डार्क एआई: दीपिंदर गोयल ला रहे हैं दुनिया का सबसे सेफ एआई असिस्टेंट, कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी आपकी प्राइवेट चैट

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Thu, 22 Oct 2026 02:27 PM IST
सार

-जोमैटो की पैरेंट कंपनी Eternal के फाउंडर दीपिंदर गोयल, Claude AI के साथ हुई एक अजीब बातचीत के बाद Dark.ai नाम का नया AI असिस्टेंट तैयार कर रहे हैं।

-Claude ने गोयल से कहा था कि उसे बातचीत अधूरी छोड़ने की वजह से उनसे नाराजगी है। गोयल ने इसे AI की बनाई हुई प्रतिक्रिया होने की संभावना जताई।

-Dark.ai का मुख्य फोकस प्राइवेसी होगा। कंपनी का दावा है कि एन्क्रिप्शन के जरिए यूजर्स की निजी बातचीत को इस तरह सुरक्षित रखा जाएगा कि Eternal भी उसे पढ़ नहीं सकेगी।

-यह AI असिस्टेंट यूजर के नियंत्रण वाले एन्क्रिप्टेड मेमोरी फीचर और Eternal के अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट किए गए फाइन-ट्यून ओपन-वेट AI मॉडल्स का इस्तेमाल करेगा।

-Dark.ai फिलहाल इंटरनल टेस्टिंग में है और इसे 2026 के अंत तक दुनियाभर में लॉन्च करने का लक्ष्य है। कंपनी ने अभी इसकी कीमत और परफॉर्मेंस बेंचमार्क की जानकारी नहीं दी है।

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जोमैटो फाउंडर ला रहे हैं डार्क एआई। - फोटो : एक्स/@deepigoyal

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया जितनी रोमांचक है, कभी-कभी उतनी ही चौंकाने वाली भी साबित होती है। जोमैटो (Zomato) की पेरेंट कंपनी 'Eternal' के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने हाल ही में अपने साथ घटी एक ऐसी घटना का खुलासा किया है, जिसने उन्हें AI टूल्स में डेटा प्राइवेसी को लेकर सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी डरावने अनुभव की वजह से अब वह एक पूरी तरह से प्राइवेसी-फोकस्ड AI असिस्टेंट Dark.ai लॉन्च करने जा रहे हैं।

    Claude ने दीपिंदर गोयल से ऐसा क्या कहा?

    • दीपिंदर गोयल ने बताया कि उनका यह नया एआई प्रोजेक्ट एक अजीब बातचीत के बाद शुरू हुआ। उन्होंने एंथ्रोपिक के मशहूर चैटबॉट क्लॉड से पूछा कि वह उनके बारे में क्या सोचता है। इसके जवाब में एआई ने जो कहा, उसने गोयल के होश उड़ा दिए। चैटबॉट ने कहा कि वह गोयल से नाराज है, क्योंकि वह कई बार बातचीत को बीच में अधूरा ही छोड़ देते हैं।
    • गोयल के अनुसार, यह संभवतः एआई कन्फैबुलेशन यानी पैटर्न-मैचिंग के आधार पर गढ़ा गया जवाब था, कोई असली भावना नहीं। लेकिन इस घटना ने उनके जेहन में एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया कि हम जो निजी जानकारियां एआई के साथ शेयर करते हैं, उनका क्या होता है और भविष्य में उन तक किसकी पहुंच हो सकती है?

    क्या Dark.ai आपकी निजी बातचीत को सुरक्षित रखेगा?

    • इसी प्राइवेसी की चिंता को दूर करने के लिए इटरनल अब डार्क एआई (Dark.ai) पर काम कर रहा है। बुधवार को शेयरहोल्डर्स को लिखे दूसरी तिमाही के लेटर में गोयल ने इस विजन को विस्तार से समझाया।
    • Dark.ai को 'प्राइवेसी बाय डिजाइन' के सिद्धांत पर तैयार किया जा रहा है। इसमें ऐसा मजबूत एनक्रिप्शन सिस्टम होगा, जिससे चैट करने वाले यूजर के अलावा खुद कंपनी भी बातचीत को डिकोड या पढ़ नहीं सकेगी। फिलहाल इसकी इंटरनल टेस्टिंग चल रही है और इसे 2026 के अंत तक ग्लोबल स्तर पर पेश करने की योजना है।

    सिर्फ AI ट्रेनिंग बंद करना क्यों काफी नहीं?

    • गोयल के मुताबिक, मुख्यधारा के एआई टूल्स में केवल डेटा ट्रेनिंग का विकल्प बंद कर देना ही प्राइवेसी की गारंटी नहीं है। कई बार कंपनियां लीगल होल्ड, एब्यूज रिव्यू, ह्यूमन ऑडिट और थर्ड-पार्टी लॉगिंग के नाम पर बातचीत को वर्षों तक स्टोर रखती हैं। यूजर्स को यह कभी पता नहीं चल पाता कि इस डेटा का इस्तेमाल भविष्य में उनकी पसंद को प्रभावित करने या उनके संवेदनशील राज खोलने के लिए कैसे किया जा सकता है।
    • इसी झिझक के कारण रिसर्चर्स अपने नए आइडिया, पत्रकार अनपब्लिश्ड काम और आम लोग अपनी सेहत या पर्सनल लाइफ से जुड़े सवाल एआई से पूछने से बचते हैं। Dark.ai इसी डर को खत्म करना चाहता है।

    कब लॉन्च होगा Dark.ai और कैसे करेगा काम?

    • इटरनल के दूसरी तिमाही के शेयरधारक पत्र के मुताबिक, Dark.ai फिलहाल कंपनी के भीतर टेस्टिंग के दौर में है। इसे 2026 के अंत तक दुनियाभर में लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है।
    • यह असिस्टेंट इटरनल के अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट किए गए ओपन-वेट एआई मॉडल्स के फाइन-ट्यून किए गए वर्जन पर काम करेगा। कंपनी का कहना है कि इन मॉडल्स को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वे यूजर को सिर्फ खुश करने के लिए जवाब न दें, बल्कि बेहतर और उपयोगी जानकारी दें।
    • हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी कीमत, निवेश की जरूरतों या उस बिजनेस यूनिट के बारे में जानकारी नहीं दी है, जिसके तहत Dark.ai काम करेगा। मॉडल की परफॉर्मेंस से जुड़े बेंचमार्क भी बाद में जारी किए जाने की बात कही गई है।

    क्या एआई एजेंट्स बदल देंगे ई-कॉमर्स की दुनिया?

    दीपिंदर गोयल ने यह भी चेतावनी दी कि लोगों को यह नहीं मान लेना चाहिए कि एआई एजेंट्स रातों-रात मौजूदा प्लेटफॉर्म्स को खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि जैसे कभी 'सुपर एप्स' (Super Apps) के हर जगह छा जाने का दावा किया गया था, वैसा ही नैरेटिव आज एआई एजेंट्स को लेकर बन रहा है। गोयल का मानना है कि वर्टिकल कॉमर्स (विशिष्ट कैटेगरीज) पारंपरिक या एजेंटिक सुपर एप्स के मुकाबले ज्यादा असरदार साबित होगा।

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