बच्चों के गंदे वीडियो देखने पर 5,000 का जुर्माना और 7 साल की जेल

सरकार ने बच्चों के अश्लील वीडियो (चाइल्ड पॉर्नोग्राफी) को लेकर कड़ा कदम उठाया है। यदि आपको भी बच्चों के गंदे वीडियो ऑनलाइन या डीवीडी के माध्यम से देखने या सेव करके रखने की आदत है तो इसे छोड़ दीजिए, क्योंकि चाइल्ड पॉर्नोग्राफी देखने के जुर्म में आपको पांच साल तक की सजा और भारी-भरकम जुर्माना भी देना पड़ सकता है। हालांकि सरकार का यह फैसला चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए है।
क्या-क्या है नए कानून में और क्या-क्या हैं सजा के प्रावधान

वैसे तो लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के अंतर्गत इस प्रस्तावित संशोधन को लागू नहीं किया गया है। इस कानून को मंजूरी मिलना अभी बाकी है। इस कानून के लागू हो जाने के बाद चाइल्ड पोर्नोग्राफी की सामग्री को रखना, देखना और इस तरह की सामग्री को रखना, उसका संग्रहण करना या वितरण करने की वजह से कड़ी सजा मिल सकती है। दोषियों को भारी जुर्माना देने के साथ ही पांच साल तक की सजा मिल सकती है। इस अपराध को गैर जमानती अपराध माना जाएगा। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर आरोपी को सात साल तक जेल भी हो सकती है। माना जा रहा है इस कानून को अगले सप्ताह तक मंजूरी मिल जाएगी।
यह संशोधन पॉक्सो अधिनियम की धारा 14 के तहत उस तरह के किसी शख्स पर कम से कम 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा जो बच्चों से जुड़ी किसी भी तरह की अश्लील सामग्री रखता है या उनका संग्रह करता है और इसे डिलीट नहीं करता है। यदि कोई शख्स दोबारा इस तरह के अपराध में संलिप्त पाया जाता है तो उसे 5000 रुपये का जुर्माना देना होगा।