Google AI: क्या एआई आपके रिज्यूमे को कर रहा है रिजेक्ट? गूगल की टीम ने अपने ही हायरिंग सिस्टम पर उठाई उंगली

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Tue, 11 Aug 2026 03:52 PM IST
सार

क्या आपने कभी सोचा है कि इतनी मेहनत से तैयार किया गया आपका रिज्यूमे किसी इंसान की बजाय एक रोबोट पढ़ रहा है? और क्या हो अगर वह रोबोट किसी तकनीकी गलती की वजह से आपके बेहतरीन रिज्यूमे को कूड़ेदान में डाल दे? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि दुनिया को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेचने वाले टेक दिग्गज गूगल के घर से ही कुछ हैरान करने वाली खबरें आई हैं।

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गूगल - फोटो : FREEPIK

    विस्तार

    आजकल, बाजार में गूगल बड़े जोर-शोर से अपने एआई टूल्स का प्रचार कर रहा है। वह एचआर (HR) कंपनियों से कहता है कि उनके टूल्स का इस्तेमाल करके वे हजारों रिज्यूमे को चंद मिनटों में छांट सकते हैं और बेहतरीन टैलेंट ढूंढ सकते हैं। लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल डीपमाइंड की एजीआई सेफ्टी एंड अलाइनमेंट टीम, जिसका काम ही एआई से जुड़े खतरों को कम करना है, ने नौकरी मांगने वालों के लिए एक बिल्कुल अलग रास्ता अपनाया है।

    'असली इंसान पढ़ेगा आपकी सीवी'

    इस टीम ने ओपन जॉब्स के लिए अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों को सामान्य फॉर्म के साथ एक एक्स्ट्रा फॉर्म भरने को कहा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फॉर्म के पीछे की वजह चौंकाने वाली थी। आंतरिक दस्तावेज में साफ लिखा था, "हमारे पास एक ऐसा एप्लिकेशन सिस्टम है, जिसमें इस बात की काफी संभावना है कि आपका सीवी गलती से रिजेक्ट कर दिया जाए या हम तक पहुंचने में बहुत लंबा वक्त ले।" इस दस्तावेज में आगे लिखा था, "यह फॉर्म भरने से यह पक्का हो जाएगा कि हमारी टीम का एक असली इंसान आपके एप्लिकेशन को जरूर पढ़ेगा।"

    हालांकि, गूगल ने आधिकारिक तौर पर इस बात से साफ इनकार किया है कि उनका सिस्टम उम्मीदवारों को गलत तरीके से रिजेक्ट करता है। गूगल ने इसपर सफाई देते हुए कहा कि यह एक्स्ट्रा फॉर्म इसलिए बनाया गया था ताकि उम्मीदवार सीधे टीम तक अपना रिज्यूमे पहुंचा सकें, न कि रिक्रूटर के लंबे प्रोसेस से गुजरें।

    एआई का इस्तेमाल करने में कोई पीछे नहीं

    यह पूरा वाकया सिर्फ गूगल का नहीं, बल्कि पूरे जॉब मार्केट की बदलती तस्वीर पेश करता है। एक तरफ कंपनियां हजारों एप्लिकेशन से निपटने के लिए एआई का सहारा ले रही हैं, तो दूसरी तरफ उम्मीदवार भी पीछे नहीं हैं। वे भी एआई की मदद से रिज्यूमे और कवर लेटर बनाकर जॉब मार्केट के लिए अपनी प्रोफाइल को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

    एआई से लिखवाए घिसे-पिटे जवाबों से तंग आई कंपनियां

    गूगल की इस टीम ने जॉब के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स को सख्त हिदायत दी कि वे AI से जवाब न लिखवाएं। टीम ने कहा कि एक असली इंसान उनके जवाब पढ़ेगा। गूगल की इस टीम ने आगे कहा कि हम एआई वाले घिसे-पिटे जवाब पढ़-पढ़कर बहुत थक चुके हैं, क्योंकि वे सब एक जैसे ही लगते हैं।

    देखा जाए तो एआई के दौर में असली टैलेंट ढूंढ पाना अब कंपनियों के लिए थोड़ा मुश्किल हो गया है। एआई से बनाए गए रिज्यूमे, रिसर्च और प्रोफाइल को छांटते-छांटते गूगल जैसी कंपनियों की हायरिंग टीम भी थक चुकी है। एक तरफ दुनिया एआई के गुण गा रही है, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या इंसान की पारखी नजर की जगह कभी कोई मशीन ले पाएगी?

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