दिवाली पर व्हाट्सएप पर सक्रिय हुए साइबर ठग: हजारों रुपये बोनस और फ्री गिफ्ट का दे रहे झांसा, कैसे बचें आप?

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Sun, 08 Nov 2026 01:00 PM IST
सार

दिवाली पर हर कोई अच्छे डिस्काउंट और ऑफर्स की तलाश में रहता है, लेकिन जरा संभलकर। आपकी इसी तलाश का फायदा उठाने के लिए साइबर ठग भी पूरी तरह एक्टिव हो चुके हैं। ऐसे मौकों पर व्हाट्सएप पर फ्री गिफ्ट, बंपर डिस्काउंट और पूरे 80,000 रुपये के फर्जी सरकारी बोनस के नाम पर लुभावने मैसेज तेजी से वायरल होते हैं। अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आया है, तो उस पर क्लिक करने से पहले जान लें कि यह खतरनाक जाल कैसे काम करता है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।

Free Gifts, Huge Discounts, Beware These Diwali WhatsApp Scams
दिवाली फ्री गिफ्ट स्कैम - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    'दिवाली धमाका, इस लिंक पर क्लिक करें और इस प्रोडक्ट पर पाएं हजाराे रुपये की छूट, ऑफर सीमित'...अगर आपके व्हाट्सएप पर भी कुछ ऐसा मैसेज आया है, तो सावधान हो जाइए और उसपर क्लिक तो बिल्कुल न करें। क्योंकि व्हाट्सएप पर इन मौकों पर फ्री गिफ्ट, दिवाली बोनस और बड़े डिस्काउंट का लालच देकर लोगों को फंसाने वाले मैसेज भेजे जाते हैं। इन मैसेज के साथ एक लिंक भी दिया जाता है, जो आपको किसी फर्जी वेबसाइट पर ले जा सकता है। वहां नाम, मोबाइल नंबर और बैंक से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है। जरा-सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है।

    कैसे दिवाली ऑफर के नाम पर लोगों को फंसाते हैं साइबर ठग?

    • व्हाट्सएप पर नकली ऑफर का लालच देकर लोगों की निजी जानकारी चुराने की कोशिश को फिशिंग कहा जाता है। इसमें साइबर ठग किसी मशहूर शॉपिंग कंपनी या सरकारी योजना जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट तैयार करते हैं। इसके बाद लोगों को मैसेज भेजकर दावा किया जाता है कि उन्हें दिवाली पर भारी डिस्काउंट, फ्री गिफ्ट या कैशबैक मिल सकता है।
    • लोग जल्दबाजी में फैसला लें, इसके लिए मैसेज में यह भी लिखा होता है कि ऑफर कुछ ही समय के लिए है। ऐसे में कई लोग बिना जांच किए लिंक खोल लेते हैं। इसके बाद फर्जी वेबसाइट पर नाम, फोन नंबर, बैंक अकाउंट, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी और ओटीपी जैसी डिटेल मांगी जा सकती है। कुछ मामलों में ठग अनजान ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहते हैं।
    • हाल ही में व्हाट्सएप पर एक ऐसा ही मैसेज सामने आया था, जिसमें दावा किया गया था कि सरकार की तरफ से लोगों को आठ हजार रुपये का दिवाली बोनस दिया जा रहा है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे को गलत बताया था।
    • पीआईबी के अनुसार, सरकार की ओर से ऐसा कोई बोनस नहीं दिया जा रहा है। इस मैसेज के जरिए लोगों की निजी जानकारी चुराने की कोशिश की जा रही थी। इसलिए व्हाट्सएप पर सरकार या किसी बड़ी कंपनी के नाम से आए हर ऑफर पर भरोसा करना ठीक नहीं है।
    दिवाली फ्री गिफ्ट स्कैम
    दिवाली फ्री गिफ्ट स्कैम - फोटो : एआई जनरेटेड

    दिवाली ऑफर के नाम पर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये पांच तरीके

    1. अनजान लिंक खोलने से बचें: किसी अनजान नंबर से गिफ्ट, कैशबैक या भारी डिस्काउंट का मैसेज आए तो लालच में आकर उसके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक न करें।

    2. ऑफर की सच्चाई जरूर जांचें:

    किसी भी ऑफर का फायदा उठाने से पहले उससे संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर जाकर उसकी जानकारी लें। अगर वहां ऑफर का जिक्र नहीं है, तो ऐसे मैसेज से दूरी बनाए रखें।

    3. ओटीपी या यूपीआई पिन किसी को न बताएं:

    बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। याद रखें, पैसे पाने के लिए यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं होती। ओटीपी या यूपीआई पिन किसी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट को न दें।

    4. अनजान एप डाउनलोड न करें:

    व्हाट्सएप पर भेजी गई एपीके फाइल या किसी अनजान लिंक से ऐप इंस्टॉल करने से बचें। ऐसा एप आपके फोन और निजी जानकारी के लिए खतरा बन सकता है।

    5. बिना जांचे मैसेज फॉरवर्ड न करें:

    किसी ऑफर की पुष्टि किए बिना उसे दोस्तों और परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर न करें। ऐसा करने से फर्जी मैसेज और लोगों तक पहुंच सकता है।

    ऑनलाइन ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

    • अगर आपने किसी फर्जी लिंक पर क्लिक कर दिया है या अपनी जानकारी साझा करने के बाद आपके बैंक खाते से पैसे कट गए हैं, तो बिना देरी किए अपने बैंक को इसकी जानकारी दें।
    • इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। आप सरकारी वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर भी ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है।

    एक्सपर्ट्स कहते हैं कि त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी और आकर्षक ऑफर्स के मैसेज बढ़ जाते हैं। साइबर ठग इसी मौके का फायदा उठाकर लोगों को जल्दबाजी में लिंक खोलने या निजी जानकारी साझा करने के लिए उकसाते हैं। इसलिए किसी भी गिफ्ट, बोनस या डिस्काउंट के लालच में आने से पहले उसकी सच्चाई जांचना जरूरी है।