गूगल की प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव: Gmail-Photos के डेटा को लेकर क्या है नियम? जानें क्या निजता पर पड़ेगा असर

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Sat, 31 Oct 2026 05:17 PM IST
सार

अगर आप जीमेल इस्तेमाल करते हैं, तो गूगल की नई प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ी यह जानकारी आपके काम की हो सकती है। कंपनी ने अपनी पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है, जिसके बाद जीमेल, गूगल ड्राइव और गूगल फोटोस से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल कुछ शर्तों के तहत पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाने के लिए किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि गूगल की नई पॉलिसी में क्या बदला है और इसका आपके डेटा पर क्या असर हो सकता है।

Google May Use Gmail, Drive, Photos Data Personalised Ads: What You Need Know
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    एंड्रॉइड एथॉरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल ने 16 अक्तूबर को अपनी प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट की। इससे पहले कंपनी की पॉलिसी में जीमेल, ड्राइव और फोटोज के कंटेंट का इस्तेमाल पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाने के लिए नहीं करने की बात कही गई थी।

    अब पॉलिसी में एक नई शर्त शामिल की गई है। इसके तहत इन सेवाओं से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल गूगल की दूसरी सेवाओं के जरिए विज्ञापनों को आपकी पसंद के मुताबिक बनाने में किया जा सकता है।

    हालांकि, ऐसा हर यूजर के लिए अपने आप नहीं होगा। इसके लिए यह जरूरी है कि यूजर संबंधित जानकारी को दूसरी सेवाओं के साथ इस्तेमाल करने की अनुमति दे। यह प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि आपने कौन-सी सेवाएं और सेटिंग्स चालू कर रखी हैं।

    जेमिनी और गूगल सर्च से क्या है कनेक्शन?

    • गूगल की एआई सेवा जेमिनी और सर्च के कुछ फीचर्स को जीमेल, ड्राइव और फोटो से जोड़ा जा सकता है। अगर यूजर इन सुविधाओं को इस्तेमाल करने की अनुमति देता है, तो एआई को इन सेवाओं में मौजूद कुछ जानकारी का एक्सेस मिल सकता है।
    • इसका मकसद यूजर को ज्यादा उपयोगी जवाब और सुझाव देना है। जैसे मान लीजिए, जीमेल या ड्राइव से जुड़ी जानकारी की मदद से जेमिनी आपके सवालों का जवाब देने में बेहतर संदर्भ दे सकता है।
    • लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। जेमिनी को अपनी जानकारी इस्तेमाल करने की अनुमति देने का मतलब यह नहीं है कि आपका डेटा अपने आप विज्ञापनों के लिए भी इस्तेमाल होने लगेगा। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कौन-सी सुविधाएं चालू की हैं और किन सेवाओं को जानकारी इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है।

    क्या विज्ञापन कंपनियां देख पाएंगी आपके ईमेल और फोटो?

    गूगल की नई पॉलिसी को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब विज्ञापन देने वाली कंपनियां आपके जीमेल इनबॉक्स, गूगल ड्राइव की फाइल्स या गूगल फोटोज में मौजूद तस्वीरें देख सकेंगी? गूगल का कहना है कि विज्ञापन देने वाली कंपनियों को आपके निजी ईमेल और फोटो देखने की सुविधा नहीं मिलती। कंपनी आपके ईमेल और तस्वीरें सीधे एडवरटाइजर्स के साथ साझा नहीं करती। इसके अलावा, नाम और ईमेल एड्रेस जैसी आपकी पहचान बताने वाली जानकारी भी उन्हें नहीं दी जाती। इसलिए पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाने और निजी कंटेंट विज्ञापनदाताओं को उपलब्ध कराने के बीच अंतर समझना जरूरी है।

    आपकी परमिशन और प्राइवेसी सेटिंग्स क्यों हैं जरूरी?

    नई पॉलिसी के बाद गूगल अकाउंट की सेटिंग्स पर ध्यान देना यूजर्स के लिए और भी जरूरी हो सकता है। यूजर को यह समझना चाहिए कि उसने किन गूगल सेवाओं को एक-दूसरे से जानकारी इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।

    • एप और सर्विस की परमिशन जांचें:देखें कि जीमेल, ड्राइव और फोटोज से जुड़ी जानकारी किन सुविधाओं के साथ इस्तेमाल हो सकती है।
    • जेमिनी की सेटिंग्स देखें:जांचें कि जेमिनी को आपकी दूसरी गूगल सेवाओं की जानकारी इस्तेमाल करने की अनुमति मिली है या नहीं।
    • विज्ञापन से जुड़ी सेटिंग्स समझें:गूगल अकाउंट में उपलब्ध विज्ञापन और पर्सनलाइजेशन विकल्पों की समीक्षा करें।
    • अनावश्यक एक्सेस बंद रखें:जिन सुविधाओं की जरूरत नहीं है, उनकी परमिशन देने से बचें।

    क्या जीमेल यूजर्स को चिंता करने की जरूरत है?

    • गूगल की पॉलिसी में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि अब आपके सभी ईमेल, फोटो और फाइलें विज्ञापन कंपनियों के पास पहुंच जाएंगी। कंपनी के अनुसार, एडवरटाइजर्स को निजी ईमेल और तस्वीरें सीधे देखने की सुविधा नहीं दी जाती।
    • हालांकि, जीमेल, ड्राइव और फोटोज से जुड़ी जानकारी का दूसरी गूगल सेवाओं में इस्तेमाल कुछ शर्तों पर हो सकता है। ऐसे में यूजर्स के लिए अपनी अकाउंट सेटिंग्स और दी गई परमिशन को समझना जरूरी है। खासकर तब, जब वे जेमिनी या गूगल सर्च के ऐसे फीचर्स इस्तेमाल करते हैं जो दूसरी गूगल सेवाओं से जुड़ सकते हैं।
    • कुल मिलाकर, गूगल की नई पॉलिसी के बाद डेटा शेयरिंग और पर्सनलाइज्ड विज्ञापनों के बीच संबंध को समझना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। यूजर्स को अपनी परमिशन और प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करते रहना चाहिए।