AI Bots: इंटरनेट पर खत्म होगा इंसानों का राज, 2027 तक मशीनी 'बॉट्स' का हो जाएगा कब्जा, सीईओ ने दी चेतावनी
क्लाउडफ्लेयर के सीईओ मैथ्यू प्रिंस ने चेतावनी दी है कि 2027 तक इंटरनेट ट्रैफिक के मामले में एआई बॉट्स इंसानों को पीछे छोड़ देंगे। जेनरेटिव एआई के कारण बॉट्स की संख्या में भारी उछाल आया है, जो भविष्य में इंटरनेट के बुनियादी ढांचे और इसके इस्तेमाल के तरीके को पूरी तरह बदल देगा।

विस्तार
क्या आप जानते हैं कि आने वाले समय में इंटरनेट पर आपके मुकाबले मशीनी प्रोग्राम ज्यादा सक्रिय होंगे? क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare) के सीईओ मैथ्यू प्रिंस ने एक सम्मेलन में चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनके मुताबिक, साल 2027 तक इंटरनेट का अधिकांश ट्रैफिक इंसानों के बजाय एआई बॉट्स द्वारा पैदा किया जाएगा।
मैथ्यू ने समझाया कि जेनरेटिव एआई के आने से इन बॉट्स की ताकत और संख्या दोनों बढ़ गई है। उदाहरण के तौर पर, अगर एक इंसान को कोई सामान खरीदना हो, तो वह 3-4 वेबसाइट चेक करता है। लेकिन एक एआई सिस्टम उसी काम के लिए पल भर में हजारों वेब पेज खंगाल डालता है। इससे इंटरनेट पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
20% से 50% के पार का सफर
एआई के दौर से पहले इंटरनेट पर बॉट्स की हिस्सेदारी करीब 20% थी। इसमें गूगल जैसे सर्च इंजनों के क्रॉलर्स या फिर साइबर हमलावर शामिल होते थे। लेकिन अब एआई को ट्रेनिंग देने और डेटा जुटाने की बढ़ती होड़ ने इस तस्वीर को बदल दिया है। अब इंटरनेट पर बॉट्स की हिस्सेदारी 50% के पार जा चुकी है। प्रिंस ने इसकी तुलना कोविड-19 महामारी के दौरान अचानक बढ़े इंटरनेट ट्रैफिक (जैसे नेटफ्लिक्स और यूट्यूब का बढ़ा इस्तेमाल) से की, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि यह बदलाव अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव जरूरी
इस बढ़ते बोझ को संभालने के लिए दुनिया को बड़े डेटा सेंटर्स और फिजिकल सर्वर की जरूरत होगी। प्रिंस ने सैंडबॉक्स (Sandboxes) जैसी तकनीक का सुझाव दिया है, जहां एआई एजेंट रिसर्च या ट्रिप प्लानिंग जैसे काम सुरक्षित तरीके से कर सकें।
यह साफ है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि एक बड़ा बदलाव है जो भविष्य में हमारे सूचना पाने और इंटरनेट इस्तेमाल करने के अंदाज को हमेशा के लिए बदल देगा।
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