चाइनीज टेलीकॉम कंपनियों पर जल्द हो सकती है सर्जिकल स्ट्राइक

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 17 Dec 2020 04:02 PM IST
Cabinet approved the National Security Directive on Telecommunication Sector preparing to ban Chinese telecom venders
zte huawei - फोटो : Amar Ujala

    कैबिनेट ने बुधवार को एक कमिटी बनाई है जो टेलीकॉम क्षेत्र में खरीदे जाने वाले डिवाइस और तमाम वेंडरों को अंतिम रूप देगी। राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कमिटी ऐसे स्रोतों की सूची भी तैयार करेगी जिनसे कोई खरीद नहीं होगी। चीन से मौजूदा तनातनी के बीच सरकार चीन से जुड़े वेंडर्स को ब्लैकलिस्ट कर सकती है। सरकार पहले ही कई चीनी एप को देश में प्रतिबंधित कर चुकी है। कमिटी टेलीकॉम नेटवर्क के लिए भरोसेमंद वेंडर और प्रोडक्ट की लिस्ट जारी करेगी।

    इसी लिस्ट के हिसाब से डिवाइस से लेकर तमाम टेलीकॉम से जुड़ी चीजों की खरीद होगी। टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए अहम फैसला है। कमिटी के अध्यक्ष डिप्टी एनएसए होंगे और इसमें संबंधित मंत्रालयों के सदस्यों के अलावा टेलीकॉम इंडस्ट्री से दो मेंबर और एक एक्सपर्ट होंगे। इस कमिटी को टेलीकॉम पर राष्ट्रीय सुरक्षा समिति कहा जाएगा। सूत्रों के अनुसार अगले सात दिन के अंदर कमिटी से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

    कमिटी ऐसे समय में बनाई गई है जब टेलीकॉम क्षेत्र में चीनी दखल और इसे लेकर सुरक्षा की आशंका पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका सहित कई यूरोपीय देशों ने पहले ही टेलीकॉम सेक्टर में चीनी दखल को रोकने के लिए कई तरह के सख्त कदम उठाए हैं।

    बता दें कि कैबिनेट ने स्पेक्ट्रम नीलामी के नए दौर को मंजूरी दे दी है। नीलामी की शर्त 2016 के मुताबिक ही होगी और नीलामी मार्च में होगी। इसमें कुल 2.251 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी की बिक्री की जाएगी, हालांकि इसमें 5जी नहीं है। बताया जा रहा है कि इससे सरकार को लगभग 4 लाख करोड़ की कमाई होने की उम्मीद है। वहीं, सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस नीलामी के बारे में पूरी जानकारी एक हफ्ते में जारी की जाएगी।

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