GPAI: 29 देशों ने सर्वसम्मति से अपनाया नई दिल्ली घोषणापत्र, भविष्य को आकार देने में निभाएगा खास भूमिका
केंद्रीय मंत्री ने आज ब्रिटेन के एआई और बौद्धिक संपदा मंत्री विस्काउंट कैमरोज और जापान के नीति समन्वय, आंतरिक मामलों और संचार मंत्रालय के उप मंत्री हिरोशी योशिदा से मुलाकात की।

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ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जीपीएआई) के 29 सदस्यों के गठबंधन ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणा को अपनाया है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने बुधवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चल रही वैश्विक साझेदारी के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, घोषणा में यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि एआई और इसके लाभ वैश्विक दक्षिण सहित दुनिया के सभी देशों के लिए समावेशी और उपलब्ध हों।
निभाएगा खास भूमिका
चंद्रशेखर ने कहा कि स्वास्थ्य, कृषि और सभी देशों और लोगों से संबंधित कई अन्य क्षेत्रों में एआई के अनुप्रयोग को बेहतर बनाने के लिए हमारी 4.5 घंटे की बैठक हुई। सदस्य राष्ट्र इस बात पर सहमत हुए कि एआई प्रशासन के भविष्य को आकार देने में जीपीएआई केंद्रीय भूमिका निभाएगा और सुरक्षित और विश्वसनीय एआई पर बातचीत का नेतृत्व करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने आज ब्रिटेन के एआई और बौद्धिक संपदा मंत्री विस्काउंट कैमरोज और जापान के नीति समन्वय, आंतरिक मामलों और संचार मंत्रालय के उप मंत्री हिरोशी योशिदा से मुलाकात की।
मंत्री राजीव ने कहा कि उन्होंने इस बारे में बात की कि सरकारें क्या सोच रही हैं, समान विचारधारा वाले देशों की सरकारें एआई को विनियमित करने पर कैसे विचार कर रही हैं, सुरक्षा और विश्वास के वे कौन से मुद्दे हैं जिन पर सरकारें ध्यान दे रही हैं और एआई के विकास को सक्षम करने में सरकारों की क्या भूमिका है।
कब से कब तक चलेगा जीपीएआई शिखर सम्मेलन
12 से 14 दिसंबर तक चलने वाले ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन की मेजबानी यहां राष्ट्रीय राजधानी में की जा रही है, जहां विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावशाली दिमाग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की प्रगति पर चर्चा और सहयोग करने के लिए एकत्र हुए हैं।
जून 2020 में अपनी स्थापना के बाद से, भारत ने खुले, सुरक्षित, संरक्षित और जवाबदेह एआई के विकास, तैनाती और अपनाने को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलों में सक्रिय रूप से शामिल होकर इस शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक साझेदारी एक अंतरराष्ट्रीय पहल है जो कृत्रिम इंटेलिजेंस के जिम्मेदार विकास और उपयोग को इस तरह से निर्देशित करने के लिए स्थापित की गई है जो मानव अधिकारों और इसके सदस्यों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करती है।