CRPF में स्मार्टफोन को लेकर सख्ती, बताना पड़ेगा फोन का मॉडल और इंटरनेट देने वाली कंपनी का नाम
जवानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिजन और मित्र, उनके बारे में जो भी पोस्ट सोशल मीडिया में डालें, उससे पहले उन्हें उसकी इजाजत लेनी पड़ेगी...

विस्तार
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ ने अपने अधिकारियों और जवानों के लिए स्मार्टफोन के इस्तेमाल को लेकर लंबी चौड़ी नियमावली जारी की है। किस जवान के पास कौन सा फोन है, उसमें किस कंपनी का नेट है या नहीं, ये सब बताना होगा। यदि वह स्मार्टफोन अपने कार्यालय में लाता है, तो उसे कहां पर रखा जाएगा, नई नियमावली में इन सबके बारे में विस्तार से बताया गया है।
बहुत से पदों के लिए कार्यालय में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर बैन लगाया गया है, अगर वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। मीटिंग व कॉन्फ्रेंस हाल में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध रहेगा। किसी कर्मी के परिजनों और दोस्तों के लिए भी सोशल मीडिया को लेकर हिदायत जारी की गई हैं।
प्रोफाइल पर वर्दी वाला फोटो नहीं
जवानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिजन और मित्र, उनके बारे में जो भी पोस्ट सोशल मीडिया में डालें, उससे पहले उन्हें उसकी इजाजत लेनी पड़ेगी। अगर जवान कहेगा, तभी वह पोस्ट सोशल मीडिया में आएगी। इस बात का भी खासतौर पर ध्यान रखना होगा कि किसी जवान के परिजन व जानने वाले उसकी पोस्टिंग, यात्रा प्रबंध और दूसरी जानकारी को सार्वजनिक न करें। सोशल मीडिया के प्रोफाइल पर वर्दी वाला फोटो हरगिज न डालें। कई पदों पर तैनात जवानों के लिए स्मार्टफोन की जगह फीचर फोन के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।
एन्क्रिप्टेड यूजिंग इनबिल्ट फीचर को चालू रखें
सीआरपीएफ मुख्यालय की तरफ से जारी आदेशों में स्मार्टफोन और सामान्य फीचर फोन का अंतर भी समझाया गया है। क्या करें और क्या न करें, इसकी विस्तृत नियमावली जारी की गई है। स्मार्टफोन को सदैव पासवर्ड के जरिए सुरक्षित रखना होगा। सोशल मीडिया पर जब भी किसी मित्र या दूसरी जगह से कोई पोस्ट आती है तो प्राइवेट सोशल मीडिया प्लेटफार्म की स्कैनिंग अवश्य करें।
कार्यालय के लिए इस्तेमाल होने वाले स्मार्टफोन का निजी उपयोग होता है तो उस दौरान एन्क्रिप्टेड यूजिंग इनबिल्ट फीचर को चालू रखें और 'फाइंड मॉय डिवाइस' को एक्टिवेट कर दें। किसी भी रूप में स्मार्टफोन के जरिए कोई निजी जानकारी सोशल मीडिया में साझा नहीं की जाएगी।
क्लासिफाइड सूचना के लेनदेन पर भी बैन रहेगा। यदि कोई जवान सोशल मीडिया में कुछ डालता है तो वह ध्यान रखे कि बल का चिन्ह इस्तेमाल न करे। अपने पहचान पत्र वाला ऐसा कोई फोटो साइट पर न डालें, जिससे आपके बल के बारे में दूसरे लोगों को जानकारी मिल जाए।