e-Jagriti: अब घर बैठे सुलझ रहे उपभोक्ता के मामले, जानें क्या है यह प्लेटफॉर्म और कैसे करता है ऑनलाइन समाधान
आज अधिकतर लोग ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल पेमेंट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अगर किसी प्रोडक्ट या सर्विस को लेकर शिकायत हो जाए, तो अब उपभोक्ता को आयोगों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार का e-Jagriti पोर्टल शिकायत दर्ज करने से लेकर सुनवाई और केस ट्रैक करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस बना चुका है। लेकिन यह पोर्टल क्या है और घर बैठे शिकायत कैसे दर्ज की जाती है? आइए जानते हैं।

विस्तार
E-Jagriti Portal:
कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी के लेख को साझा करते हुए कहा कि ई-जागृति प्लेटफॉर्म व्यापक स्तर पर विभिन्न हितधारकों के सुझावों के बाद तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ता शिकायतों की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है और उपभोक्ताओं को तेज, पारदर्शी और आसान न्याय मिलने का रास्ता खुला है। इसके बाद से ई-जागृति को लेकर चर्चा तेज हो गई। आइए जानते हैं आखिर यह क्या है।
E-Jagriti प्लेटफॉर्म क्या है?
- ई-जागृति भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने, सुनवाई में शामिल होने और अपने केस की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराना है।
- यह प्लेटफॉर्म एक जनवरी 2025 को शुरू किया गया था। इसमें पहले से चल रहे चार अलग-अलग सिस्टम ओसीएमएस, ई-दाखिल, एनसीडीआरसी सीएमएस, कॉन्फोनेंट को एक साथ करके इसे एआई की मदद से इसे पेपरलेस डिजिटल सिस्टम बनाया गया है।
E-Jagriti पोर्टल से घर बैठे कैसे शिकायत करें?
- पोर्टल खोलें:सबसे पहले e-Jagriti की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- नया अकाउंट बनाएं:इसके बाद रजिस्टर विकल्प पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, नाम तथा पासवर्ड दर्ज करके अपना अकाउंट तैयार करें।
- जरूरी दस्तावेज तैयार रखें: यहां पर ध्यान रहे कि शिकायत दर्ज करने से पहले आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस, खरीदारी की रसीद
- कंपनी से हुई बातचीत, ईमेल या सर्विस रिपोर्ट और अन्य जरूरी सबूतों को साथ में रखें।
- शिकायत दर्ज करें:फिर लॉगिन करें और इसके बाद File a Complaint या ई-दाखिल विकल्प चुनें। शिकायत का पूरा विवरण भरें और संबंधित दस्तावेज अपलोड करें।
- फीस जमा करें:इसके बाद आपसे कुछ शुल्क मांगा जाएगा, उसे भरें। यह फीस आपसे शिकायत की श्रेणी के अनुसार ली जाएगी।
- केस ट्रैक करें: इतना करते ही आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी। इसके बाद आप इसे ट्रैक भी कर सकते हैं। शिकायत जमा होने के बाद आपको केस नंबर या डायरी नंबर मिलेगा। इसी नंबर से आप अपने केस की स्थिति और अगली सुनवाई की तारीख ऑनलाइन देख सकते हैं।
कैसे होती है ऑनलाइन सुनवाई?
- केस की स्थिति पोर्टल पर उपलब्ध रहती है।
- सुनवाई की जानकारी ऑनलाइन मिलती है।
- पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है।
- पेपर फाइलों की जरूरत लगभग खत्म हो जाती है।
- इससे उपभोक्ताओं को बार-बार कार्यालय या आयोग जाने की आवश्यकता काफी कम हो जाती है।
सरकार के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विदेश में रहने वाले भारतीय (NRI) भी भारत आए बिना अपनी उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसका समाधान ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।
अब तक कितने मामलों का हुआ निपटारा?
- दो जुलाई 2026 तक 2.29 लाख से अधिक उपभोक्ता मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
- 2.07 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
- कुल 90.75 प्रतिशत निपटान दर हासिल हुई है।