Apple देगी iPhone यूजर्स को पैसे: एपल को भ्रामक दावे करना पड़ा महंगा, अब लौटाने होंगे 2,085 करोड़ रुपए
Apple Intelligence Lawsuit:
आईफोन 16 के लॉन्च के समय 'Apple Intelligence' फीचर्स को लेकर किए गए बड़े-बड़े वादे अब एपल को भारी पड़े हैं। इन भ्रामक दावों पर हुए एक मुकदमे को निपटाने के लिए कंपनी ने 250 मिलियन डॉलर या भारतीय रुपए में कहें तो 2,085 करोड़ का समझौता किया है। इस फैसले के बाद, कुछ खास आईफोन मॉडल्स का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को कंपनी की तरफ से पैसे दिए जाएंगे। आइए विस्तार से समझते हैं यह पूरा मामला क्या है।

विस्तार
एपल अपने कुछ आईफोन यूजर्स को पैसे देने जा रही है। कंपनी ने एक मुकदमे (क्लास-एक्शन लॉसूट) को खत्म करने के लिए 250 मिलियन डॉलर (2,085 करोड़ रुपए) का समझौता किया है। एपल पर आरोप था कि उसने 2024 में आईफोन 16 की लॉन्चिंग के समय एपल इंटेलिजेंस को लेकर ग्राहकों को गुमराह किया था। आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और इस समझौते का फायदा किसे मिलेगा।
क्या था पूरा मामला?
यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब पीटर लैंडशेफ्ट नामक व्यक्ति ने साल 2024 में कैलिफोर्निया की एक अमेरिकी अदालत में एपल के खिलाफ मुकदमा दायर किया। इस मुकदमे का मुख्य आधार WWDC 2024 इवेंट के दौरान एपल के जरिए किए गए वे बड़े-बड़े वादे थे। इनमें दावा किया गया था कि आईफोन 16 सीरीज के साथ यूजर्स को एक क्रांतिकारी 'एपल इंटेलिजेंस' और पहले से कहीं अधिक पर्सनलाइज्ड 'Siri' का अनुभव मिलेगा।
एपल के इन लुभावने विज्ञापनों ने ग्राहकों के मन में बहुत ऊंची उम्मीदें जगा दी थीं, लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। जब 2024 के अंत में आईफोन 16 सीरीज बाजार में आई तो ग्राहकों ने पाया कि प्रचारित किए गए एआई फीचर्स या तो बेहद सीमित थे या पूरी तरह से नदारद थे। मुकदमे में आरोप लगाया गया कि एपल ने अपने फीचर्स की असल उपयोगिता और परफॉरमेंस को लेकर उपभोक्ताओं को गुमराह किया है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि नई और बेहतर सिरी के फीचर्स इस साल के अंत तक पेश किए जा सकते हैं।
कंपनी ने अपनी सफाई में क्या कहा?
इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए एपल ने अपनी कोई गलती या दोष सीधे तौर पर स्वीकार नहीं किया है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया को खत्म करने के लिए समझौते का रास्ता चुना है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि उन्होंने दो अतिरिक्त फीचर्स की उपलब्धता से जुड़े दावों को सुलझाने के लिए यह सेटलमेंट किया है। ताकि वे अपना पूरा ध्यान बेहतरीन और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स एवं सर्विसेज तैयार करने पर लगा सकें।
अपनी सफाई में एपल ने इस बात पर भी जोर दिया कि उसने अपने वादे के मुताबिक कई एडवांस एआई फीचर्स पहले ही पेश कर दिए हैं। इनमें विजुअल इंटेलिजेंस, लाइव ट्रांसलेशन, राइटिंग टूल्स, जेनमोजी और क्लीन अप जैसे टूल्स शामिल हैं।
किसे मिलेगा इस सेटलमेंट का फायदा?
इस सेटलमेंट का लाभ केवल उन ग्राहकों को मिलेगा जिन्होंने एक निश्चित समय सीमा के भीतर अमेरिका (यूएस) में एपल इंटेलिजेंस को सपोर्ट करने वाला आईफोन खरीदा है। पात्रता की शर्तों के अनुसार, अगर आपने 10 जून 2024 से 29 मार्च 2025 के बीच आईफोन 15 प्रो, 15 प्रो मैक्स या फिर आईफोन 16 सीरीज का कोई भी मॉडल (आईफोन 16, 16e, 16 प्लस, 16 प्रो, 16 प्रो मैक्स) खरीदा है तो आप इस मुआवजे के हकदार हो सकते हैं। ध्यान देने वाली मुख्य बात यह है कि यह डिवाइस अनिवार्य रूप से अमेरिका में ही खरीदा गया होना चाहिए। तभी आप इस समझौते के तहत अपना दावा पेश कर पाएंगे।
कितने पैसे मिलेंगे?
मुआवजे की राशि को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि इसके लिए सफलतापूर्वक दावा करने वाले प्रत्येक योग्य यूजर को प्रति डिवाइस $25 (लगभग 2,380 रुपये) दिए जाएंगे। हालांकि, यह राशि अंतिम नहीं है, अगर क्लेम करने वाले लोगों की कुल संख्या कम रहती है तो प्रति व्यक्ति मिलने वाला यह मुआवजा बढ़कर $95 (लगभग 9,050 रुपये) तक भी जा सकता है। फिलहाल इस समझौते को प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है और पात्र यूजर्स को अगले 45 दिनों के भीतर ईमेल के जरिए विस्तृत निर्देश भेज दिए जाएंगे।
आगे क्या होगा?
इस समझौते को कोर्ट से शुरुआती मंजूरी मिल गई है, लेकिन अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है। जिन यूजर्स को पैसे मिलने हैं, उन्हें अगले 45 दिनों के अंदर ईमेल के जरिए इसकी जानकारी दे दी जाएगी।
क्यों शुरू हुआ था विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब मॉर्गन स्टेनली के एक सर्वे में यह बात सामने आई कि आईफोन खरीदने की इच्छा रखने वाले ग्राहकों के लिए 'एडवांस सिरी' सबसे आकर्षक फीचर था। इसी मांग को भुनाने के लिए एपल ने 2024 में एक व्यापक विज्ञापन अभियान चलाया और इन एआई क्षमताओं का जमकर प्रचार किया। हालांकि, फोन बिकने के बाद कंपनी ने अचानक इन फीचर्स की लॉन्चिंग को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया और अपने विज्ञापनों को भी वापस ले लिया।
इससे उन ग्राहकों को ठगा हुआ महसूस हुआ जिन्होंने सिर्फ इसी फीचर के भरोसे नया फोन खरीदा था। फिलहाल, कंपनी इस मामले को समझौते के जरिए शांत करने की कोशिश कर रही है। लेकिन इस पर आखिरी मुहर 17 जून, 2026 को लगेगी। जब उत्तरी कैलिफोर्निया के फेडरल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की जज नोएल वाइज इस पर अपनी अंतिम सुनवाई करेंगी।