मेटा पर सबसे बड़ा मुकदमा शुरू: हारे तो देंगे 13.4 लाख करोड़ तक हर्जाना; अब किस मुसीबत में फंसी मार्क की कंपनी?

हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटनहिमांशु सिंह चंदेल
Wed, 19 Aug 2026 04:46 AM IST
सार

मेटा और मार्क जुकरबर्ग की कंपनी के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े मुकदमों में से एक शुरू हो गया है। इस मामले में अगर फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है तो उसे करीब 13.4 लाख करोड़ रुपये तक का भारी हर्जाना देना पड़ सकता है।मेटा पर इतने बड़े मुकदमे की नौबत क्यों आई? कंपनी पर क्या आरोप हैं और हारने पर इसका असर मेटा के कारोबार पर कितना पड़ेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

Meta Faces Biggest Lawsuit Yet: Could It Pay Up to ₹13.4 Lakh Crore in Damages if It Loses?
क्या फंस गई मार्क की कंपनी? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

    विस्तार

    फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा के खिलाफ अमेरिका में सबसे बड़ा मुकदमा शुरू हुआ है। अमेरिका के 29 राज्यों ने मिलकर मेटा के खिलाफ कैलिफोर्निया के ओकलैंड की एक संघीय अदालत में मुकदमा शुरू किया है। आरोप है कि कंपनी ने जानबूझकर अपने एप को इस तरह डिजाइन किया कि बच्चों और किशोरों को इसकी लत लग जाए। अगर कंपनी दोषी पाई जाती है तो उस पर 1.4 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 13.4 लाख करोड़ रुपये) का जुर्माना लग सकता है।

    कैलिफोर्निया की डिप्टी अटॉर्नी जनरल मेगन ओनील ने आठ सदस्यीय जूरी को बताया कि मेटा की रणनीति मुख्यरूप से बच्चों को स्क्रीन से चिपकाए रखना, उनका डाटा जुटाना और फिर जनता से सच छिपाए रखने का था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इंस्टाग्राम और फेसबुक के लगातार इस्तेमाल से बच्चों में तनाव, अवसाद और गंभीर मानसिक समस्याएं बढ़ी हैं। इसके अलावा, मेटा पर बच्चों की निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करने और अभिभावकों को सुरक्षा के नाम पर गुमराह करने का भी आरोप लगा है।इनफिनिट स्क्रोल जैसे फीचर्स पर उठ रहे सवालराज्यों की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि मेटा ने अपने विज्ञापनों से होने वाली कमाई बढ़ाने के लिए जानबूझकर इनफिनिट स्क्रोल, पुश नोटिफिकेशन और एल्गोरिद्मिक रिकमेंडेशन जैसे फीचर्स बनाए, जिससे बच्चे प्लेटफॉर्म पर अधिक समय बिताएं। अभियोजन पक्ष ने इनफिनिट स्क्रोल जैसे फीचर्स को हटाने और सख्ती से उम्र की सीमा लागू करने की मांग की है।

    मेटा ने आरोपों पर क्या कहा?

    • मेटा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कंपनी का कहना है कि उसने हमेशा युवाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं और राज्य सिर्फ भारी मुआवजे के लिए यह केस लड़ रहे हैं। मुकदमे के दौरान मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग की गवाही भी हो सकती है।
    • मेटा ने 1.4 ट्रिलियन डॉलर के जुर्माने की आशंका जताई है जो उसके बाजार मूल्य के करीब है। हालांकि, अटॉर्नी जनरल ने अभी तक जुर्माने की रकम तय नहीं की है, लेकिन पिछले हफ्ते हुई सुनवाई में उन्होंने कहा कि यह रकम 200 अरब डॉलर के आस-पास हो सकती है, जो मेटा के टैक्स के बाद के लगभग तीन साल के मुनाफे के बराबर है।

    कब शुरू हुआ था ये मुकदमा?

    इस मामले में व्हिसलब्लोअर फ्रांसिस हॉगन के अमेरिकी सीनेट की एक समिति को बताया था कि मेटा को पता था कि उसके प्रोडक्ट्स बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं और वह इस समस्या को ठीक करना भी जानती थी, लेकिन ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में उसने कुछ नहीं किया। इसके दो साल बाद 2023 में यह मुकदमा शुरू हुआ था। अब मामले की सुनवाई 4 से 6 हफ्तों तक चलेगी। इसके बाद फैसला आएगा, दुनिया भर में सोशल मीडिया के भविष्य और बच्चों की सुरक्षा के नियमों को तय करने में बेहद अहम साबित हो सकता है

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