सरकार की सख्ती: एपल ने भारत में अपने एप स्टोर से बिटचैट हटाया, क्यों अवैध; क्या दूसरे देशों में मिलेगा?

एपल ने भारत में ऑफलाइन मैसेजिंग एप बिटचैट को अपने एप स्टोर से हटा दिया है। एप के डेवलपर जैक डोर्सी ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये इसकी जानकारी दी। उन्हाेंने कहा कि यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की मांग पर की गई है। उन्होंने एपल की एप रिव्यू टीम की ओर से भेजे गए नोटिस का स्क्रीनशॉट भी साझा किया।
भारत में क्यों अवैध माना गया, क्या दूसरे देशों में मिलेगा?
एपल के नोटिस के अनुसार, भारत में एप स्टोर इसलिए हटाया गया क्योंकि इसमें ऐसा कंटेंट शामिल है जिसे भारत में अवैध माना गया है। यह एप रिव्यू गाइडलाइन्स के अनुरूप नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि डेवलपर एप को हटाए जाने या भारत के कानूनों और आवश्यकताओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए सीधे मंत्रालय से संपर्क कर सकता है। बिटचैट दूसरे देशों के एप स्टोर पर उपलब्ध रहेगा। भारत में इसका टेस्ट फ्लाइट संस्करण भी उपलब्ध नहीं रहेगा और सार्वजनिक टेस्टफ्लाइट लिंक काम नहीं करेंगे।
जुलाई में भी हुई थी कार्रवाई
बिटचैट पर सरकार की कार्रवाई का यह दूसरा मामला है। इससे पहले जुलाई में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने माइक्रोसॉफ्ट के स्वामित्व वाले गिटहब को बिटचैट हटाने का निर्देश दिया था। उस समय डोर्सी ने सरकार के कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि भारत सरकार बिटचैट जैसी तकनीकों को पसंद नहीं करती और इसे हटाना चाहती है। बिटचैट ब्लूटूथ आधारित विकेंद्रीकृत नेटवर्क के जरिये आसपास के उपकरणों के बीच सीधे संचार की सुविधा देता है। इसकी मदद से इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध होने के बावजूद संचार संभव हो सकता है।