खतरे में निजता: ओके नहीं है OK Google, गूगल के कर्मचारी सुनते हैं आपकी बातें

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 01 Jul 2021 12:54 PM IST
सार

गूगल ने यह भी दलील दी है कि उसके कर्मचारी यूजर्स की संवेदनशील जानकारी को नहीं सुनते। वे केवल सामान्य बातचीत ही सुनते हैं और उसकी ही रिकॉर्डिंग होती है। गूगल ने इस बात का जवाब नहीं दिया है कि वह संवेदनशील और सामान्य बातचीत में फर्क कैसे करता है।

Google tells Parliament IT Panel that its employees listen to some Ok Google queries from Google Assistant
ok Google - फोटो : amarujala

    विस्तार

    गूगल के वर्चुअल असिस्टेंट के काम तरीके की पूरी दुनिया में जमकर तारीफ होती है। दावा होता है कि आपकी एक कमांड पर गूगल का यह वर्चुअल असिस्टेंट लाखों रिजल्ट देता है, लेकिन जब आपको यह पता चलेगा कि गूगल का असिस्टेंट काम कैसे करता है तो आपको हैरानी होगी। गूगल असिस्टेंट से आप जो भी बातें करते हैं, उन बातों को कंपनी के कर्मचारी सुनते हैं। गूगल ने भी इस बात को स्वीकार किया है।

    आज जैसे ही अपने फोन पर गूगल असिस्टेंट को शुरू करने के ‘ओके गूगल’ बोलते हैं, उसे कंपनी के कर्मचारी सुनते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी पर शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसद की स्थाई समिति में कंपनी ने खुद यह बात मानी है। इस रिपोर्ट पर गूगल ने कहा है कि कई बार ऐसा भी होता है कि जब यूजर्स वर्चुअल असिस्टेंट का इस्तेमाल नहीं करते हैं, लेकिन इस दौरान भी उनकी बातों को रिकॉर्ड किया जाता है।

    सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन डाटा को डिलीट नहीं किया जाता है, हालांकि जब यूजर्स की ओर से डाटा डिलीट करने के लिए अपील की जाती है तब डाटा डिलीट कर दिया जाता है। गूगल का कहना है कि स्पीच रिकॉग्निशन (आवाज की पहचान) को बेहतर बनाने के लिए उसके कर्मचारी गूगल असिस्टेंट को मिलने वाले वॉयस कमांड को सुनते हैं।

    गूगल ने यह भी दलील दी है कि उसके कर्मचारी यूजर्स की संवेदनशील जानकारी को नहीं सुनते। वे केवल सामान्य बातचीत ही सुनते हैं और उसकी ही रिकॉर्डिंग होती है। गूगल ने इस बात का जवाब नहीं दिया है कि वह संवेदनशील और सामान्य बातचीत में फर्क कैसे करता है। समिति ने इसे यूजर्स की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन माना है।

    बता दें कि हाल ही में लिंकडिन (LinkedIn) के 756 मिलियन यूजर्स का डाटा लीक हो गया है जिसे लेकर कहा जा रहा है कि इस लीक में LinkedIn के करीब 92 फीसदी यूजर्स के डाटा शामिल हैं, हालांकि डाटा लीक करने वाले हैकर्स के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। LinkedIn के इस डाटा लीक में यूजर्सके फोन नंबर, एड्रेस, लोकेशन और सैलरी जैसी निजी जानकारी शामिल हैं।

    इससे पहले इसी साल अप्रैल में LinkedIn ने खुद 500 मिलियन यूजर्स के डाटा लीक के बारे में पुष्टि की थी। उस लीक में भी ई-मेल एड्रेस से लेकर मोबाइल नंबर, पूरा नाम, अकाउंट आईडी, सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी और ऑफिस की पूरी जानकारी लीक हुई थी। इस डाटा लीक को भी ऑनलाइन हैकर्स फोरम पर लिस्ट किया गया था।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें