Power Grid: देश का बिजली नेटवर्क होगा और भी ज्यादा मजबूत, साइबर हमलों से भी रहेगा सुरक्षित
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय पावर ग्रिड पर सायबर अटैक का खतरा लगातार बढ़ा है। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने सायबर अटैक से बचाने के लिए पावर ग्रिड की सुरक्षा को बढ़ाने की पहल की है।

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केंद्र सरकार ने सायबर अटैक से देश के पावर ग्रिड की सुरक्षा को बढ़ाने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि सायबर अटैक के खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2022 में पावर ग्रिड के निरीक्षण का एक अलग प्रावधान शामिल किया गया है। बता दें कि इस पॉवर ग्रिड से देश भर में इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई होती है और इस महत्वपूर्ण पावर ग्रिड को सायबर अपराधियों ने पिछले साल ही निशाना बनाने की कोशिश की थी।
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय पावर ग्रिड पर सायबर अटैक का खतरा लगातार बढ़ा है। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने सायबर अटैक से बचाने के लिए पावर ग्रिड की सुरक्षा को बढ़ाने की पहल की है। केंद्रीय बिजली मंत्री के कहा कि पावर मिनिस्ट्री को भी इस नेटवर्क पर अटैक से संबंधित जानकारियां मिलती रहीं हैं इसलिए पावर ग्रिड की नियमित जांच का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए इस विधेयक के तहत अधिनियम की धारा 26 में संशोधन किया जाएगा।
आरके सिंह ने जानकारी देते हुए कहा, हम सेंट्रल लोड डिस्पैच सेंटर को सशक्त बनाने के लिए काम कर रहे हैं, क्योंकि हमारे पास एक महत्वपूर्ण ग्रिड है और यदि सायबर अटैक या किसी अन्य प्रकार की समस्या होती है तो इससे पूरा ग्रिड सिस्टम बंद हो सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए पावर ग्रिड की नियमित जांच का प्रावधान जारी किया गया है।
बता दें कि थोड़े समय पहले ही चीन के हैकर्स ने पावर ग्रिड पर अटैक कर लद्दाख के निकट वाले इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि इस सायबर अटैक को ब्लॉक कर दिया गया था। इससे पहले भी इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर को निशाना बनाने की कोशिशें होती रही हैं।