हर 60 सेकेंड में हैकर्स उड़ा रहे हैं 8 करोड़ रुपये, अपनाएं यह तरीका और रहें सुरक्षित

टेक डेस्क, अमर उजाला
Thu, 23 Aug 2018 04:00 PM IST
Hackers are stolen 8 crores every 60 seconds, How to keep your data safe and secure
Hacker

    इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही साइबर हमले भी बढ़ रहे हैं और हर रोज लाखों लोगों को ऑनलाइन ठगा जा रहा है और उनके बैंक खाते को खाली किया जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में प्रत्येक सेकेंड हैकर्स लोगों के 11 लाख डॉलर यानि करीब 8 करोड़ उड़ा रहे हैं। साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 मिनट में दुनियाभर में 1,861 लोगों को साइबर हमलों का शिकार बनाया जा रहा है।

    सैनफ्रांसिस्को स्थित साइबर सिक्युरिटी कंपनी रिस्कआईक्यू की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट की मानें तो दुनियाभर के हैकर्स हर साल विश्व की अर्थव्यवस्था का अच्छा-खासा नुकसान पहुंचा रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले साल हैकर्स ने विश्व इकॉनमी को 600 अरब डॉलर यानि करीब 42 लाख करोड़ रुपये का पहुंचाए थे। विश्व अर्थव्यवस्था को 1 मिनट में 11,38,388 डॉलर यानि करीब 7.97 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और प्रत्येक 1.5 मिनट में करीब 3 कंपनियों पर साइबर हमला किया जा रहा है।

    ऐसे में इन कंपनियों को हर मिनट 10.65 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। कंपनी के सीईओ एलियास मनौसोस ने कहा है कि इंटरनेट की इस अथाह दुनिया में हैकर्स मैलवेयर, फिशिंग और सप्लाई चेन के जरिए लोगों को चूना लगा रहे हैं। बता दें कि सप्लाई चेन हमले में ऐसे इंटरनेट कनेक्शन को निशाना बनाया जाता है तो पूरी तरह से सिक्योर नहीं होते हैं।

    साइबर हमलों से आप रहे हैं ऐसे सुरक्षित

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    d - फोटो : getty images

    पिछले कुछ दिनों में हुए बड़े साइबर हमले

    1.

    पिछले महीने दक्षिण कोरिया में एक क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज को हैक किया गया और हैकर्स ने 30 फीसदी करेंसी उड़ा लिए। इसके तुरंत बाद करेंसी की कीमत औंधे मुंह गिर गई। चोरी से पहले बिटक्वाइन की कीमत 6,780 डॉलर थी, जबकि चोरी से पहले के सप्ताह में यह कीमत 7,500 डॉलर हो गई थी।

    2.

    अभी दो दिन पहले ही पुणे के कॉसमॉस को ऑपरेटिव बैंक के पूरे सर्वर सिस्टम को हैक करके 94 करोड़ रुपये निकाले गए। पैसे भारत और अन्य देशों में निकाले गए।

    ऑनलाइन भुगतान के क्या-क्या बरतें सावधानी

    1.

    जहां-जहां टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन (दो-स्तरीय ऑथेंटिकेशन) प्रोसेस को एक्टिव करें।

    2.

    संभव हो तो रेलवे स्टेशन या फ्री वाई-फाई का इस्तेमाल ना करें।

    3.

    अपने मोबाइल नंबर पर बैंक का नोटिफिकेशन एक्टिव कराएं।

    4. ऑनलाइन भुगतान के लिए अधिकतम सीमा तय करें। कई बैंक यह विकल्प देते हैं।

    5.

    मोबाइल में इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की डिटेल, एटीएम पिन आदि को सेव करके ना रखें।

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