आज से लागू नया टैक्स, जानिए, आखिर क्या है गूगल टैक्स

आशुतोष सिन्हा/वरिष्ठ पत्रकार
Wed, 01 Jun 2016 02:00 PM IST
Know all about new Google tax

    'गूगल टैक्स' ने ऑनलाइन दुनिया में खलबली मचा दी है। ऑनलाइन विज्ञापन देने वाली कंपनियों के लिए ये टैक्स आज से लागू हो गया है। कई टेक्नोलॉजी कंपनियां अपने विज्ञापन सिर्फ ऑनलाइन ही देती हैं। इस 'गूगल टैक्स' से अब इन कंपनियों को सरकार टैक्स के दायरे में लाने की कोशिश कर रही है।

    फ़ेसबुक और गूगल पर जो भी विज्ञापन देते हैं उनके लिए ये बुरी खबर है क्योंकि अब उन्हें छह फीसद टैक्स देना पड़ सकता है।

    गूगल जैसी कंपनी हर सर्च और ऑनलाइन विज्ञापन पर पैसा बनाती है। सरकार की कोशिश है कि कंपनियों को इंटरनेट पर विज्ञापनों से होने वाले फायदे पर वो टैक्स लगाए। जो भी भारतीय कंपनियां अब गूगल और फ़ेसबुक पर विज्ञापन देंगी, उन्हें टैक्स के रूप में पैसे सरकार को देने पड़ेंगे।

    यूरोप के कई देशों में सरकारें ऐसा ही टैक्स लगाती हैं। सरकार की प्रत्यक्ष कर की सबसे बड़ी संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) कई महीनों से इसकी तैयारी कर रहा था। डिजिटल दुनिया में हो रहे मुनाफे पर टैक्स लगाने की ये सरकार की पहली कोशिश है।

    इस टैक्स का क्या है मकसद

    आज से लागू नया टैक्स, जानिए, आखिर क्या है गूगल टैक्स

    हाल में सरकार ने डिजिटल इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया नाम के कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनके तहत छोटी कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। लेकिन 'गूगल टैक्स' से ऐसी कंपनियों के बीच जो उत्साह दिखाई दे रहा था वो थोड़ा फीका पड़ सकता है। फिलहाल इसे डिजिटल विज्ञापनों की श्रेणी के लिए लगाया गया है। लेकिन उम्मीद ये की जा रही है कि इसे दूसरी सर्विस के लिए भी बढ़ाया जा सकता है।

    1994 में बार सरकार ने अलग-अलग सर्विस पर टैक्स लगाना शुरू किया था। 1997 में जब तब के वित्त मंत्री ने बजट की घोषणा की थी तब सरकार को सर्विस टैक्स से सिर्फ 800 करोड़ रुपए मिलते थे। अब 10 लाख से ज़्यादा लोग सर्विस टैक्स के तहत अपनी जानकारी सरकार को देते हैं। सर्विस टैक्स तब पांच फ़ीसद था और आज से बढ़कर 15 फीसदी हो गया है।

    सर्विस टैक्स से सरकार की कमाई अब डेढ़ लाख करोड़ रुपए से भी ज़्यादा है।

    साल 1994 में सरकार ने चुने हुए सर्विस पर ये टैक्स लगाया था। धीरे धीरे इस लिस्ट को बढ़ा दिया गया है। अब टेलीकॉम, इंटरनेट, एयर कंडीशन रेस्टोरेंट और उसके जैसी सौ से भी ज़्यादा सेवाओं पर सरकार टैक्स लगाती है।

    सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ एक्साइज एंड कस्टम्स की टैक्स रिसर्च यूनिट ने ऐसी कई और सर्विस की सूची तैयार की है जिसपर आने वाले दिनों में टैक्स लगाया जा सकता है।

    गूगल टैक्स लगाकर सरकार ऑनलाइन बिज़नस पर अपनी नज़र रख कर कमाई का भी स्रोत बनाना चाहती है। चूंकि गूगल, फेसबुक या दूसरी कंपनियां भारत में सर्विस पर टैक्स नहीं देती हैं या नहीं के बराबर देती हैं, इसलिए सरकार को आम बोलचाल में कहे जाने वाले 'गूगल टैक्स' का रास्ता अख्तियार करना पड़ा।

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