AI समिट में Digi Yatra एप से आसान होगी एंट्री: कॉन्टैक्टलेस होगा वेरिफिकेशन, फोन पर आएगा पास
Face Verification Entry:
एआई इंपैक्ट समिट में अब प्रवेश प्रक्रिया को आसान और तेज बना दिया गया है। सरकार ने यहां Digi Yatra (डिजी यात्रा) के माध्यम से फेस-वेरिफिकेशन आधारित कॉन्टैक्टलेस एंट्री सिस्टम लागू किया है। इस व्यवस्था में प्रतिभागियों को फिजिकल पास दिखाने या लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होती। बस एप के जरिए फेस वेरिफिकेशन पूरा करते ही एंट्री डिजिटल रूप से मंजूर हो जाती है।

विस्तार
मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में डिजी यात्रा के जरिए कॉन्टैक्टलेस, फेस-बेस्ड एंट्री सक्षम की गई है। सरकार का दावा है कि ये नागरिक-केंद्रित डिजिटल सॉल्यूशंस की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है, जहां सुरक्षा, सुविधा और स्पीड तीनों का संतुलन रखा गया है।
कैसे मिलेगा प्रवेश?
समिट में प्रवेश की प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है। इसके लिए बस समिट के आधिकारिक एप पर जाएं और नीचे बताएं गए स्टेप्स को फॉलों करें:
- एप खोलें: समिट का आधिकारिक एप डाउनलोड कर ओपन करें।
- डिजी यात्रा चुनें:Enter with Digi Yatra विकल्प पर क्लिक करें।
- फेस स्कैन:अपने फोन के फ्रंट कैमरे से फेस वेरिफिकेशन पूरा करें।
- पास रेडी: आपका डिजिटल पास तुरंत डिजी यात्रा एप में लोड हो जाएगा।
प्रक्रिया पूरी होते ही आपका समिट पास सीधे Digi Yatra एप में दिखाई देगा। पूरी प्रक्रिया कुछ मिनट लग सकते हैं।
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प्राइवेसी को लेकर क्या आश्वासन?
अक्सर लोग फेस-स्कैन को लेकर प्राइवेसी की चिंता करते हैं, लेकिन इस समिट के लिए नियम बेहद सख्त और सुरक्षित हैं।
- ऑटो-डिलीट फीचर: मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि प्रतिभागियों का सारा डा 21 फरवरी 2026 को सिस्टम से अपने आप मिटा दिया जाएगा।
- नो-स्टोरेज:आपकी कोई भी फोटो सर्वर पर स्थायी रूप से सेव नहीं की जाएगी। ना ही डाटा किसी थर्ड पार्टी के साथ साझा किया जाएगा।
- पूरी तरह स्वैच्छिक: इस सिस्टम का उपयोग करना अनिवार्य नहीं है। जो प्रतिभागी चाहें, वही इसका उपयोग कर सकते हैं। अगर वे सहज नही हैं तो पुराने मैन्युअल तरीके से प्रवेश ले सकते हैं।
यह मॉडल मिनिमम डेटा, मैक्सिमम सिक्योरिटी सिद्धांत पर आधारित बताया जा रहा है।
आपको बता दें कि डिजी यात्रा पहले से देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर लागू है, जहां यात्री बिना फिजिकल बोर्डिंग पास दिखाए फेस स्कैन से प्रवेश करते हैं। अब उसी तकनीक को बड़े टेक इवेंट में लागू कर सरकार यह दिखाना चाहती है कि फेस-बेस्ड डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम केवल एयर ट्रैवल तक सीमित नहीं है।
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हालांकि समिट के लिए तकनीकी डिटेल सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन डिजी यात्रा आमतौर पर फेस रिकग्निशन एल्गोरिद्म, एन्क्रिप्टेड डाटा स्टोरेज, टेम्परेरी टोकनाइजेशन, ऑन-डिवाइस वेरिफिकेशन जैसी तकनीकों का उपयोग करता है, जिससे यूजर डाटा सुरक्षित रहे और प्रोसेस तेज हो।
क्यों अहम है यह कदम?
सरकार का मानना है कि इस सिस्टम से बड़े आयोजनों में भीड़ को काबू करना या भीड़ प्रबंधन आसान होगा। पेपरलेस और टचलेस एंट्री संभव होगी, सुरक्षा जांच तेज होगी और डिजिटल इंडिया मिशन को बढ़ावा मिलेगा। अगर ये मॉडल सफल होता है तो भविष्य में बड़े सरकारी और निजी आयोजनों में भी फेस -बेस्ड एंट्री सिस्टम आम हो सकता है।