एंड्रॉयड यूजर्स के लिए CERT-In की क्रिटिकल चेतावनी: एंड्रॉयड 14 से 17 वाले फोन पर खतरा, अभी करें ये काम

कुलदीप शर्मा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुलदीप शर्मा
Fri, 06 Nov 2026 05:24 PM IST
सार
  • सरकारी एजेंसी ने एंड्रॉयड फोन के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
  • कहीं आपका एंड्रॉयड फोन भी निशाने पर तो नहीं है।
  • फोन की एक छोटी सी तारीख बताएगी कि आप सुरक्षित हैं या नहीं।
  • एक आसान सेटिंग आपको बड़े खतरे से बचा सकती है।
CERT In Critical Warning for Android 14 to 17 Users How to Check and Install the November Security Update
प्रतीकात्म इमेज - फोटो : Amar Ujala Digital

    विस्तार

    भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए क्रिटिकल यानी सबसे गंभीर श्रेणी की चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने 4 नवंबर 2026 को यह एडवाइजरी जारी की, जिसमें एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम की कई खामियों की जानकारी दी गई है। एजेंसी के मुताबिक इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हैकर किसी डिवाइस पर ज्यादा अधिकार हासिल कर सकते हैं, संवेदनशील डेटा निकाल सकते हैं, नुकसानदेह कोड चला सकते हैं या फोन को ठप भी कर सकते हैं। यह चेतावनी आम यूजर्स के साथ-साथ उन संस्थाओं के लिए भी है जो इन वर्जन वाले डिवाइस इस्तेमाल करती हैं।

    CERT-In के नोट कौन से वर्जन का जिक्र?

    सीईआरटी-इन के नोट में एंड्रॉयड 14, 15, 16, 16 QPR2 और 17 का जिक्र है। खामियां एंड्रॉयड के फ्रेमवर्क और सिस्टम जैसे हिस्सों में बताई गई हैं। हालांकि इन वर्जन पर चल रहे हर फोन पर हर खामी का असर हो, यह जरूरी नहीं है। खतरा इस पर निर्भर करता है कि आपके फोन का सॉफ्टवेयर बिल्ड क्या है, सिक्योरिटी पैच कौन सा है और कंपनी ने जरूरी फिक्स भेजे हैं या नहीं। एडवाइजरी यह भी साफ करती है कि यह सिर्फ संभावित नुकसान की जानकारी है। इसमें यह दावा नहीं है कि सभी फोन हैक हो चुके हैं या हर खामी का इस्तेमाल अभी हो रहा है।

    गूगल ने भी जारी किया था एंड्रॉयड सिक्योरिटी बुलेटिन

    गूगल ने भी 2 नवंबर को नवंबर 2026 का एंड्रॉयड सिक्योरिटी बुलेटिन जारी किया है, जिसमें एंड्रॉयड रनटाइम, फ्रेमवर्क और सिस्टम जैसे कई हिस्सों की गड़बड़ियां गिनाई गई हैं। इनमें से कुछ सबसे गंभीर खामियां ऐसी हैं, जिनके जरिए दूर बैठे हमलावर कोड चला सकते हैं और इसके लिए न अतिरिक्त अधिकार चाहिए, न यूजर को कुछ करना पड़ता है। गूगल ने दो पैच लेवल तय किए हैं, 1 नवंबर और 5 नवंबर 2026। जिस फोन में 1 नवंबर या उससे नया पैच है, उसमें पहले लेवल के फिक्स शामिल हैं। 5 नवंबर या उससे नए पैच वाले फोन में अतिरिक्त फिक्स भी मिलते हैं। यानी सिर्फ एंड्रॉयड वर्ज़न देखकर फोन के सुरक्षित होने का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, सिक्योरिटी पैच की तारीख असली पैरामीटर है।

    अपने फोन को कैसे करें चेक?

    • फोन में सेटिंग्स एप ओपन करें।
    • सिस्टम या सॉफ्टवेयर अपडेट पर टैप करें।
    • चेक फॉर अपडेट पर क्लिक करें।
    • अपडेट दिखे तो उसे डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
    • जरूरत पड़े तो फोन रीस्टार्ट कर लें।
    • सेटिंग्स में 'अबाउट फोन' और फिर 'एंड्रॉयड वर्ज़न' में जाएं।
    • मेन्यू के नाम कंपनी के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं, पर तरीका लगभग यही रहता है।

    इन ऑप्शन पर दें ध्यान

    अगर आपके फोन तक अभी नवंबर का अपडेट नहीं पहुंचा है, तो घबराएं नहीं, क्योंकि हर कंपनी अपने मॉडल और पॉलिसी के हिसाब से अपडेट अलग समय पर भेजती है। निर्माता की आधिकारिक सपोर्ट वेबसाइट या सेटिंग्स का अपडेट सेक्शन देखते रहें। अनजान वेबसाइट से फर्मवेयर डाउनलोड न करें और खुद से कोई अनऑफिशियल सॉफ्टवेयर न डालें। संदिग्ध लिंक, अनजान APK फाइल और अनजान स्रोत के ऐप से भी दूर रहें। गूगल प्ले प्रोटेक्ट चालू रखें, लेकिन यह सिस्टम अपडेट की जगह नहीं ले सकता। कंपनियां और दफ्तर, जो एंड्रॉयड फोन-टैबलेट मैनेज करते हैं, उन्हें भी पैच जल्द लगाने चाहिए, वरना कारोबारी डेटा और अंदरूनी सिस्टम खतरे में पड़ सकते हैं।