाख स्कूलों और 25,000 संस्थानों तक यह पहल पहुंचेगी

    करीब 80 लाख छात्रों को एआई से जुड़ी ट्रेनिंग का लाभ मिलेगा

    शिक्षकों की क्षमता बढ़ेगी और वे नई तकनीक को कक्षा में प्रभावी तरीके से लागू कर पाएंगे

    शिक्षा में एआई का बढ़ता प्रभाव

    अब एआई सिर्फ नई और उन्नत तकनीक नहीं रही बल्कि धीरे-धीरे पढ़ाई का जरूरी हिस्सा बन रही है। एलिवेट फॉर एजुकेटर्स के जरिए माइक्रोसॉफ्ट सिर्फ एआई की जानकारी ही नहीं दे रहा बल्कि यह भी सिखा रहा है कि इसका सही और सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कैसे करें? अगर यह योजना अपने लक्ष्य के मुताबिक सफल रहती है तो आने वाले समय में भारत एआई से जुड़ी शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया के लिए एक अच्छा उदाहरण बन सकता है।