IIT-बॉम्बे से कैलिफोर्निया तक: कौन हैं देवेंद्र सिंह चपलोत जिन्हें मिली एलन मस्क की दो कंपनियों की जिम्मेदारी?

Jagriti
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Sun, 15 Mar 2026 12:25 PM IST
सार

Devendra Chaplot xAI:

भारतीय एआई और रोबोटिक्स एक्सपर्ट देवेंद्र चपलोत (Devendra Chaplot) अब दुनिया की सबसे चर्चित टेक टीमों में शामिल हो गए हैं। एलन मस्क ने उन्हें अपनी कंपनियों में शामिल किया है। आईआईटी-बॉम्बे से पढ़ाई करने वाले चपलोत वर्षों से एआई, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग पर काम कर रहे हैं। जानिए इनके बारे में विस्तार से...

From IIT-Bombay to Musk’s AI : Who Devendra Chaplot,  Mastermind Building Superintelligence SpaceX & xAI
एलन मस्क की स्पेसएक्स और एक्सएआई टीम में शामिल हुए देवेंद्र चपलोत - फोटो : amarujala.com

    विस्तार

    भारतीय टेक टैलेंट एक बार फिर वैश्विक टेक इंडस्ट्री में सुर्खियों में है। एआई और रोबोटिक्स एक्सपर्ट देवेंद्र चपलोत अब एलन मस्क की कंपनियों स्पेस एक्स और एक्सएआई से जुड़ गए हैं। ये जानकारी चपलाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मस्क के साथ अपनी तस्वीर साझा करते इस नई शुरुआत की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि वे मस्क और उनकी टीम के साथ मिलकर सुपरइंटेलिजेंस बनाने के मिशन पर काम करेंगे।

    एलन मस्क ने किया स्वागत

    देवेंद्र की एक्स पोस्ट पर एलन मस्क ने भी प्रतिक्रिया दी और उनका कंपनी में स्वागत किया।

    क्यों खास है ये?

    एक्सएआई मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी है, जिसका उद्देश्य ऐसे एआई सिस्टम बनाना है जो इंसानों की तरह समझने और सीखने में सक्षम हों। मस्क पहले भी कई बार कह चुके हैं कि भविष्य में एआई सिर्फ सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फिजिकल दुनिया और डिजिटल इंटेलिजेंस को जोड़ने वाली तकनीक बनेगा। इसी दिशा में स्पेस एक्स और एक्सएआई के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    देवेंद्र चपलोत के बारे में..

    IIT-बॉम्बे से कैलिफोर्निया तक: कौन हैं देवेंद्र सिंह चपलोत जिन्हें मिली एलन मस्क की दो कंपनियों की जिम्मेदारी?

    आईआईटी-बॉम्बे से शुरू हुआ सफर

    देवेंद्र चपलोत भारत के प्रमुख टेक संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने 2014 में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बी-टेक और एप्लाईड स्टैटस्टिक्स में माइनर किया था। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी (Carnegie Mellon University) से मशीन लर्निंग में पीएचडी की। उनका शोध मुख्य रूप से इंटेलिजेंट ऑटोनॉमस नेविगेशन एजेंट्स पर केंद्रित था, जो रोबोट और एआई सिस्टम को अपने आप निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं।

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    एआई और रोबोटिक्स में लंबा अनुभव

    चपलोत का करियर कई बड़ी टेक कंपनियों और रिसर्च संस्थानों से जुड़ा रहा है। उन्होंने सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, फेसबुक एआई रिसर्च जैसी कंपनियों में भी काम किया है। बता दें कि फेसबुक एआई रिसर्च में उन्होंने कंप्यूटर विजन रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के इंटरसेक्शन पर काम किया है।

    मिस्ट्रल एआई में अहम भूमिका

    इसके बाद 2020 में चपलोत यूरोप की एआई कंपनी मिस्ट्रल एआई से जुड़े। यह कंपनी बड़े भाषा मॉडल और उन्नत एआई सिस्टम विकसित करने के लिए जानी जाती है। वहां उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाते हुए मल्टीमॉडल रिसर्च टीम का नेतृत्व किया और कई बड़े एआई मॉडल्स के विकास में योगदान दिया। इनमें पिक्सट्रल लार्ज, पिक्सट्रल 12बी, मिस्ट्रल 7बी, मिक्सट्रल 8x7B, मिस्ट्रल लार्ज ये मॉडल टेक इंडस्ट्री में काफी चर्चा में रहे हैं।

    यहां भी दिखाया परचम

    मिस्ट्रल एआई के बाद चपलाेत थिंकिंग मशीन लैब्स नाम की एआई रिसर्च कंपनी की फाउंडिंग टीम का हिस्सा बनें। यह कंपनी उन्नत एआई प्रोडक्ट्स और रिसर्च पर काम करती है। इतना ही नहीं ये कई बड़े अवॉर्ड भी जीत चुके हैं। इनमें से कुछ प्रमुख: फेसबुक फेलोशिप (2020), सीवीपीआर 2020 एआई हैबिटेट ऑब्जेक्ट नेविगेशन चैलेंज, सीवीपीआर 2018 विज्युअल एसएलएएम वर्कशॉप के लिए डीप लर्निंग है। आपको बता दें ये अवॉर्ड्स एआई रिसर्च कम्युनिटी में काफी प्रतिष्ठित माने जाते हैं।

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    एआई की वैश्विक दौड़ में भारतीय प्रतिभा

    एआई की दुनिया में आज अमेरिका, यूरोप और चीन के बीच बड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। ऐसे में भारतीय वैज्ञानिक और इंजीनियर भी इस तकनीकी क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। देवेंद्र चपलोत का मस्क की टीम में शामिल होना इस बात का संकेत है कि भारतीय प्रतिभा वैश्विक एआई विकास में लगातार प्रभाव बढ़ा रही है।

    एक्सएआई में क्या होगी भूमिका?

    चपलोत तकनीक स्टाफ सदस्य के रूप में शामिल हुए हैं। कंपनी में ये इन कामों को संभालेंगे ऐसा माना जा रहा है:मल्टीमॉडल एआई:जो केवल टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि फोटो और वीडियो को भी इंसानों की तरह समझ सके।एम्बॉडीड एआई :ऐसे एआई दिमाग बनाना जो स्पेसएक्स के रॉकेट्स या फ्यूचर रोबोट्स को फिजिकल दुनिया में नेविगेट करने में मदद करें।सुपरइंटेलिजेंस: मस्क के उस लक्ष्य को हासिल करना जहां एआई मानव बुद्धि से आगे निकल जाए।