China: चीन का APEC सम्मेलन में बड़ा एलान; वैश्विक एआई सहयोग संगठन बनाने का प्रस्ताव दिया
APEC सम्मेलन में शी जिनपिंग ने वैश्विक एआई संगठन बनाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सभी देशों के लिए फायदेमंद होनी चाहिए। अमेरिका की गैरमौजूदगी में चीन ने तकनीकी नेतृत्व की नई दिशा दिखाने की कोशिश की।

विस्तार
दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू शहर में हुए APEC (एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन) शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक बड़ा प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया को अब एक वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहयोग संगठन की जरूरत है, जो सभी देशों के लिए एक जैसे नियम बनाए और मिलकर एआई तकनीक को आगे बढ़ाए। शी जिनपिंग ने कहा, 'एआई भविष्य के विकास के लिए बहुत जरूरी है। इसे ऐसे बनाया जाना चाहिए कि इसका फायदा पूरी मानवता को मिले।' उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यह संगठन शंघाई में बनाया जा सकता है और इसका लक्ष्य होगा कि एआई को 'मानवता की भलाई के लिए वैश्विक संपत्ति' बनाया जाए।
अमेरिका और चीन का अलग नजरिया
जहां चीन वैश्विक स्तर पर एआई के नियम बनाने की बात कर रहा है, वहीं अमेरिका इस विचार से सहमत नहीं है। अमेरिका का मानना है कि सख्त अंतरराष्ट्रीय नियम इनोवेशन को सीमित कर सकते हैं। कई विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का यह कदम अमेरिका को टक्कर देने और खुद को तकनीकी नीति में अग्रणी दिखाने की कोशिश है।
ट्रंप की गैरमौजूदगी में चीन ने संभाली चर्चा की कमान
इस बार APEC सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शामिल नहीं हुए। वे शी जिनपिंग के साथ बैठक के बाद सीधे अमेरिका लौट गए। हालांकि दोनों नेताओं ने व्यापार और तकनीकी नियंत्रणों में ढील देने के लिए एक साल का समझौता किया। ट्रंप की गैरमौजूदगी में शी जिनपिंग ने सम्मेलन में पूरी तरह नेतृत्व की भूमिका निभाई और चीन को वैश्विक व्यापार और तकनीकी सहयोग का प्रमुख देश बताया।
एआई में आत्मनिर्भर बनने की ओर चीन
दुनिया में इस समय अमेरिकी कंपनी एनवीडिया के चिप एआई तकनीक में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, चीन की डीपसीक कंपनी कम कीमत में अपने एआई मॉडल बना रही है। बीजिंग का कहना है कि यह उसके लिए 'एल्गोरिदमिक संप्रभुता' की दिशा में कदम है, यानी देश अपने डेटा और तकनीक पर खुद का नियंत्रण रख सके।
पर्यावरण और हरित तकनीक पर जोर
शी जिनपिंग ने सम्मेलन में ग्रीन टेक्नोलॉजी यानी पर्यावरण से जुड़ी तकनीकों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल, बैटरी और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ी चीजों के मुक्त व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'ग्रीन टेक्नोलॉजी आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा बनेगी' ध्यान देने वाली बात है कि इन तकनीकों में चीन पहले से ही दुनिया का लीडर है।
2026 में चीन करेगा APEC की मेजबानी
सम्मेलन के अंत में APEC देशों ने एआई सहयोग और बुजुर्ग आबादी की चुनौतियों से निपटने के लिए एक संयुक्त घोषणा जारी की। इसके साथ ही यह तय हुआ कि 2026 का APEC शिखर सम्मेलन चीन के शेनझेन शहर में होगा।
शी जिनपिंग ने कहा कि शेनझेन, जो कभी एक छोटा मछुआरों का गांव था, अब रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बन चुका है।
APEC क्या है?
APEC (एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन) एशिया-प्रशांत क्षेत्र का एक बड़ा आर्थिक मंच है। इसमें 21 देश शामिल हैं जो दुनिया के लगभग 50% व्यापार को नियंत्रित करते हैं। इसका मकसद सदस्य देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय सहयोग को मजबूत करना है। चीन का यह प्रस्ताव दिखाता है कि वह आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नीति के वैश्विक नियमों को बनाने में बड़ी भूमिका निभाना चाहता है।
ट्रंप की अनुपस्थिति में शी जिनपिंग ने APEC मंच पर चीन का नेतृत्व दिखाया और यह संदेश दिया कि एआई का भविष्य अब सिर्फ पश्चिम नहीं, बल्कि पूर्व भी तय करेगा।