ब्लू टिक: कुछ लोगों को अभी तक क्यों नहीं मिला वेरिफिकेशन का विकल्प, कंपनी ने दिया यह जवाब

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 09 Jul 2021 04:58 PM IST
सार

ट्विटर ने ट्वीट्स, ईमेल और मीडिया में टीम द्वारा देखे गए इन बार-बार पूछे गए सवालों को सीधे प्रोडक्ट टीम और पॉलिसी के लिए जिम्मेवार विशेषज्ञों के सामने रखने के लिए एक स्पेस होस्ट किया था। स्पेस को ट्विटर कम्युनिकेशंस टीम, बी बायर्न (@iamb) और रयान कोलैडो (@rycollad2), ने होस्ट किया।

Twitter Verification Application Process Why some user not getting option to verify all you need to know
Twitter Verification - फोटो : twitter

    विस्तार

    ट्विटर ने हाल ही में तीन साल बाद ब्लू टिक वेरिफिकेशन को शुरू किया है। एप में यूजर्स को वेरिफिकेशन का विकल्प दिख रहा है जिसके बाद अप्लाई करना होता है। ट्विटर की नई वेरिफिकेशन बीच में कुछ दिनों के लिए बंद भी हुई थी, हालांकि इसे फिर से शुरू भी कर दिया गया है। कई लोगों का अकाउंट वेरिफाई भी हो गया है लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अभी तक वेरिफिकेशन का विकल्प भी एप में नहीं दिख रहा है। अब ट्विटर ने इस सवाल का जवाब दे दिया है।

    ट्विटर ने ट्वीट्स, ईमेल और मीडिया में टीम द्वारा देखे गए इन बार-बार पूछे गए सवालों को सीधे प्रोडक्ट टीम और पॉलिसी के लिए जिम्मेवार विशेषज्ञों के सामने रखने के लिए एक स्पेस होस्ट किया था। स्पेस को ट्विटर कम्युनिकेशंस टीम, बी बायर्न (@iamb) और रयान कोलैडो (@rycollad2), ने होस्ट किया। इस स्पेस में सारा हुसैन (@SarahHusain16) भी शामिल थीं, जिन्होंने पॉलिसी लिखने में मदद की थी।

    एक महीना पहले लॉन्च होने के बावजूद भी कुछ लोगों को एप में वेरिफिकेशन का विकल्प क्यों नहीं दिख रहा है ?

    रयान कोलैडो :

    ट्विटर में हमलोग आमतौर पर एक क्रम में नए फीचर्स आरम्भ करते हैं, जिससे हमें फीडबैक प्राप्त करने और आगे बढ़ते हुए समस्याओं को ठीक करने का अवसर मिलता है। आज से हमने लॉन्च होने के बाद से लगभग 50 फीसदी ग्राहकों के लिए एप्लीकेशन आरम्भ किया है, साथ-साथ हमें ढेरों फीडबैक मिले हैं और फिलहाल हम अनेक ज्ञात समस्यायों को दूर करने की प्रक्रिया में हैं, और फिर से शुरू करने के पहले हम उनमें से अनेक के बारे में बातें करेंगे। आशा है कि बहुत जल्द ही हर किसी को एप्लीकेशन का नया अपडेट प्राप्त हो जाना चाहिए।

    स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्ट करने वाले छोटे-मोटे प्रकाशनों के पत्रकार भी है। पूरे एशिया प्रशांत के विभिन्न देशों में पत्रकार अनेक भाषाओं में रिपोर्ट करते हैं। अगर ये प्रकाशन पालिसी में उल्लिखित अंतरराष्ट्रीय मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं, तो क्या होगा? क्या इन रिपोर्टरों को योग्य माना जाएगा?

    बी रयान :

    यहां बात करने लायक दो मुद्दे हैं। पहला यह कि अनेक पत्रकार अपने वेरिफिकेशन एप्लीकेशनों में तकनीकी या छोटी-मोटी समस्याओं के कारण वंचित हो जा रहे हैं, न कि इसलिए कि वे उल्लेखनीय नहीं हैं। विशेषकर पॉलिसी में हमारी अपेक्षा है कि पत्रकार अपना बायो प्रकाशन के साथ लिंक करें। अनेक पत्रकारों के बायो में लिंक नहीं होता और इस कारण उनका रिजेक्शन हो जाता है।

    प्रश्न का दूसरा बिंदु है कि हम संगठन के लिए लिखने वाले वैसे पत्रकारों को मंजूर करते हैं जो ट्विटर पर वेरिफाइड हों, इसलिए पत्रकारों के पहले प्रकाशक या आउटलेट का वेरिफाई होना अति आवश्यक है। बेशक, अगर वे स्वतन्त्र लेखक के रूप में लिख रहे हैं तो वे अनेक अलग-अलग स्रोतों से लिंक शेयर कर सकते हैं, जिनके लिए वे लिखते रहे हैं। लेकिन अगर खुद आउटलेट ही प्रसिद्ध नहीं है, तब हम पत्रकारों के लेखन पोर्ट को उल्लेखनीय नहीं मानते हैं।

    हम देख रहे हैं कि कुछ पत्रकार वेरिफाई होने की सभी पात्रता तो रखते हैं, लेकिन रिजेक्ट कर दिए गए हैं। कृपया घटना को हमारे साथ शेयर करें, या आप कुछ सुझाव भी दे सकते हैं कि वे यह कैसे सुनिश्चित करें ताकि वेरिफाई हो सकें।

    रयान कोलैडो :

    किसी पत्रकार का आवेदन नामंजूर होने का सबसे आम कारण वेरिफिकेशन के लिए शर्तों को पूरा नहीं कर पाना भर होता है। कोई पत्रकार के लिए केवल एप्लिकेशन फाइल करने के लिए भी दो चीजों का व्यवस्थित होना जरूरी होता है। एक वे किसी वेरिफाइड समाचार संस्था द्वारा नियुक्त किए गए हों और दूसरा उन्हें अपने प्रोफाइल में उस समाचार संगठन और उसके आधिकारिक वेबसाइट का सन्दर्भ अवश्य देना चाहिए। अधिकतर लोग की ई-मेल आईडी में फर्क हो रहा है।

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