CERT-In ने जारी की चेतावनी: इन एप्स में मिला सुरक्षा खामियों का बड़ा खतरा, कैसे करें बचाव? जानें जरूरी सलाह
CERT-In ने मोजिला फायरफॉक्स, थंडरबर्ड में सुरक्षा खामियों को लेकर चेतावनी जारी की है। इस एडवाइजरी में इन सॉफ्टवेयर के प्रभावित वर्जन से जुड़े संभावित जोखिमों के प्रति आगाह किया गया है। जानें, इन खामियों से क्या खतरा हो सकता है और अपने डेटा व डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए कौन-से कदम उठाने चाहिए।

विस्तार
देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने चेतावनी दी है कि मोजिला फायरफॉक्स, थंडरबर्ड और जूम जैसे एप्स में कुछ तकनीकी कमियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स आपके डिवाइस और डेटा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, इससे घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, आपको बस अपने फोन या लैपटॉप में इन एप्स का वर्जन चेक करना है और इन्हें तुरंत इनके लेटेस्ट ऑफिशियल अपडेट के साथ अपडेट कर लेना है। एप्स को हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या एप स्टोर से ही अपडेट करें, ताकि आपका सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित रहे।
किन सॉफ्टवेयर को लेकर जारी हुई चेतावनी?
इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने इसे लेकर दो अलग-अलग एडवाइजरी जारी की है। साथ ही इनसे बचने की सलाह भी दी है। इनमें मोजिला के दो सॉफ्टवेयर और जूम शामिल हैं।
- मोजिला फायरफॉक्स:इंटरनेट ब्राउजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला वेब ब्राउजर।
- मोजिला थंडरबर्ड: ईमेल भेजने, पाने और मैनेज करने वाला एप।
- जूम:वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन वर्क के लिए इस्तेमाल होने वाला सॉफ्टवेयर।
- इन सॉफ्टवेयर के कुछ वर्जन में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाकर साइबर हमलावर सिस्टम की सुरक्षा को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।
सुरक्षा खामियों से क्या खतरा हो सकता है?
- सॉफ्टवेयर में मौजूद वल्नरेबिलिटीज यानी सुरक्षा कमजोरियां हमलावरों के लिए सिस्टम तक पहुंचने का रास्ता बन सकती हैं। इनका संभावित असर संबंधित खामी और इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर के वर्जन पर निर्भर करता है।
- ऐसी कमजोरियों का फायदा उठाकर हमलावर यूजर्स की निजी जानकारी तक पहुंचने, सिस्टम पर अनऑथराइज कोड चलाने या डिवाइस पर अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।
- हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि फायरफॉक्स, थंडरबर्ड या जूम इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति प्रभावित हो चुका है। इसमें जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि यूजर कौन-सा वर्जन इस्तेमाल कर रहा है और संबंधित खामी का फायदा उठाया जा सकता है या नहीं।
यूजर्स अपने डेटा को कैसे सुरक्षित रखें?
इन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल बंद करने की जरूरत नहीं है। सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी कदम यह है कि यूजर प्रभावित वर्जन की पहचान करे और उपलब्ध सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करे।
1. सॉफ्टवेयर को अपडेट करें
फायरफॉक्स, थंडरबर्ड या जूम में अपडेट चेक करें। अगर नया सिक्योरिटी अपडेट उपलब्ध है, तो उसे इंस्टॉल करें। अपडेट से पहले संबंधित एडवाइजरी में दिए गए निर्देश जरूर पढ़ें।
2. अपने सॉफ्टवेयर का वर्जन जांचें
एप के एडोब या वर्जन सेक्शन में जाकर पता करें कि आपके डिवाइस पर कौन-सा वर्जन इंस्टॉल है। फिर उसे CERT-In की एडवाइजरी में बताए गए प्रभावित वर्जन और फिक्स की जानकारी से मिलाएं।
3. अपडेट आधिकारिक स्रोत से डाउनलोड करें
सॉफ्टवेयर अपडेट करने के लिए एप के आधिकारिक अपडेट विकल्प, उसकी आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय एप स्टोर का इस्तेमाल करें। अनजान वेबसाइट्स से अपडेट डाउनलोड करने से बचें।
4. अपडेट के बाद जरूरी निर्देशों का पालन करें
अपडेट इंस्टॉल होने के बाद अगर एप रीस्टार्ट करने या कोई अतिरिक्त कदम उठाने के लिए कहता है, तो निर्देशों का पालन करें।
5. ऑफिस के डिवाइस पर IT टीम से संपर्क करें
अगर आप कंपनी के लैपटॉप या फोन पर इन एप्स का इस्तेमाल करते हैं और खुद अपडेट नहीं कर सकते, तो अपनी IT टीम से संपर्क करें। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि डिवाइस पर जरूरी सुरक्षा अपडेट लागू हैं।
यूजर्स को क्या दी गई सलाह?
सीईआरटी-इन ने चेतावनी दी है कि ऐसे संकेत को नजरअंदाज न करें। अपने सॉफ्टवेयर का वर्जन जांचें और आधिकारिक सुरक्षा अपडेट इंस्टॉल करें। प्रभावित वर्जन, जोखिम की गंभीरता और समाधान की पुष्टि के लिए CERT-In की संबंधित एडवाइजरी देखें।