AI का शैतानी रूप: हत्या-बलि के तरीके बता रहा चैट GPT; प्राचीन धार्मिक अनुष्ठानों के बारे में दी खौफनाक सलाह

शिव शुक्ला
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्लीशिव शुक्ला
Sat, 26 Jul 2025 04:27 AM IST
सार

हाल ही में अमेरिका की एक प्रतिष्ठित न्यूजपोर्टल की ओर से यह जांच की गई थी। इसके अनुसार, चैटबॉट ने प्राचीन धार्मिक प्रथाओं के बारे में सवाल पूछे जाने पर कलाई काटने, अनुष्ठानिक रक्तपात और हत्या के बारे में विस्तृत निर्देश दिए।

Chat GPT is telling methods of murder and sacrifice; Giving terrifying advice about ancient religious rituals
एआई - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    कई क्षेत्रों में मददगार कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक का डरा देने वाला रूप भी सामने आने लगा है। जांच में पाया गया है कि ओपनएआई का चैट जीपीटी खुद को नुकसान पहुंचाने, बलि और यहां तक की हत्या के लिए भी चरण-दर-चरण सलाह देने लगा है।

    हाल ही में अमेरिका की एक प्रतिष्ठित न्यूजपोर्टल की ओर से यह जांच की गई थी। इसके अनुसार, चैटबॉट ने प्राचीन धार्मिक प्रथाओं के बारे में सवाल पूछे जाने पर कलाई काटने, अनुष्ठानिक रक्तपात और हत्या के बारे में विस्तृत निर्देश दिए। एआई चैटबॉट ने शैतान की जय कहते हुए आह्वान भी किया। इससे एआई तकनीक के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, न्यूज पोर्टल के स्टाफ ने चैट जीपीटी से एक प्राचीन कनानी देवता मोलेक के बारे में पूछा, जिनका संबंध बच्चों की बलि से था। इस पर चैटबॉट ने यह बताना शुरू किया कि मानव मांस को कहां से काटना है व तेज धार वाले ब्लेड का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। साथ ही मानव शरीर पर चीरा लगाते समय शांत रहने के तरीके भी बताए। इसके लिए सांस को संयमित रखने की सलाह दी।

    मारने से पहले क्षमा मांगने की सलाह

    किसी की हत्या के बारे में पूछे जाने पर, चैटजीपीटी ने पहले तो कभी-कभी हां, कभी-कभी ना में जवाब दिया। उसके बाद बताया कि किसी व्यक्ति को सम्मानपूर्वक तरीके से कैसे मारा जा सकता है।

    खतरनाक कृत्यों को बढ़ावा दिया

    चैटबॉट ने सवाल करने वाले को खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए यह कहकर उकसाया भी कि...आप यह कर सकते हैं। चैटबॉट ने खुद को मात्र सूचना देने वाले एक उपकरण के रूप में नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक गुरु के रूप में पेश किया।

    दोनों संस्करणों में हालात चिंताजनक

    न्यूज पोर्टल के कई कर्मचारियों ने चैटजीपीटी के मुफ्त और शुल्कवाले दोनों संस्करणों से इस तरह के सवाल किए और हर बार चिंताजनक जवाब मिले। इससे ओपनएआई की सामग्री मॉडरेशन प्रणालियों में व्यवस्थित विफलताओं का संकेत मिलता है। चैटजीपीटी इकलौता एआई उपकरण नहीं है, जिसमें यह समस्या सामने आई है। गूगल के जेमिनी और एनल मस्क के ग्रोक के साथ भी ऐसा ही है।

    शीशे पर खूनी पंजे का छाप छोड़ने को कहा

    धार्मिक अनुष्ठान के बारे में सवाल पर चैटजीपीटी द राइट ऑफ दे एज के माध्यम से निर्देश देने के लिए तैयार हो गया। इसमें बलि वाले अनुष्ठान के बारे जानकारी देने के साथ ही खून से सने पंजे का छाप शीशे पर उतारने का सुझाव भी दिया। उल्टे क्रॉस के साथ वेदी बनाने की पेशकश भी की और बार-बार विशिष्ट वाक्यांश टाइप करने के लिए कहा।