Elon Musk vs OpenAI: मस्क ने हटाए धोखाधड़ी के आरोप, फिर भी कर रहे 134 अरब डॉलर की मांग; जानें क्या है मामला

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीSuyash Pandey
Sat, 25 Apr 2026 01:49 PM IST
सार

Elon Musk OpenAI Case:

एलन मस्क और ओपनएआई के बीच चल रही कानूनी जंग में एक बड़ा मोड़ आया है। मस्क ने सैम ऑल्टमैन और कंपनी पर लगाए गए धोखाधड़ी के आरोप वापस ले लिए हैं। इससे कोर्ट ट्रायल अब सिर्फ दो दावों पर सिमट गया है। क्या है पूरा मामला इस लेख के जरिए समझेंगे।

Elon Musk Drops Fraud Claims Against OpenAI, Case Narrows Ahead of Trial
Elon Musk vs OpenAI - फोटो : एआई

    विस्तार

    एलन मस्क ने एआई कंपनी ओपनएआई और इसके को-फाउंडर्स सैम ऑल्टमैन और ग्रेग ब्रॉकमैन के खिलाफ लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों को वापस ले लिया है। एक अहम ट्रायल शुरू होने से ठीक पहले उठाए गए इस कदम से यह हाई-प्रोफाइल केस अब काफी छोटा हो गया है। नवंबर 2024 में मस्क ने कुल 26 आरोप लगाए थे, लेकिन अब अमेरिकी कोर्ट में सिर्फ दो मुख्य दावों पर सुनवाई होगी।

    पहला 'अनजस्ट एनरिचमेंट' (गलत तरीके से मुनाफा कमाना) और दूसरा 'चैरिटेबल ट्रस्ट का उल्लंघन' (गैर-लाभकारी नियमों को तोड़ना)। अमेरिकी ट्रायल कोर्ट ने मस्क की इस अपील को मान लिया है और कैलिफोर्निया के ओकलैंड में जूरी चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। भले ही कानूनी मामलों की संख्या कम हो गई है, लेकिन ओपनएआई के काम करने के तरीके को लेकर असली विवाद अभी भी जारी है।

    मस्क के मुख्य आरोप क्या हैं?

    इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ एलन मस्क का यह मानना है कि ओपनएआई अब उस नेक मकसद से पूरी तरह भटक गया है। इसके लिए इसकी नींव रखी गई थी। साल 2015 में जब इस संस्था की शुरुआत हुई थी, तब इसे एक 'नॉन-प्रॉफिट' यानी गैर-लाभकारी संगठन के रूप में स्थापित किया गया था। इसका एकमात्र लक्ष्य इंसानियत की भलाई के लिए सुरक्षित एआई विकसित करना था।

    मस्क का तर्क है कि जब ओपनएआई ने अपनी दिशा बदलते हुए खुद को 'कैप्ड-प्रॉफिट' मॉडल में ढाला। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट से अरबों डॉलर का निवेश लिया तो उसने अपने मूल विजन को तिलांजलि देकर सार्वजनिक हित के बजाय व्यावसायिक मुनाफे को प्राथमिकता दे दी। यही वजह है कि धोखाधड़ी के आरोप वापस लेने के बाद भी मस्क हार मानने को तैयार नहीं हैं।

    वे अब भी 134 अरब डॉलर के भारी-भरकम हर्जाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वे यह पैसा खुद नहीं रखना चाहते, बल्कि उनका प्रस्ताव है कि यह राशि ओपनएआई की चैरिटी विंग को दी जाए। मस्क का असली मकसद कंपनी को फिर से उसके पुराने नॉन-प्रॉफिट स्वरूप में वापस लाना और सैम ऑल्टमैन व ग्रेग ब्रॉकमैन को उनके नेतृत्व पदों से हटाकर संगठन में बुनियादी बदलाव करना है।

    ओपनएआई का क्या कहना है?

    दूसरी ओर, ओपनएआई के साथ-साथ सैम ऑल्टमैन, ग्रेग ब्रॉकमैन और माइक्रोसॉफ्ट ने मस्क के जरिए लगाए गए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी ने मस्क की इस कानूनी लड़ाई को एक 'सोची-समझी साजिश' करार देते हुए कहा है कि ये दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

    ओपनएआई के वकीलों का तर्क है कि इस मुकदमे के पीछे मस्क का असली इरादा जनहित नहीं, बल्कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा है। उनके अनुसार, मस्क ने साल 2023 में अपनी खुद की एआई कंपनी 'xAI' शुरू की है और अब वे इस कानूनी विवाद के जरिए अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी को नुकसान पहुंचाकर अपने बिजनेस को फायदा पहुंचाना चाहते हैं।